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Charak Chikitsha Chapter 22 Trushna Chikitsha

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Charak Chikitsha Chapter 22 Trushna Chikitsha

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अल्प जलपान योग्य रोग हैं
Drinking less water is indicated in

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शिरसो दाहः शीताभिनन्दता मूर्च्छा - निम्न मे से किस तृष्णा का लक्षण है ?
Shirsodāhāh Shētābhinandata Mūrchhā is the symptoms of which Trishnā

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उष्ण जलपान योग्य रोग हैं
Drinking hot water is indicated in which disease

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दीन स्वर किस तृष्णा का लक्षण है
Dīna svara is the symptom of which type of trishnā

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व्योषवचाभल्लातकतिक्तकषाया - निम्न मे से किस तृष्णा की चिकित्सा है ?
Vyosha Vachā Bhallātakatiktakashāyastathā āmtrishnaghāh is the treatment of which Trishnā

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शुष्कविरसमुखता - निम्न मे से किस तृष्णा का लक्षण है ?
Shushkavirasamulhtāh is the lakshana of which Trishnā

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तृष्णा रोग की चिकित्सा मे किस पंचमूल का प्रयोग निर्दिष्ट है ?
Which panchmūla is indicated in the treatment of Trishnā roga

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तृष्णा रोग में पित एवम् वायु के द्वारा किसका क्षय होता है
Which kshaya happens due to pitta and vāyu in trishnā roga

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तप्तास्विव सिकतासु हि तोयमाशु शुष्यति क्षिप्तम् " - निम्न मे से किस तृष्णा के सन्दर्भ मे आया है ?
Taptāswiva sikatāshu hi Toyamāshu shushyati kshiptam is the reference of which Trishnā

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चरकानुसार किस रोग के उपद्रव स्वरूप तृष्णा रोग की उत्पति होती है
Trishnā is complication of which of the following diseases according to charaka

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शिर दाह किस तृष्णा का लक्षण है
"Shira dāha" is the symptom of which trishnā

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ऐन्द्र जल के अभाव मे किस अनुरस युक्त जल का सेवन करना चाहिए ?
In the absence of Aindra jala, the jala used in the treatment of Trishnā should have the following Anurasa

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सन्निपातजन्य रोग में पान योग्य प्रशस्त जल
What type of water one should drink in Sannipātaja roga

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तृष्णा का सामान्य लक्षण नही है
Which of the following is not a symptom of trishnā

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तृष्णा रोग की उत्पति की चिकित्सा मे ऐन्द्र जल का प्रयोग किस अनुपान के साथ करना चाहिए ?
Anupāna of Aindra jala, in the treatment of Trishnā is

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संशुष्कहृदयगलतालु किस तृष्णा का लक्षण है
"SamshushkaHridayagGalatTālu" is symptoms of which trishnā

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तिक्तास्यत्व किसका लक्षण है
Tiktāsyatva is the symptom of

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किस व्याधि मे जलपान निषेध है
Drinking water is contraindicated in which disease

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आमजा तृष्णा को माना है।। चरक
Āmajā trishnā according to charaka is

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निम्न मे से कौन सा युग्म गलत है ?
Which is mismatched

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सर्वासां लिंगानां लाघवमपाय: किसका पुर्वरूप है
Sarvāsām lingānām Lāghwampāyah is the pūrwarūpa of

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अन्नजा तृष्णा की उत्तपति में कारण है
Cause of annajā trishnā

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चरकानुसार स्पर्श से तृष्णनाशक द्रव्य कौन सा है
Which dravya cures trishna by its touch according to charaka

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मूर्च्छा गत तृष्णा मे किस व्याधि की चिकित्सा करनी चाहिए ?
Line of treatment in Mūrchchā gata Trishnā is as of

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तप्तास्विव सिकतासु हि तोयमाशु शुष्यति क्षिप्तम् " - निम्न मे से किस तृष्णा के सन्दर्भ मे आया है ?
Taptāswiva sikatāshu hi Toyamāshu shushyati kshiptam is the reference of which Trishnā

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तस्यश्र्चारुचिराध्मानकफप्रसेकौ - निम्न मे से किस तृष्णा का लक्षण है ?
Tasyāschāru Chira ādhyamāna kapha prashekō is the lakshana of which Trishnā

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स्त्रोतोवरोध व निद्रानाश किस तृष्णा का लक्षण है
Srotoavarodha and nidranāsha is symptom of which trishnā

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तृष्णा मे कफ़ का अनुबन्ध होने पर निम्न मे से किस द्रव्य से वमन करवाना चाहिए ?
Which of the following dravya is used for Vamana, when Trishnā is associated with kapha

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निम्न में से किस अवस्था मे अल्प जल का सेवन निर्दिष्ट किया गया है ?
Minimum water intake is indicated in which of the following?

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चरक अनुसार कफज छर्दी समान चिकित्सा किस तृष्णा की करना चाहिए ?
Which type of chardi should be treated as kaphaja chardi according to charaka

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जीवनीय गण साधित दुग्ध -घृत का प्रयोग निम्न मे से किस तृष्णा मे निर्दिष्ट है ?
Dugdha and Ghrita prepared with jēwanīya gana should be given in which Trishnā

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शिशिरस्त्रातः पानं मद्याम्बु गुडाम्बु वा तृषितः - निम्न मे से किस तृष्णा के सन्दर्भ मे आया है ?
Shishirastrātah Pānam Madhyāmbu Gudāmbu vā Trashitah is in the reference of which Trishnā

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दीनस्वरः प्रताम्यन् - निम्न मे से किस तृष्णा का लक्षण है ?
Dēnaswarāh Pratāmyan is the lakshana of which Trishnā

