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Atisārapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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40. Atisārapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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गुदपाक में निर्दिष्ट चिकित्सा है -
Treatment indicated in gudapāka is -

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सुश्रुत अनुसार किस प्राणी के मांस व रक्त का प्रयोग मलक्षय की चिकित्सार्थ करना चाहिए ?
According to Sushrut, mānsa and rakta of which animal is used in the treatment of malaksaya ?

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प्रवाहतोSल्पं बहुशो मलाक्तं किस व्याधि का विशिष्ट लक्षण है ?
"Pravāhato alpam bahusho malāktam" is the specific symptom of which disease ?

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सुश्रुत ने ग्रहणी का वर्णन किस अध्याय के अन्तर्गत किया है ?
Sushrut has described grahanī in which chapter ?

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उद्गीरेच्छुक्ततिक्ताम्ललोहधूमामगन्धिकं किस व्याधि का लक्षण है ?
"Udgīrechchutiktamlalohadhūmāmagandhikam" is the symptom of which disease ?

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पक्वातिसार में बार बार मल की प्रवृति होने पर करना चाहिए ?
What should be done if there is continuous discharge of stool in pakvātisāra ?

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सुश्रुत मतानुसार समसन्निपतिक अतिसार में प्रथमतः किसकी चिकित्सा करनी चाहिए ?
According to Sushruta, treatment of which of the following should be done initially in Samasannipātika Atisāra ?

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सुश्रुतानुसार चांगेरी घृत हितकारी होता है
According to Sushrut, chāngerī ghruta is beneficial in -
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सुश्रुत के अनुसार आमातिसार में प्रथम चिकित्सा है -
According to Sushrut, primary treatment in āmātisār is -

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अवेदनं सुसम्पक्वं दीप्ताग्ने: सुचिरोत्थितं इस अवस्था में क्या चिकित्सा करनी चाहिए ?
"Avedanam susampakvam dīptāgneah suchirotthitam" in this condition what treatment should be done ?

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एक व्यक्ति शूल के साथ बहुत बार कठिनाई से मल त्यागता है , तो ऐसे रुग्ण के सञ्चित हुए आमादि दोषो को किस औषध द्वारा निकाल देना चाहिए ?
A person defecate many times with difficulty and pain, in such patient, the Āma Dosha accumulated in the body, are expelled out with the drug

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पक्वं वा सरुजं पूति मुहुर्बद्धं मुहुर्द्रवं' किस व्याधि के सन्दर्भ में कहा गया है ?
Pakvam vā sarujam pūti muhurbaddham muhurdravam" is said in relation to which disease ?
ed

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यथोक्तं उपवासान्ते यवागुश्च प्रशस्यते किस अतिसार का चिकित्सा सूत्र है ?
"Yathoktam upavāsānte yavāgushcha prashasyate" is the chikitsā sutra of which atisāra ?

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बालक एवं वृद्धो में उत्पन्न सन्निपातिक अतिसार की साध्यासाध्यता होती है -
Sādhyasādhyatā of sannipātaja atisāra in children and old age is -

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सुश्रुतानुसार सन्निपातज अतिसार में प्रयुक्त घृत है -
According to Sushrut, ghruta used in sannipātaj atisār is -

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वेगवन् मांसतोयप्रख्यं भिन्नं किस अतिसार का लक्षण है ?
"Vegavan mānsatoyaprakhyam bhinnam" is the symptom of which atisāra ?

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चाङ्गेरी घृत का रोगाधिकार है ?
Rogādhikāra of Chāngerī ghruta is ?

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पाठा मुस्तं हरिद्रे द्वे पिप्पली कौटजं फलं इस योग का क्वाथ निर्माण कर सेवन करने से किस अतिसार का नाश होता है ?
"Pāthā mustam haridre dve pippalī kautajam phalam" intake of this yoga by forming kwātha destroys which atisāra ?

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सर्वथा ........ सर्व ग्रहणी रोगिणा हितं। रिक्त स्थान की पूर्ति करे
" Sarvathā.........sarva grahanī roginā hitam ।" fill in the blanks

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मुस्ता कषाय का प्रयोग किस अतिसार में करना चाहिए ?
Mustā kashāya should be used in which atisāra ?

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प्रवाहणे गुदभ्रंशे मूत्रघाते कटिग्रहे इस अवस्था में किस बस्ति का प्रयोग करना चाहिए ?
"Pravāhane gudabhranshe mūtraghāte katigrahe" in this condition which basti is used ?

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बलक्षयोSरुचि: कास: कर्णक्ष्वेडोSन्त्रकूजनं किस व्याधि का पूर्वरूप है ?
"Balaksayo aruchi kāsah karnaksvedo antrakūjanam" is the pūrvarōpa of which disease ?

