Skip to content
Home » Charak Chikitsha Chapter 26 Triimarmiya Chikitsha

Charak Chikitsha Chapter 26 Triimarmiya Chikitsha

0%
0 votes, 0 avg
26

Charak Chikitsha Chapter 26 Triimarmiya Chikitsha

1 / 109

वन्ध्यासुतप्रदम किस योग के सन्दर्भ में कहा गया है
"Vandhyāsutapradama" has been said in the context of which yoga

2 / 109

निम्न में से किस पालित्यनाशन तैल का संग्रहण मेषश्रृंग में करने का विधान है
Which of the following oil used for treating grey hair is collected in mesha shrimga

3 / 109

अश्मरी का कौनसा लक्षण चरक एवं सुश्रुत दोनों ने निर्दिष्ट किया है ?
Which symptom of ashmarī is indicated both in Charaka as well as Sushruta ?

4 / 109

यश्च न वेति गन्धम् लक्षण है
"Yashch na veti gandhama" is the symptom of

5 / 109

अदरक को दूध के साथ पाक करके पीना किस प्रतिश्याय की चिकित्सा है
Cooking ginger with milk is treatment of which Pratishyāya

6 / 109

प्रस्रन्सनस्पंदनतोदभेदा किस मुखरोग का लक्षण है
"Prasransana SpandanaTodaBhedā" is the symptom of which mukharoga

7 / 109

उदावर्त ' द्वारा न होने वाली व्याधि का नाम इंगित करें।
Which of the following disease does not occur due to "Udāvarta"

8 / 109

मुखरोगों में प्रयुक्त पीतक चूर्ण का घटक नही है
Which of the following is not a content of Pītaka chūrna

9 / 109

हृच्छून्यभाव किस हृद्रोग का लक्षण है ?
"Hrichchūnyabhāva" is the symptom of which hridaroga

10 / 109

द्विरुत्तर हिंग्वादि चूर्ण का प्रयोग किस व्याधि हेतु निर्दिष्ट है ?
Rogādhikāra of Dviruttara hingvādi chūrna is ?

11 / 109

महामायूर घृत का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of mahāmāyura ghrita

12 / 109

कफज प्रतिश्याय की आद्य चिकित्सा क्या है
What is the first treatment of Kaphaja Pratishyāya

13 / 109

अश्मरीजन्य मूत्रकृच्छ्र में अपथ्य है
Apathya in ashmarījanya mūtrakrichcha is

14 / 109

कृछ्रानमुहुर्मूत्रयतीह किस मुत्रकृच्छ्र का लक्षण है ?
"Krichchrānamuhurmutrayatih" is the symptom of which mūtra krichcha

15 / 109

समीक्षं दोष प्रतिकर्म कुर्यात किस मूत्रकृच्छ्र का चिकित्सा सिद्धांत है ?
"Samīksham dosha pratikarma kuryāta" is the principle of treatment of which disease

16 / 109

कृष्णात्रेय भाषित तैल है
Oil by krishnātreya is

17 / 109

चरकानुसार हृद्रयरोग की संख्या है
Number of hridaya roga according to charaka

18 / 109

निम्न में से किस व्याधि हेतु द्विरूतरहिंग्वादि चूर्ण का वर्णन नहीं है ?
Dvirūtarahingvādi chūrna is not mentioned for which of the following disease ?

19 / 109

उदावर्त की चिकित्सा है
Treatment of Udāvarta is

20 / 109

त्रिमर्म में सम्मिलित नहीं है -
Following is not included in Trimarma -

21 / 109

पीतक चूर्ण का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of pītaka chūrna

22 / 109

खदिरादि गुटिका में खदिरसार का प्रयुक्त प्रमाण क्या है
Quantity of kahdirasāra in khadirādi gutika

23 / 109

चरक के अनुसार अरुचि के भेद हैं
Types of aruchi according to Charaka

24 / 109

वली पलित में लौह भस्म किसके साथ देना चाहिए
Loha bhasma should be given along with which of the following in valī palita ?

