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Charak Chikitsha Chapter 16 Pandu Chikitsha

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Charak Chikitsha Chapter 15 Grahani Chikitsha

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चरक संहिता मतानुसार, चित्रकादि वटी मुख्य रूप से निर्दिष्ट है -
As per Charaka Samhita, Chitrakadi Vati is mainly indicated in -

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चरक अनुसार ग्रहणी के भेद
Types of grahanī according to charaka are

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भुक्ते अन्ने लभते शान्ति जीर्णमात्रे प्रताम्यति किसका लक्षण है ?
"Bhukte anne labhate shanti jirnamatre pratamyati" is the symptom of ?

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तक्रं तु ग्रहणी दोषे .................. |'
"Takram tu Grahanī doshe........."

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विदाहोSन्नस्य पाकश्च चिरात् कायस्य गौरवं किस व्याधि का पुर्वरूप है
“VidāhoAnnasya pākashcha chirāta kāyasya gauravam” is the pūrvarūpa of which vyādhi

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क्षार गुटिका में सुधाकाण्ड की मात्रा है -
Quantity of sudakanda in kshar gutika is -

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अत्यग्नि का उपद्रव है -
Updrava of atyaagni is -

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अन्नमादानकर्मा तु ....... कोष्ठं प्रकर्षति
"Annamadanakarma tu ........ koshtham prakarshati"

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चरक संहिता में किन दो व्याधियों के लक्षण एक समान बताये गए हैं। निम्न में सही विकल्प चुने।
Which two diseases have similar symptoms in Charaka samhita

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मनसः सदनं लक्षण किस व्याधि में पाया जाता है ?
"Manasah sadanam" is the symptom found in which disease ?

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रस का उपधातु है -
Updhatu of rasa is -

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चरक अनुसार विसूचिका किस ग्रहणी में लक्षण स्वरूप में मिलती है ?
Visūchikā is found as symptom of which type of grahanī

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तस्यान्नं पच्यते दुखं किसका लक्षण है
“Tasyānnam pachyate dukham” is the symptom of

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चंदनाद्य घृत का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of Chandanādhya ghrita

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गृद्धि सर्वरसानां' किस व्याधि का लक्षण है
“Gridhi sarvarasanām” is the symptom of which disease

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शुक्तपाकं खरांगता किस ग्रहणी का लक्षण है
“Shuktapākam kharāngatā” is the symptom of which grahanī

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ग्रहणी स्थित अग्नि दोषो को "ग्रहणी दोष" नाम किसने दिया हैं ?
Grahanī sthita agni dosha are named as "grahanī dosha" by whom

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चरक अनुसार षट त्वचायों की उत्पति होती है -
According to Charaka , six type of skin originates from

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अतिसृष्टम विबद्धम् वा द्रवं किस व्याधि का लक्षण है ?
"Atisrushtam vibaddham va dravam" is the symptom of which disease ?

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शान्तेSग्नौ म्रियते यह श्लोक चरक संहिता के किस अध्याय में उल्लिखित है ?
According to Charaka Samhitā, the verse "Shānte Agnou Mriyate" is mentioned in which chapter ?

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किस व्याधि में यदि अजीर्ण भी हो जाए तो बार बार भोजन देना चाहिए
In which disease food should be given in regularly even if the patient suffers from ajīrna

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चित्रकादि गुटिका का भावना द्रव्य है -
Bhavna dravya of chitrakadi gutika is -

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चतुर्थ क्षार की मात्रा है -
Dose of chaturth kshar is -

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तक्र ग्रहणी में लाभदायक है , क्योंकि -
Takra is very useful in grahani because it is

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चरक ने किस आसव के लिए "रोगनिक विनाशन:" कहा हैं ?
Charaka has said "Roganīka Vināshanah" for which Āsava

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अतिसृष्टं विबद्धम् वा द्रवं तदुपदिश्यते। किस रोग का लक्षण है
“Atisrishtam vibadadham vā dravam tadupdishyate” is the symptom of which disease

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वैरस्य हृतपीड़ाकिस ग्रहणी का लक्षण है
“Vairasya hritapīdā” is the symptom of which grahanī

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पिण्डासव का प्रयोग रसायन रूप में कितने समय तक करने का विधान है
Use of pindāsava as rasāyana has been said for how long

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किस धातु का मल अक्षीविट होता है
Mala of which dhātu is like akshīvita

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हृदयं मन्यते स्त्यानमुदरं किसका लक्षण है
“Hridyam manyate styānamudaram” is the symptom of

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स्नायु एवम् सन्धियों का निर्माण होता है
Snāyu and samdhī are formed from

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भूनिम्बाद्य चूर्ण का प्रयोग किस व्याधि में होता है
Bhūnimbādhya chūrna is used in which disease

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धातुओं का शोषण किस अग्नि द्वारा होता है ?
Dhatu gets exploited due to which agni ?

