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Charak Chikitsha Chapter 17 Hikka-Swash Chiktsha

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Charak Chikitsha Chapter 17 Hikka-Swash Chiktsha

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रक्तैक लोचन: लक्षण है -
"Raktaika lochanah" is the symptom of -

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विभ्रान्तलोचन: किस श्वास का लक्षण है।
“Vibhrāntalochanah” is the symptom of which disease

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हिक्का पीते तथा भुक्ते शमं याति - किस हिक्का का लक्षण है ?
"Hikkā pīte tathā bhukte shamam yāti" - is the symptom of which Hikkā ?

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ज्वर ,मूर्च्छा के साथ होने वाला श्वास है
Shvāsa with Jvara and Mūrchā is

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रक्तैक लोचन किस श्वास का लक्षण है ?
"Raktaika lochana" is the sign of which Shwāsa ?

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छर्दन चिकित्सा विशेष रूप से किसमे हितकर मानी गयी है
Chardana chikitsā is specially beneficial in which

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हिक्का रोग में किस स्त्रोतस का अवरोध होता है
What channels get obstructed in hikkā roga

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अतिदुखा न सा चोर:शिरोमर्मप्रबाधिनी किसका लक्षण है
"Atidukha na sā chorah shiromarmaprabādhinī" is the symptom of

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महाबला किस व्याधि को कहा गया है
Which disease has been named “mahābalā”

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स्वरभंग से युक्त श्वास रोगी में प्रयुक्त चिकित्सा है
Treatment for a Shvāsa rogi with svarabhanga

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मन:शिलादि घृत का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of manahshilādi ghrita

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कास और स्वरभंग युक्त श्वास में .....प्रयोग करना चाहिये
What should be used for shvāsa associated with kāsa and svarabhamga

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हिक्का श्वास का मुख्य कारण है -
Main cause of hikkā shvāsa is

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निम्न में से हिक्का का पुर्वरूप नही है
Which of the following is not pūrvrupa of hikka shvasa

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ज्वर व मूर्च्छा के साथ होने वाला श्वास रोग है
Shwāsa roga occurring with jwara and mūrcchā is -

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किस हिक्का में दोष हृदय,क्लम,कण्ठ में आश्रित रहते है
In which type of hikkā dosha are located in hridaya,kantha and kloma

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सद्य: प्राणहरा मता क्या है
What is sadhya prānahara matā

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साश्रुविप्लुतनेत्रस्य स्तब्धशंखच्युतभ्रुवः किसका लक्षण है
“SāshruviplutaNetrasya stabdhashamkhachyutabhruvah” is the symptom of

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साध्य हिक्का है
Sādhya hikkāis

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कार्य न एकांतिक ताभ्यां प्राय: श्रेयोनिलापहम यह चिकित्सा सूत्र किस व्याधि का है?
"Kārya na ekantika tābhyām prāyah shreyonilāpahama" is the chikitsā sūtra of the disease ?

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प्रनष्टविज्ञानस्तथा विभ्रान्तलोचन: किसका लक्षण है
“PranashtaVijnānastathā vibhrāntalochanah” is the symptom of

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तमके तु .....
Tamaka tu......

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तमकश्वास में दोष प्राधान्य
Dosha pradhānaya in tamaka shvāsa

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चरकानुसार निम्न में से विष सेवन किस व्याधि का निदान है
Visha sevana is cause of which disease

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कण्ठ एवं उदर में भारीपन , कषाय मुख एवं कुक्षि आटोप किस रोग के पूर्वरूप हैं ?
Kantha udara gurutā, kashāya āsyatā and kukshi ātopa are purvarupa of which disease ?

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मन:शिलादि घृत का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of Manan shīlādi ghrita

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अतीव तीव्रवेगं च श्वासं प्राणप्रपीडकं' किस श्वास के लक्षण है
"Atīva tīvravegam cha shvāsam prānaprapīdakam" is the symptom of which Shvāsa

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तमक श्वास में किस औषधि से विरेचन देनी चाहिए ?
Virechana should be given with which medicines in Tamaka shwāsa ?

