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Charak Chikitsha Chapter 18 Kas Chikitsha

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Charak Chikitsha Chapter 18 Kas Chikitsha

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निम्न में से कौन सा कास सबसे कम बलवान है
Which of the following kāsa is with least strength

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उरोधूमायन is lakshan of
Urodhūmāyanam

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आविश्य शिरस: खानि सर्वाणि प्रतिपूरयन्' किसके लिए कहा गया है
“Āvishya shirasah khāni sarvāni pratipūryan” has been said for

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रास्नाघृत का रोगाधिकार क्या है
Rogādhikāra of Rāsnāghrita

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अगस्त्य हरीतकी योग का नाम किस कारण से रखा गया है
Why was "Agastya Haritaki" named so

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यदि पित्तज कास में कफ का अनुबन्ध हो तो क्या चिकित्सा करनी चाहिये

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प्रततं कासमानश्च is lakshan of
Pratatam kāsa mānascha is the lakshana of

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शुष्ककास: कफम् शुष्कं किस कास का लक्षण है
"Shushka kāsah kapham shushkam" is the symptom of which kāsa

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भोज्यानामवरोध' किसका पूर्वरूप है
“Bhojyānāmavarodha” is pūrvarūpa of

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चरकोक्त कास चिकित्सा में वर्णित हरीतकी लेह में हरीतकी को किस क्वाथ में पकाया जाता है
Harītakī in Harītakī leha is boiled in which kvātha in kāsa chikitsā by charaka

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व्यत्यास द्वारा चिकित्सा का विधान है
Vyatsāya is the treatment for

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पैतिके सकफे कासे में हितकर है। चरकानुसार
“Paitika Sakaphe kāse” what is beneficial in

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चरकोक्त अगस्त्य हरीतकी निर्माण के लिए प्रयुक्त है
What is used in preparation of Agastya Harītakī explained by Charaka

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चरकानुसार " पैत्तिके सकफेकासे " क्या हितकर है -
According to Charaka, "Paittike sakaphekāse" in this condition which of the following is useful ?

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. कुलत्थादि घृत विशेष रूप से दिया जाता है
Kulatthādi ghrita is specially given in

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किस कास को आत्यायिक मानकर मधुर और जीवनीय वर्ग के द्वारा चिकित्सा करनी चाहिए
Which kāsa should be considered emergency and treated with madhura and jīvanīya varga aushadhis

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निम्न में से किस व्याधि में 'अगस्त्य हरीतकी ' का प्रयोग निर्दिष्ट नहीं है?
"Agastya Harītakī" is not advised for the treatment of which of the following disease

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चरकाकोक्त कास के भेदों में से सबसे बलवान कास है
Most balwāna kāsa among all types of kāsa

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किस कास से पीड़ित रोगी दुर्गन्धयुक्त,हरित,रक्त वर्ण का पुययुक्त कफ का ष्ठीवन करता है
The patient spitting phlegm which is foul smelling, green or red in coloured which is like pus is seen in

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चित्रकादि लेह किस व्याधि का नाश करता है
Chitrakādi leha treats which disease

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यदि कफज कास में पित्त का अनुबन्ध रहने पर तमक श्वास हो जाए तो क्या चिकित्सा करनी चाहिए
What treatment should be done if there is Pitta anubandhā leading to tamaka shwāsa in kaphaja kāsa ?

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यवै: स्विन्नै: कषायं तं पूतं तच्चाभयाशतम् कथन किस अवलेह सिद्धि सन्दर्भ में है
Yavaih svinnaih kashāyatā tam pūtam tachchābhyāshatam” this is in the context of which avaleha siddhi

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दुर्बल पुरुष को सम्पूर्ण लक्षणों से युक्त क्षयज कास हो तो उसकी चिकित्सा है
If a debilitated

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कास रोग की चिकित्सा में वर्णित पिप्पळ्यादि घृत का अनुपान क्या है।। चरक
Anupāna of pippalyādi ghrita mentioned in kāsa chikitsā by charaka

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चरक संहिता अनुसार हरीतकीलेह का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of harītakīleha according to charaka is

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पाणिपादतलै: श्लक्षणै: किस कास का लक्षण है
"Pānipādatalaih shalakshanaih" is the symptom of which kāsa

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द्विपंचमूल्यादि घृत का रोगाधिकार क्या है
Rogādhikāra of dvīpanchamūlādi ghrita