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सुश्रुत अनुसार ग्रहणी का स्थान है -
According to Sushrut, location of grahanī is -

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यस्योच्चारं विना मूत्रं का अभिप्राय है -
Significance of "yasyochhāran vinā mūtram" is -

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दीर्घकाल तक अतिसार से पीड़ित व्यक्ति की गुदा दुर्बल हो जाती है , तो इस अवस्था में किस चिकित्सा का प्रयोग करना चाहिए ?
Rectum of the person becomes weak if he is suffering from chronic diarrhoea, which treatment is suitable in this case

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एक अतिसार का रोगी अपान वायु और मल के अवरोध से पीड़ित है, शूल से दुखी है, उसके मल में रक्त आता है एवं प्यास भी अधिक लगती है , ऐसी अवस्था में वैद्य को चिकित्सार्थ क्या निर्दिष्ट करना चाहिए ?
A patient of Atisāra is suffering due to obstruction of vāyu and mala, is troubled due to pain, there is blood coming in his stool and excessive thirst is there, what should be advised by doctor for its treatment

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रिक्त स्थान भरे - " यथाSमृतं तथा .......अतिसारेषु पूजितम् ।" ( सुश्रुत )
Fill in the blank - "yathā amrutam tathā ....... atisāreshu pūjitam" ( Sushruta )

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सुश्रुत के अनुसार ग्रहणी रोग के भेद हैं
According to Sushrut, types of grahanī are -

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किस लवण का प्रयोग वर्चक्षय में हितकारक है ?
Use of which lavana is beneficial in varchaksaya ?

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षष्ठी पित्तधरा नाम या कला परिकीर्तिता किसके सम्बन्ध में कहा गया है ?
"Shashthī pittadharā nāma yā kalā parikīrtitā" is said in relation to whom ?

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किस आचार्य ने आमज अतिसार का वर्णन किया है ?
Which Āchārya has mentioned Āmaja atisāra ?

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हृदयतोद , नाभितोद , पायुतोद , उदरतोद , कुक्षितोद , अंगावसाद , अनिल सन्निरोध , विटसङ्ग यह लक्षण किसके लिए कहे गए है ?
"Hrudyatoda , nābhitoda , pāyutoda , udaratoda , kukshitoda , angāvasāda , anila sannirodha , vitasanga are symptoms said for which of the following ?

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सर्वथा दीपनं सर्वं ......... रोगिणां हितं
"Sarvathā dīpanam sarvam ....... roginām hitam"

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निम्न में से सुश्रुतोक्त सरक्त पक्वातिसार नाशक योग है -
Of the following, Not a pakvātisāra nāshaka yoga mentioned by Sushrut is -

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लोध्रादि पुटपाक के प्रयोग से किस अतिसार का नाश होता है ?
Which atisāra gets destroyed by the use of lodhrādi putapāka ?
ed

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निम्न में से अतिसार का निदान है -
Of the following, cause of atisār is -

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आमातिसारिणां कार्य्यं नादौ ......... नृणां
"Āmātisārinām kāryyam nādau ........ nrunam"

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अतिसार चिकित्सार्थ सही विकल्प चुनिए - "तत्रादौ ......... कार्यं अतिसारेषु देहिनां | ततः ........ संयुक्तो यवाग्वादि क्रमो हितः"
Select the correct option for treatment of atisāra - "tatrādau ........ kāryam atisāreshu dehinam , tatah ....... sanyukto yavāgvādi kramo hitah"

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काकणन्तीप्रकाशम् किस अतिसार का लक्षण है ?
"Kākantiprakāsham" is the symptom of which atisār ?

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सुश्रुत अनुसार "स्त्रस्तापान" किस अतिसार का लक्षण है ?
According to Sushrut, "strastāpāna" is the symptom of which atisāra ?

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शोकज अतिसार की साध्यासाध्यता हैै - (सुश्रुत)
Sādhyasādhyatā of shokaj atisār is -

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काकणन्तीप्रकाशम् किस अतिसार का स्वरुप है ?
"Kākanantīprakāsham" is the characteristic of which atisāra ?

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शोकजातिसार होता है
Shokaj atisār is -

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सुश्रुत ने प्रवाहिका का कौनसा भेद नहीं माना है ?
Sushrut has not mentioned which type of pravāhikā ?

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तृष्णाSपनयनी लघ्वी दीपनी बस्तिशोधनी किसका गुण है ? ( सुश्रुत )
"Trushnā apanayanī laghvī dīpanī bastishodhanī" is the property of ? ( Sushruta )

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सन्निपातज अतिसार में किस घृत का प्रयोग निर्दिष्ट है ?
Use of which ghrut is indicated in sānnipātaj atisār ?

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सुश्रुतानुसार प्रवाहिका के भेद कितने हैं ?
According to Sushrut, how many types of pravāhikā are there ?