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अन्नपाचन क्रिया में रसों की उत्पत्ति क्रमशः होती है -
Order of origin of rasa in the process of digestion is -

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जीर्णे जीर्यति चाध्मानं भुक्ते स्वास्थ्यमुपैति किसका लक्षण है
“Jīrne jīryati chādhamānam bhukte svāsthyamupaiti” is the symptom of

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नरे क्षीणकफे पित्तं कुपितम् मारुतागम् यह पंक्ति किस व्याधि के निदान के सन्दर्भ में है
“Nare kshīnakaphe pittam kupitam mārutāgama” this is in the context of nidāna of which vyādhi

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चरक ने किस आसव किस लिए "रोगानिक विनाशनः" कहा है ?
Charaka has termed "Rogānika vināshanah" for which Āsava ?

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नागराद्य चूर्ण का अनुपान है -
Anupan of nagaradya churna is -

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ग्रहणी रोग में प्रयुक्त क्षार है
Kshāra advised in grahani disease

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अत्यग्नि रोग शांत्यर्थ निम्न योग का विधान है
Which yoga is advised to pacify atyagni

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चरकानुसार श्रेष्ठ दीपन द्रव्य है -
According to Charaka, best Dīpana drug is -

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ग्रहणी रोग चिकित्सा में कृष्णात्रेय द्वारा पूजित चूर्ण है
Which chūrna from grahanī chikitsā is highly esteemed by krishnātreya

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नागराद्य चूर्ण किस ग्रहणी में दिया जाता है ?
Naagaradya churna is given in which grahani ?

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दुरालभासव निर्माण में प्रयुक्त हरीतकी की संख्या है
Quantity of haritaki in the formation of durālabhāsava

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तक्र का विपाक है -
Vipāka of takra is

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अम्लोद्गार,दाह किस अग्निमांद्य का लक्षण है
Amlodagāra, dāha is the symptom of which agnimāmdhya

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ग्रहणी दोष का सामान्य निदान नही है
What is not a cause of grahanī dosha

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उपधातु व मलों का वर्णन आचार्य चरक ने कहाँ किया है
Where did charaka explain upadhātus and malās?

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व्यत्यासात चिकित्सा किस ग्रहणी में की जानी चाहिए ?
Vyatyasat chikitsa should be done in which grahani ?

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चरक मतानुसार "लीनं पक्वाशयस्थं वाप्यामं स्राव्यं संदीपनै:| शरीरानुगते सामे रसे लंघन पाचनम्" यह किसका चिकित्सा सूत्र है ?
As per Charaka, "Leenampakvashyastham Vāpyamam Sravyam Sandeepanaih I Sharīrānugate Sāme Rase Langhana Pāchanam" ll is the chikitsā sūtra of which of the following condition ?

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रसादि धातुओं की उत्पत्ति होती है -
Rasa etc dhatu originates -

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चरक अनुसार तक्रारिष्ट की मात्रा है -
According to Charak, dose of takrarishta is -

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चरक अनुसार ग्रहणी का स्थान है -
According to Charak, region of grahani is -

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मध्वरिष्ट का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of madhvārishta is

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......... मेव परं विद्याद् दुर्बलानलदीपनम्
"............ mev param vidyad durbal analadipanam"

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धात्वाग्नि कितने प्रकार की होती है ?
Dhātvāgni is of how many types ?

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कौन सी चिकित्सा अत्यग्नि रोग में निर्दिष्ट नही है
Which treatment is not advised in atyagni?

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दुर्बलाग्नि में दीपनार्थ क्या श्रेष्ठ है ?
What is best for Dīpana purpose in durbalāgni ?

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तक्रारिष्ट किस रोग में प्रयोजय है
Takrārishta is advised in which disease

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उदावर्त में मन्दाग्नि होने पर क्या चिकित्सा की जाती है ?
What treatment is done if mandagni occurs in Udavarta ?

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ग्रहणी रोग में आमदोष के उदरस्थ/पक्वाश्यस्थ होने पर चिकित्सा करनी चाहिये?
What treatment should be done when āmadosha is located in udara/pakvāshaya in grahanī roga

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चरक अनुसार कौनसी अग्नि विदाह उत्पन्न करती है ?
According to Charaka which agni causes vidāha ?