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वातकफजन्य कास में यदि पित्त का अनुबन्ध हो तो कौन सी चिकित्सा करनी चाहिए
What treatment should be done if there is Pitta anubandha in vātakaphajanya kāsa

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कुलत्थादि घृत में प्रयुक्त द्रव्य है
Dravya used in kulatthādi ghrita

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सर्वकासहरं शिवम्' की उपाधि किस अवलेह को दी गयी है
"Sarvakāsaharam shivam" has been said for which avaleha

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नूतन क्षयज कास में सर्वप्रथम करना चाहिए
What should be done first in nūtana kshayaja kāsa

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शूकपूर्णगलास्यता' किस व्याधि का पूर्वरुप है
"Shūkapūrnagalāsyatā" is pūrvrūpa of which vyādhi

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कास के वेग के समय वेदना न होना किस कास का लक्षण है
Absence of pain during coughing is symptom of which kāsa?

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बह्वाशी दुर्बल कृश किस कास का लक्षण है।
“Bahavāshī durbala krisha” is symptom of which kāsa

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वातज कास में यदि कफ का अनुबन्ध हो तो क्या चिकित्सा करनी चाहिए
What treatment should be done if there is kapha anubandhā in Vātaja kāsa

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पिप्पल्यादि घृत का रोगाधिकार
Rogādhikāra of pippalyādi ghrita

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दीपन - बृहन - दीपन किसकी चिकित्सा है
Dīpana-brimhana-dipana is the treatment of

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पारावत इवाकुजनम् किसका लक्षण है -
Pārāwat iva Kūjanam is the lakshana of

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अत्यायिक चिकित्सा की जाती है
Atyāyika chikitsā is done in

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कंटकारी घृत किस कास में प्रयुक्त होता है । चरक
Kamtakāri ghrita is used in which kāsa

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Types of Kāsa by Charaka are -
Types of kāsa by Charaka are

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हृदयं मन्यते च्युतम्' किसका लक्षण है
"Hridayam manyate chyutam" is the symptom of

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चरकानुसार कास रोग में किस वायु की दुष्टि होती है
Which type of vāyu gets vitiated in kāsa roga according to Charaka

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वर्धमाना: क्षयप्रदा' किस व्याधि के लिए कहा गया है
“Vardhamānāh kshyapradā” has been said for which disease

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चरक मतानुसार, बलवान व्यक्ति में क्षतज कास की साध्यासाध्यता होती है -
Sādhyāsādhyātā of kshataja kāsa in strong individuals according to Charaka is -

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हृदयं मन्यते च्युतम् किसका लक्षण है
"Hridayam manyate chayutam" is the symptom of

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चरक अनुसार कुलत्थ घृत का प्रयोग किस कास में निर्दिष्ट है ?
According to Charaka, use of Kulattha Ghruta is indicated in which Kāsa ?

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किस प्रकार के कास में व्यत्यास चिक़ित्सा की जानी चाहिए
Vyatyāsa chikitsā should be done in which type of kāsa

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चरकानुसार क्षतज कास की चिकित्सा में विशेषतः प्रयोज्य है
What is specially used in treatment of Kshataja kāsa as per Charaka

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कास रोग का पुर्वरूप है
Pūrvarūpa of kāsa roga

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अगस्त्य हरीतकी' की मात्रा चरकानुसार क्या है
Quantity of "Agastya harītakī" according to Charaka

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निर्घोषदैन्यस्तननदौर्बल्यक्षोभमोहकृत किस का लक्षण है।
"NirghoshaDainyaStananaDaurbalyaKshobhaMohaKrita" is the symptom of

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चरकानुसार अगस्त्य हरीतकी निर्माण में कितने हरितकी का प्रयोग किया जाता है
Number of harītakī used in the formation of Agastya Harītakī according to charaka

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स पूर्वं कासते तत: ष्ठीवेत् सशोणितम्। किस कास का लक्षण है
"Sa Pūrvam kāsate tatah shthīveta sashonitam" is the symptom of which type of kāsa

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पद्मकादि लेह का रोगाधिकार क्या है
Rogādhikāra of padmakādileha

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कंटकारी घृत का रोगाधिकार क्या है
Rogādhikāra of kamtakārī ghrita

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कुलत्थादिघृत किस कास का नाश करता है
Kulatthādi ghrita cures which kāsa

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चरक संहिता अनुसार दशमूलादि घृत का प्रयोग किस कास में होता है
Dashamūlādi ghrita is used in which type of kāsa

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पारावत इव कूजन' किसका लक्षण है
"Pārāvata iva kūjana" is the symptom of

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