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एक क्षीण व्यक्ति जिसके मल निकलने पर अतिशय आध्मान हो रहा हो, गुदा पक गई हो एवं शरीर ठण्डा पड़ गया हो, ऐसे अतिसारी में क्या चिकित्सा की जानी चाहिए ?
A weak patient who suffers from ādhamāna even on passing stool, there is gudā pāka and his body has become cold, what treatment should be done for such patient suffering from Atisāra

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यदि अतिसार का रोगी थोड़ा थोड़ा तथा अनेक बार , रक्तमिश्रित व शुलयुक्त मल त्यागता है , तो उसके लिए क्या चिकित्सा हितकारक है ?
If the stool excreted by the Atisāra patient is less in quantity and also frequently associated with blood and pain, then which treatment is advisable for him

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सुश्रुत अनुसार "मांसधोवन के समान मल का आना" कौनसे अतिसार का लक्षण है ?
According to Sushruta, "passing of stool similar to Māmsadhovana" is characteristic of which Atisāra ?

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रक्तातिसार में वर्णित मधुकादि योग का अनुपान क्या है ?
What is the anupāna of madhukādi yoga mentioned in raktātisāra ?

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मञ्जिष्ठादि चूर्ण का प्रयोग किस अतिसार में करना चाहिए ?
Use of Manjishthādi chūrna should be done in which atisāra ?

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मञ्जिष्ठाSSभं मस्तुलुंगोपमं वा विस्त्रं शीत प्रेतगन्ध्य अञ्जनाभं निम्न लक्षणों से युक्त अतिसार की साध्यासाध्यता है -
"Manjishthā ābham mastulungopamam vā vistram shīta pretagandhya anjanābham" sādhyasādhyatā of atisāra with these symptoms is -

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सम्पक्वे बहुदोषे च विबन्धे मूत्रशोधनै: इस अवस्था में क्या चिकित्सा करनी चाहिए ?
"Sampakve bahudoshe ch vibandhe mūtrashodhanaih" in this condition what treatment should be done ?

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वेगाशंकी सृष्टविट्कोSपि किस अतिसार का लक्षण है ?
"Vegāsankī srushtavitkō api" is the symptom of which atisāra ?

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हस्तिदन्त्यथ पिप्पल्य: कल्कावक्षसमौ इस योग का वर्णन किस अतिसार की चिकित्सार्थ निर्दिष्ट है ?
"Hastidantyatha pippalyah kalkāvaksasamau" this yoga is mentioned for the treatment of which atisāra ?

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सन्निपातज अतिसार में प्रथमतःकिस दोष की चिकित्सा करनी चाहिए।(सुश्रुत)
Which dosha should be treated first during the treatment of sannipātaja atisāra? (Sushruta)

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भक्तद्वेषी निःस्वनं हृष्टरोमा किस अतिसार का लक्षण है ? ( सुश्रुत )
"Bhaktadveshī nih svanam hrushtaromā" is the symptom of which atisāra ? ( Sushruta )

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संशम्यापां धातुरन्त:कृशानुं वर्चोमिश्रो मारुतेन प्रणुन्न: किस व्याधि की सम्प्राप्ति है ?
"Sanshamyāpām dhāturantahkrushānun varchomishro māruten pranunna"
ed

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. "शकृता यस्तु संसृष्टमतिसार्येत शोणितं। प्राक् पश्चाद्वा पुरीषस्य सरूक् सपरिकर्तिक:" इस अवस्था में किस घृत का प्रयोग करना चाहिए ?
"Shakrutā yastu sansrushtamaptisāryeta shonitam , prāk pashchadva purīshasya sarūk saparikartikah" in this condition which ghruta is used ?

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तन्द्रायुक्तो मोहसादाम्यशोषी वर्च: कुर्यान्नैकवर्णं तृषार्त्त: किस अतिसार का लक्षण है ?
"tandrāyukto mohasādāmyashoshī varchah kuryanaekavarnam trushārtah" is the symptom of which atisāra ?

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अत्याधिक द्रव तथा प्रभूत मलप्रवृत्ति अतिसार में सर्वप्रथम किस क्रिया का निर्देश है ?
In atisār with excess fluid and abundant stool discharge, which kriyā should be primarily ?

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पित्तज अतिसार में आम दोष पाचनार्थ किस रसयुक्त द्रव्यो का प्रयोग करना चाहिए ?
Dravya containing which rasa is used for āma dosha pāchana in pittaj atisāra ?

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सुश्रुतानुसार जो व्यक्ति थोडा थोडा करके रुक रुक के शूल के साथ मल त्याग करता है,उसकी चिकित्सा है
According to Sushruta, the treatment of the patient who defecate in small quantities, and slowly with pain is

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