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प्लीहाशङ्की किस प्रकार की ग्रहणी का लक्षण है
Plīhashamki is the symptom of which type of grahanī

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भस्मक रोग में दोषों की स्थिति रहती है
Sthiti of dosha in bhasmaka roga

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रक्त धातु का मल है -
Mala of rakt dhatu is -

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आचार्य चरकमतानुसार त्वचा की उत्पत्ति किससे होती है ?
According to Āchārya Charaka , tvachā is originated from ?

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चरक द्वारा ग्रहणी की चिकित्सार्थ वर्णित क्षार गुटिका में कितने लवण है ?
According to Charak, how many lavan are there in kshar gutika mentioned for the treatment of grahani ?

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हृदयं मन्यते स्त्यानम्' किस ग्रहणी का लक्षण है
“Hridyam manyate styānama” is the symptom of which grahanī

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किस प्रकार की ग्रहणी में अन्न दुखपूर्वक पचता है
In which type of grahanī digestion of food is difficult

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मध्वरिष्ट का गुण है -
Guna of Madhwarishta is

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अत्यग्नि रोग में विरेचनार्थ कौन सा सिद्ध दुग्ध प्रशस्त है
The purgation therapy is administered to a patient of atyāgni by boiling milk with

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तक्रारिष्ट का प्रयोग किन व्याधियों में निर्दिष्ट है ?
Takrārishta is advised in which vyādhi

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कटु अवस्थापक किस अवयव में होता है ?
Katu Avasthāpāka is in which avayava

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स वातगुल्महृद्रोगप्लीहाशंकी च मानव: ' कौनसी ग्रहणी का लक्षण है
“Sa vātagulmahridrogaplīhāshamkī cha mānavah” is the symptom of which grahanī

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लीनं पक्वाशयस्थम वाSप्यामम स्त्रावयं सदीपने किस व्याधि का चिकित्सा सिद्धांत है
"Līnam pakvāshayasthama vāapyāmam srāvyam samdīpane" is the chikitsā sutra of

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चरकानुसार अस्थि का मल है
According to charaka Mala of asthi is

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अत्यग्नि रोग में प्रशस्त घृत है।

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मरिचादि चूर्ण का रोगाधिकार है -
Rogadhikar of marichadi churna is -

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चित्रकादि गुटिका विशेषतः है
Chitrākādi gutikā is mainly

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वृष्यादीनां ......... पुष्णाति बलमाशु हि ।
"Vrushyadinam ......... pushnati balamashu hi"

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आवस्थिकी चिकित्सा वर्णित है :
Avasthiki Chikitsā is explained in

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कर्णयो: स्वन: किस ग्रहणी का लक्षण हैं ?
"Karnayo swana" is the symptom of which grahani ?

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सभी अग्नियों से जठराग्नि प्रधान होने में क्या कारण है ?
Why is jatharāgni pradhāna among all agnis?

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गृद्धि सर्व रसानां किस ग्रहणी का लक्षण है ?
"Gruddhi sarva rasanam" is the symptom of which grahani ?

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चरक अनुसार मध्वरिष्ट में मधु की मात्रा है -
According to Charak, quantity of madhu in madhvarisht is -

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देहाग्निहेतुका' किसे कहा गया है
“Dehāgnihetukā” has been said for

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पूर्वरुपम् तु तस्येदं तृष्णाSSलस्यं बलक्षय: किसका पूर्वरूप है
“Pūrvarūpam tu tasyedam trishnālasyam balakshayah” is pūrvarūpa of

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चरक मतानुसार, ग्रहणी रोग में कितने प्रकार की अग्नियाँ सहायक होती है ?
According to Charaka, how many types of Agni are responsible for causing Grahanī roga ?

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पथ्य और अपथ्य का एक साथ सेवन करना क्या कहलाता है ?
Intake of pathya & apathya together is called as ?

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गृद्धि सर्वरसानां लक्षण किस ग्रहणी का है?
" gRiddhi sarvarasānām" is the lakshana of which type of grahani ?

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चरक में अत्यग्नि

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पिप्पलीमूलादि चूर्ण किस दोषज ग्रहणी में प्रयुक्त किया जाना चाहिए ?
Pippalimooladi churna should be used in which doshaj grahani ?

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अन्नमादानकर्मा' किस वायु को कहा गया है
“Annamādānakarmā” has been said for which vāyu

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आचार्य चरक के अनुसार "स्नायु" का निर्माण .......... के द्वारा होता है।
According to Āchārya Charaka , Snāyu is formed by .......

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स्वेद को किस धातु का मल कहा गया है ?
Sweda is said as Mala of which Dhātu ?