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. चरक अनुसार तमक श्वास है
Tamaka shvāsa according to charaka is

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ऊर्ध्व श्वास में दोष प्राधान्य है -
Doshik predominance in "Urdhwa shwasa"

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चरकानुसार शीतल आहार विहार से शांत होने वाला श्वास है
Shvāsa that pacifies due to shītala āhāra vihāra asper charaka is

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नीचे दो कथन दिये हुए है - असरशन A चरकानुसार हिक्का श्वास दोनों की चिकित्सा एक समान होती है। रीज़न R क्योंकि हिक्का श्वास दोनों का मूल व स्थान एक ही होता है ।

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किस हिक्का में दोष हृदय,क्लोम में आश्रित रहते हैं
In which type of Hikkā dosha are located in Hridaya and kloma

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हिक्का श्वास में शीघ्र लाभकर नस्य है
Nasya beneficial in hikkā shvāsa

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हिक्का श्वास के रोगी के लिए कौन सा यूष हितकर है
Yūsha that is beneficial for the patient of Hikkā Shvāsa

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ज्वरमुर्च्छापरीतस्य विद्यात् .......तु
JvaraMūrchcha parītasya vidhyāta.........tu

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श्वास की सम्प्राप्ति में स्रोतावरोध होता है
What channels get obstructed in manifestation of shvāsa

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ज्वर मुर्च्छपरितस्य विद्यात् -
JvaraMūrchcha parītasya vidhyāta

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आशीविषाविव' संज्ञा किस व्याधि को दी गयी है
“Āshīvishāviva” term has been used for which disease

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दह्यमानेन् वस्तिना किसका लक्षण है
"Dahyamānena vastinā" is the symptom of

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निम्न में से हिक्का का पूर्वरूप क्या है
Which of the following is pūrvarūpa of hikkā

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उच्चै : श्वसिति संरुद्धो मतर्षभ लक्षण है -
"Ucchaih shvasati samruddho matarshabha" is the symptom of -

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मुक्तादि चूर्ण का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of muktādi chūrnam

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प्राणान्तिकी मता किस हिक्का के लिए कहा गया है
“Prānāntiki matāh” has been said for which hikkā?

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निम्न में से कौनसा श्वास याप्य होता है ?
Which of the following Shwāsa is Yāpya ?

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निम्न में से असाध्य हिक्का है
Which of the following is asādhya hikkā

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सहसा त्रास उतपन्न करने से कौन सा रोग शांत होता है
Which disease gets pacified by subjecting the patient to sudden fear

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पित्तस्थानसमुद्भवौ किस व्याधि को कहा गया है
Pittasthāna samudbhavau has been said for which vyādhi

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खर ,अश्व,उष्ट्र शकृद रस का प्रयोग किस हिक्का श्वास में करना चाहिए
In which hikka shvāsa shakrida of khara, ashva or ushtra should be used

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हिक्का श्वास की उत्पति किस स्थान से है
From where does hikka shvāsa originate

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कास और स्वरभंग युक्त श्वास रोगी में प्रशस्त चिकित्सा है
Best treatment in shvāsa associated with kāsa and svarabhamga

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प्रताम्यत्यतिवेगाच्च कासते सन्निरुध्यते' किसका लक्षण है
"Pratāmyatyativegāchcha kāsate sannirudhyate" is the symptom of

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महामूला महावेगा महाशब्दा किस व्याधि का लक्षण है
Mahāmūlā mahāvegaā mahashabdā is the symptom of which disease

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वातश्लेष्महरैयुक्तं........... तु विरेचनं किसके सन्दर्भ में वर्णित है ?
"Vātashleshmaharaiyuktam ........... tu virechanam" is mentioned in context to ?

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दुःखार्तो मर्मच्छेदरुगर्दित: Lakshana hai
"Duhakhāṛtō maṛmach chedā rūgāṛditāha"is the lakshana of-

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प्रमोह और कास किसके लक्षण हैं ?
“Prameha and Kāsa” are symptoms of

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आसीनो लभते सौख्यं लक्षण है
Āsīno labhate saukhyam is the symptom of

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............ की चिकित्सा में शुद्ध एवं अशुद्ध दोनों प्रकार के शरीर में शमन एवं बृहण चिकित्सा दी जा सकती है
The patient suffering from............... generally treated with nourishment or alleviating therapy, irrespective of the fact whether he has undergone elimination therapy or not

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यत:प्रवर्तते पूर्वं तत् एव निवर्तते लक्षण है -
"Yatah pravartate pūrvam tat eva nivartate" is the symptom of -

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मिथ्योपचरितौ क्रुद्धौ हतं आशीविषमिव किस रोग के लिए कहा गया है ?
"Mithyopacharitau kruddhau hatam āshīvishamiva" is said for which disease ?

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तस्यैव च विमोक्षान्ते मुहूर्तम् लभते सुखम् निम्न में से किस श्वास का लक्षण है
"Tasyaiva cha vimokshānte muhurarte labhate sukham" is the symptom of which Shvāsa

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स्निग्धैरादौ स्वेदैरूपाचरेत। आक्तम् लवणतैलेन नाडीप्रस्तरसंकरै। यह चिकित्सा सूत्र किस रोग के लिए है।
Snigdhairādau svedairupāchareta. Āktama lavanatailena nādiprastarasamkarai. This line of treatment is for which disease?

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