25 / 109

महानील तैल का प्रयोग किस रूप में किया जाता है
Mahānīla taila is used as

26 / 109

त्रिदोषज मूत्रकृच्छ्र की चिकित्सा है
Treatment of tridoshaja mūtrakrichcha

27 / 109

लवण वक्त्र किस अरोचक का लक्षण है
Lavana vaktra is symptom of which Arochaka?

28 / 109

योन्यासृकशुक्रदोषेषु शस्तं है
Yonyāsrikashukradosheshu shastama is

29 / 109

चरकानुसार पीनसवत चिकित्सा करनी चाहिये
Treatment like pīnasa should be done in

30 / 109

चरकानुसार कफज मूत्रकृच्छ्र में प्रवाल चूर्ण के साथ प्रयोग करना चाहिए
What should be used with pravāla chūrna in kaphaja mūtrakrichcha according to charaka

31 / 109

चरकानुसार प्रवाल चूर्ण का प्रयोग निर्दिष्ट है
According to Charaka, Pravāla Chūrna is advised in

32 / 109

मायूर घृत का घटक कौन सा है
Which of the following is a content of māyura ghrita

33 / 109

अश्मरी रोग की चिकित्सा हेतु प्रयुक्त त्रुट्यादि चूर्ण का प्रयोग सभी अम्ल द्रव्यों के साथ करना चाहिए सिवाय
Which among the amla dravya should not be used with trutyādi chūrna mentioned for the treatment of ashmari roga

34 / 109

शीतज्वर नाशक अगुर्वादि तैल का रोगाधिकार है ?
Rogādhikāra of shītanāshaka Agurvādi taila is

35 / 109

सुखावती वर्ति का प्रयोग किस रोग में होता है
Sukhāvati varti is used in which disease

36 / 109

निम्न में से किस चूर्ण में सारस नामक पक्षी की अस्थि प्रयुक्त होती है
Which of the following chūrna has bones of a bird named Sārasa

37 / 109

उदान वायु का कफ से आवृत होकर नासामार्ग का अवरुद्ध होना कौनसी व्याधि का लक्षण है
Udāna vāyu when gets obstructed by kapha and leads to the blockage of nāsāmārga, is the symptom of which disease

38 / 109

निगद नामक मद्य को पीकर तेज चलने वाली सवारी पर चढना किस रोग की चिकित्सा है
After taking alcohol named Nigada the patient should ride on a vehicle running very fast, is the treatment of which disease

39 / 109

दृष्टिप्रदा वर्ति निर्माण करते समय घटक द्रव्यों को दूध में घोटकर ताम्र पात्र में लेप करके कितने समय तक रखना चाहिए
In the process of formation of Drishtipradā Varti, the contents mixed with milk are applied in copper vessel for how many days

40 / 109

वातज स्वरभेद में घृतपान करना चाहिए
Ghritapāna should be done in which Vātaja Svarabheda

41 / 109

हृत्स्तम्भ मूर्धामय गौरवाभ्याम उद्गारसंगेंन सपीनसेन। किस व्याधि का लक्षण समुच्चय है ?
"Hritastambha mūrdhāmaya gauravābhyām udagārasamgena sapīnasena" are the symptoms of which disease

42 / 109

महानील तैल निर्माण में किस तैल का प्रयोग किया जाता है
Which oil is used in preparation of māhānīla taila

43 / 109

किस हृदय रोग में "तीव्रार्तितोदं" लक्षण है
" Tīvrārtitodam" is the symptom of which Hridhaya Roga

44 / 109

महानीलमिति ख्यातं ........... घ्नमनुत्तमम्।
Mahānīlamiti khyātam............. aghanamuttamama

45 / 109

निम्न में से कालक चूर्ण का घटक नही है
Which of the following is not a content of kālaka chūrna

46 / 109

किस अरोचक ने मुख का स्वाद अनेक रसवाला हो जाता है
Different types of taste appears in the mouth in which type of arochaka

47 / 109

क्षारगुटिका को कितने दिनों तक कालेमोखा की राख में रखना चाहिए
For how long kshāra gutikā should be kept inside a heap of ash

48 / 109

चरक अनुसार मूत्रकृच्छ्र में कौनसा रस अपथ्यकर है ?
According to Charaka , which rasa is not favourable in mūtrakrucchra ?