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तृष्णा रोग में ऐन्द्र जल के अभाव में कुल निम्न गुण युक्त जलपान प्रशस्त माना गया है
In the absence of Endra jala, water with how many qualities is best for trishnā roga

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तृष्णा रोग की सम्प्राप्ति मे दोष किस स्थान गत रसवाहिनी नालियों को सुखा देती है ?
In the Samprāpti of Trishnā roga, which sthān gata Rasavahini channels gets dried up

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यदि सन्निपातज व्याधि हो, तो रोगी को किस प्रकार का जल पिलाना चाहिए ?
A patient suffering from Sannipātaja vyādhi should be given what type of water

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क्षयज तृष्णा मे निम्न मे से किस व्याधि की चिकित्सा का अनुकरण करना चाहिए ?
Which disease line of treatment should be followed in Kshayaja Trishnā

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अल्प जलपान करने योग्य रोग हैं
In which disease drinking less water is indicated

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तृण पञ्चमूल साधित जल मे क्या मिलाकर रोगी को देना चाहिए ?
What should be mixed with water prepared with Trana panchmūla to the patient of Trishnā

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चित्त का नाश होना है
Chitta nāsha is

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मद्यज तृष्णा मे निम्न मे से किस का पान निर्दिष्ट है ?
Which is indicated in the treatment of madhyaja Trishnā

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शीतल जलपान योग्य रोग है
Drinking cold water is indicated in which disease

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जिह्वानिर्गममरुचि बाधिर्य मर्मदूयनं सादम् - निम्न मे से तृष्णा की किस अवस्था का लक्षण है ?
Jihwānirgamamaruchi Bādhiryam Marmadūyanam Sādam is the lakshana of which stage of Trishnā

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ताल्वोष्ठकण्ठजिह्वाकर्कशतां चित्तनाशं च - निम्न मे से तृष्णा की किस अवस्था का लक्षण है ?
Tālwoshthakanthajihwa Karkashatām Chittanāsham cha, is the lakshana of which stage of Trishnā

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तृष्णरोग में कौन सा नस्य दिया जाता है
Which of the following is given as nasal drop in trishna roga

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क्षयज कासघ्न घृत व दुध का प्रयोग तृष्णा व्याधि के कौनसे प्रकार में निर्दिष्ट है ?
Use of Kshyaja kāsaghna ghrita and dugdha is advised in which type of trishnā

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घोरव्याधिकृशानानप्रभवत्य किस तृष्णा के विषय में कहा गया है ?
Ghorvyādhi Krushānānaprabhavatya is the reference of which Trishnā

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तप्तास्विव सिकतासु हि तोयमाशु शुष्यति क्षिप्तम् " - निम्न मे से किस तृष्णा के सन्दर्भ मे आया है ?
Taptāswiva sikatāshu hi Toyamāshu shushyati kshiptam is the reference of which Trishnā

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मुख शोष - तृष्णा का कौन सा लक्षण है ?
Mukha shosha is which lakshana of Trishnā

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संशुष्कहृदयगलतालु: किस तृष्णा का लक्षण है
Samshushka Hridaya gala tālu is the symptoms of which Trishnā

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पानतृषार्तः पानं त्वर्धोदकमम्ललवणगन्धाढ्यम् - निम्न मे से किस तृष्णा के सन्दर्भ मे आया है ?
Pānayrashārtah Pānam Twardhodakamlalavanagandhādhyam is said in the reference of

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“उष्णजल” निम्न मे से किस व्याधि की चिकित्सा है?
"Ushna jala" is treatment of which disease

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शिरसो भ्रम लक्षण किस व्याधि है
Shiraso bhrama is symptom of which disease

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बाधिर्य किस व्याधि का लक्षण है
Bādhirya is the symptom of

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जल प्रयोग निषेध किस व्याधि मे नहीं किया गया है

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चरक मतानुसार "प्रागुपं मुखशोष स्वलक्षण सर्वदाम्बुकामित्वं" लक्षण है -
According to Charaka, "Prāgrupam mukhashosha svalakshana sarvadāmbukāmitvam" is the symptom of -

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चरकानुसार तृष्णा के कितने भेद है ?
Types of Trishnā by Charaka

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क्षय कास मे उपयुक्त घृत निम्न मे से किस व्याधि मे उपयुक्त होते है ?
Ghrita used in kshaya kāsa, is also useful in which of the following diseases

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किस रोग में अल्प जलपान करने का विधान है
In which disease drinking less water is adviaed

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तृष्णा नाशक द्रव्य का स्पर्श किस अंग मे करना निर्दिष्ट है ?
Trishnā Nāshaka dravya should be touched to which part of the body

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स्त्रोतोवरोध - निम्न मे से किस तृष्णा का लक्षण है ?
Strotwarrodha is the lakshana of which Trishnā

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अल्प जल का प्रयोग कहाँ बताया गया है
Less water should be drank in which disease

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चरकानुसार शीतल जलपान करने योग्य रोग है
In which disease cold water can be used for drinking according to charaka

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चरकानुसार "सर्वासां लिंगानां लाघवमपाय:" किस व्याधि का पूर्वरूप है
"Sarvāsām limgānām lāghavampāyah" is pūrvarūpa of which disease

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कफजन्य वमन रोग की चिकित्सा मे वर्णित औषध का प्रयोग किस तृष्णा मे करना चाहिए ?
Aushadha said in the treatment of Kaphajanya Vamana, is used in which Trishnā

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निद्रानाश है
Nidranāsha is symptom of

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तृष्णा का पुर्वरूप है।। चरक
Pūrvarūpa of trishnā according to Charaka is

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