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Charak Chikitsha Chapter 21 Visarpa Chikitsha

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Charak Chikitsha Chapter 21 Visarpa Chikitsha

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स्थान

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कर्दम विसर्प में किस दोष की प्रधानता है ?
Which dosha is predominant in kardama visarpa ?

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मेचकाभ' किस विसर्प का लक्षण है
"Mechkābha" is the symptom of

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विसर्प के दुष्य है -
Dushya of Visarpa is

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शांताङ्गारप्रकाशोSतिरक्तो वा भवति किस विसर्प का लक्षण है
"Shāmtāngāraprakāshoatirakto vā bhavati" is the symptom of which Visarpa

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चरकानुसार प्रलेप की मोटाई कितनी होगी?
Thickness of pralepa according to Charaka is

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चरकानुसार एकदेशग्राही लक्षण युक्त विसर्प कौन सा है
Ekadeshagrāhi is the symptom of which type of visarpa

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कौनसा विसर्प प्रकार एकदेशग्राही होता है ?
Which type of Visarpa is Ekadeshagrāhī ?

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वातज विसर्प का लक्षण है
Symptom of Vātaja visarpa is

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चरक में कैलाश किन्नर का उल्लेख कहाँ हुआ है
Where is kailāsha kinnar mentioned in charaka samhita

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बाहरी धातुओं में आश्रित विसर्प होता है
Visarpa located in external dhātus is

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विसर्प में दुष्य की संख्या है -
Number of Dushya in Visarpa are

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शीघ्रगत्वादाश्वेव मर्मानुसारी भवति किस विसर्प का लक्षण है
"Shighragatvādāshveva marmānusāri bhavati" symptom of which Visarpa

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चरक के अनुसार विसर्प के प्रकार है -
According to Charaka types of visarpa ?

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. वातकफजन्य विसर्प में उत्पन्न ग्रन्थियां हैं
Granthi produced in Vāta Kaphajanya visarpa is

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विसर्प रोग का मुख्य आश्रय क्या है
Mukhya āshraya of visarpa roga

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विसर्प में कितनी धातुऍ दूषित होती है
How many dhātus get contaminated in visarpa

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विषमतिपतितो विवर्जनीयो भवतीति कौन से विसर्प के लिए कहा गया है
"Vishmātipatito vivarjanīyo bhavatīti" has been said for which type of visarpa

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आभ्यन्तर में आश्रित विसर्प की साध्यासाध्यता है
Sādhyāsādhyatā of ābhyāntara āshrita visarpa

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Types of विसर्प by Charaka
Types of Visarpa by Charaka

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पिपीलिका संचरण लक्षण किस व्याधि में मिलता है ?
Pipīlikā sancharana symptom is seen in which disease ?

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Dosha in आग्नेय विसर्प are
Dosha in āgneya visarpa are

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दुर्बलो दुखप्रबोधश्च किस विसर्प का लक्षण है ?
"Durbalo dukhaprabodhashcha" is the symptom of which visarpa ?

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कुणपगन्धि विसर्प कौन सा है
Which one is kunapagandhi visarpa

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गम्भीरपाकी विसर्प है
Gambhira pāki visarpa is

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ग्रन्थीनां मालां कुरुते किस विसर्प का लक्षण है
"Granthīnām mālām kurute" is the symptom of

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बहि : आश्रित विसर्प होते है
Bahi āshrita visarpa is

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विसर्प के भेदों में क्षतज विसर्प की गणना किस आचार्य ने नही की है
Which āchārya did not mention Kshataja visarpa as a type of visarpa

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ग्रन्थि विसर्प में प्रयोज्य कर्म है
Which treatment procedures should be done in granthi visarpa

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आचार्य चरक के अनुसार त्रिभागाअंगुष्ठमात्र: स्यात् .....निम्न में से किसका प्रमाण है?
Tribhāgā amgushthamātrah syāta ........ Is the pramāna of which of the following as per Acharya Charak ?

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चरक ने गलगण्ड की चिकित्सा का वर्णन चिकित्सा स्थान के कौन से अध्याय में किया है ?
In which chapter of chikitsā sthāna did charaka explain the treatment of galganda

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विसर्प रोग में यदि दोष वातस्थान में कुपित हो तो सर्वप्रथम...
If dosha gets vitiated in Vāta sthāna in visarpa roga then what should be first line of treatment

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आभ्यन्तर धातुओं में आश्रित विसर्प होता है
Visarpa located in internal dhātus is

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शीघ्रगत्वादाश्वेव मर्मानुसारी भवति किस विसर्प का लक्षण है
"Shighragatvādāshveva marmānusāri bhavati" symptom of which Visarpa

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चरक संहीता में उपद्रव की परिभाषा का सन्दर्भ क्या है ?
What is the reference of definition of Upadrava in Charaka Samhita ?

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चरक अनुसार विसर्प के प्रकार है -
Number of visarpa according to Charaka

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आशुकारिणम्,महात्ययिक किस विसर्प के लिए कहा गया है
Āshukārinama, mahātyayika has been said for which Visarpa

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कम्पिल्लकादि तैल का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of kampillakādi taila is

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विसर्प में कफ स्थानगत सामदोष की चिकित्सा है -
Treatment of kapha sthānagata sāmadosha in visarpa is -

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कौन सा विसर्प आमाशय आश्रित होता है
Which visarpa is located in Āmāshaya

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चरक चिकित्सा में उपद्रव के लक्षण का वर्णन कहाँ आया है
Description of upadrava is found in which chapter of visarpa

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एकदेशग्राही विसर्प है
Ekadeshagrāhi visarpa is

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किस विसर्प से पीड़ित रोगी को सारे शरीर में अंगार फैला दिए हों ऐसा प्रतीत होता है।

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विसर्प व्याधि में वातस्थानगत दोष दुष्टि में पित्त और रक्त का अनुबंध होने पर प्रथम .......... चिकित्सा न करें।
Vāta sthānagata dosha dushti of visarpa when associated with rakta and pitta then the first treatment not to be done is

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स्थानात आसनात शय्या क्रान्त किस विसर्प का लक्षण है ?
"Sthānāta āsanāta shayyā krānta" is the symptom of which Visarpa

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आभ्यन्तर में आश्रित विसर्प की साध्यासाध्यता है
Sādhyāsādhyatā of ābhyāntara āshrita visarpa

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विसर्प में दूषित होने वाली धातु नहीं है
Which dhatu does not get contaminated in visarpa

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भीतरी धातुओं में आश्रित विसर्प होता है
Visarpa located in internal dhānya is

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