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पुरीष का रस होता है
Rasa of purīsha is -

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चरक ने साम एवं निराम मल की परीक्षा का वर्णन किस अध्याय में किया है ?
Charaka has explained Sāma and Nirāma mala parikshā in which chapter

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स्त्रीष्वहर्षण ..'लक्षण है -
Stīshvaharshana is the symptom of

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किस प्रकार की ग्रहणी से पीड़ित कृश न होते हुए भी दुर्बल होता है
In which type of grahanī the patient is not lean but still weak

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अधस्तु पक्वामामं वा प्रवृत्तं' किससे सम्बंधित है
“Adhastu pakvamāmam vā pravritam” is related to

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कांडरा किसका उपधातु है
Kamdara is updhātu of

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शोथं कुष्ठं किलासं च प्रमेहांश्च प्रणाशयेत् किस योग की फलश्रुति है ?
"Shotham kushtham kilasam ch pramehanshch pranashyet" is the property of which yog ?

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रस धातु का मल है -
Mala of rasa dhatu is -

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चरक चिकित्सा 15 में अग्नि के कितने भेद बताये हैं।
Types of Agni in charaka chikitsā 15 are

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कौनसी अग्नि विदाह उत्पन्न करती है ?
Which agni leads to Vidāha ?

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अग्नि पर आश्रित होता है -
Dependent on agni is -

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तन्मूलास्ते हि तद् वृद्धिक्षय वृद्धिक्षयात्मका: किस अध्याय का सन्दर्भ है ?
"Tanmoolaste hi tad vruddhikshay vruddhikshayatmaka" is the reference of which chapter ?

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निम्न में से किस दोषज ग्रहणी की चिकित्सा पंचकर्म है ?
Treatment of which of the following doshaj grahani is panchkarma ?

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चरकानुसार मरिचादि चूर्ण का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of marichādi chūrna according to charaka is

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किस ग्रहणी में चन्दनाद्य घृत का प्रयोग करने का निर्देश है
Chandanādhya ghrita has been asked to use for treatment of which grahanī

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त्वक् स्नेह किसका मल है
Tvaka sneha is mala of

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आवस्थिकी क्रिया किस व्याधि में वर्णित है ?
Aavasthiki kriya is mentioned in which disease ?

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मात्रा से अधिक या अल्प या निश्चित काल से पहले ही किये गए आहार को क्या कहते हैं
If the food is taken too much or too little in quantity or taken too early then it is called

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लोहामगन्धिस्तिक्ताम्ल उद्गारश्च किस व्याधि का लक्षण है ?
"Lohamagandhistiktamla udgarashch" is the symptom of which disease ?

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हृतपीड़ा कार्श्यदौर्बल्यं वैरस्यं परिकर्तिका किसका लक्षण है
“Hritapīdā kārshyadaurbalyam vairasyam parikartikā” is the symptom of

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पिण्डासव' का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of Pindāsava is

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युक्तं भुक्तवतो युक्तो........... रिक्त स्थान भरो।
“Yuktam bhuktavato yukto..............” fill in the blank

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पञ्चम त्रिफलादि क्षार की मात्रा है -
Dose of pancham triphaladi kshar is -

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आचार्य चरक के अनुसार दुरालभासव निर्माण में दुरालभा का प्रयुक्त प्रमाण कितना है
Quantity of durālabha in the preparation of durālabāsava according to charaka is

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निम्नलिखित में से कौन सा 'सर्वात्मना परिणमन ' का पर्यायवाची है?
Which of the following is the synonym for "sarvātmanā parinamana" ?

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पालयेत् प्रयतस्तस्य स्थितौ ह्यायुर्बलस्थिति: सन्दर्भ है
“Pālayeta prayatastasya sthitau hayāyurbalasthitih” is the context from

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चित्रकादि वटी का रोगाधिकार है -
Rogadhikar of Chitrakadi vati is -

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चरक अनुसार रसों का विक्षेपण किस वायु द्वारा होता है ?
According to Charak, vikshepan of rasa is due to which vayu ?

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रस का उपधातु है -
Updhatu of rasa is -

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षट्त्वचा यह किस धातु का उपधातु है ?
Shat tvachā is dhātu of which upadhātu ?

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अधिक स्निग्ध पदार्थ के सेवन से यदि अग्नि मन्द पड़ गयी हो तो क्या हितकारी होता है
What should be given in agni māndhya due to excessive intake of snigdha dravya

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भोजन के पाक से पूर्व ही फिर से भोजन ग्रहण करना है
Taking a meal before complete digestion of previous meal is

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क्षार गुटिका का प्रयोग किस व्याधि की चिकित्सा में किया जाता है ?
Kshar gutika is used in the treatment of which disease ?

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किसी रोग से आक्रान्त होने के कारण मन्दाग्नि हो गयी हो , तो क्या चिकित्सा करनी चाहिए ?
If a person has Mandāgani, due to any disease thethe treatment is

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