49 / 109

हृदय में शून्यता किस हृदय रोग का लक्षण है।

50 / 109

प्रपौण्ड्रीकादि तैल विशेष रूप से नाश करता है
Praprauandrīkādi taila is advised in

51 / 109

वर्चोSप्रवृत्ती जठरे च गंडान्य उर्ध्वश्च किसका लक्षण है ?
"VarchoApravritti jathare cha gamdānya urdhavashcha" is the symptom of

52 / 109

मायूर घृत का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of māyura ghrita

53 / 109

चरकानुसार पित्तज हृद्रोग की चिकित्सा है
Treatment of Pittaja Hridaroga according to charaka is

54 / 109

उदावर्त का वर्णन चरक ने किस अध्याय में किया है
In which chapter charaka explained udāvarta?

55 / 109

चरकानुसार वातज स्वरभेद की चिकित्सा में प्रयुक्त है
What is advised in treatment of Vātaja Svarabheda according to Charaka

56 / 109

बल,कोष्ठ,व्याधि के अनुसार एरण्ड तैल की प्रशस्त मात्रा है
According to bala koshtha and vyādhi quantity of Eranda taila to be used is

57 / 109

पिच्छिल मूत्र की प्रवृत्ति किस मूत्रकृच्छ्र का लक्षण है ?
Tendency to foamy urine is symptom of which Mūtrakruchchhra ?

58 / 109

रोगी का मुख लवण,विरस होना किस अरोचक का लक्षण है
Lavana and Virasa taste in mouth is symptom of which type of arochaka

59 / 109

कृच्छ्रतमं हि कृच्छ्रम् किस मूत्रकृच्छ्र के लिए कहा गया है
"Krichcharatamam hi krichrama" is said for which mūtrakrichchra

60 / 109

उदावर्त से होने वाला रोग है
Disease due to Udāvarta is

61 / 109

_______ कवलग्राहा धूमा: समुखधावना:च.चि.)। रिक्‍त स्‍थान भरें।
............. kavalagrāhā dhūmāh samukhadhāvanāh charaka chikitsā) fill in the blank

62 / 109

शतवर्यादि क्वाथ विशेष रूप से हितकर है
Shatāvaryādi kvātha is specially beneficial in

63 / 109

कालक चूर्ण किस रोग को दूर करता है
Kālaka chūrna cures which disease

64 / 109

कार्पासमुलादि योग का रोगाधिकर हैं
Rogādhikāra of Kārpāsamulādi yoga is -

65 / 109

कृमिज हृद्रोग की चिकित्सा है
Treatment of krimija Hridaroga

66 / 109

चरकानुसार गन्ध तैल किस व्याधि का नाश करता है
According to Charaka, gandha taila is used in treating.....

67 / 109

मूत्रकृच्छ्र का वर्णन चरक ने किस अध्याय में किया है
In which chapter charaka explained mūtrakrichcha?

68 / 109

दन्तास्यगलरोगनुत किस योग के सन्दर्भ में हैं
" Dantāsyagalaroganuta" is said in the context of

69 / 109

चरकानुसार मुखरोगो के प्रकार कितने हैं
Types of mukharoga according to Charaka

70 / 109

अरोचक में वायु की प्रधानता होने पर प्रयुक्त चिकित्सा है
Treatment to be advised in Arochaka with excess of vāyu

71 / 109

चरक अनुसार एरंड तैल का प्रयोग किन व्याधियों में प्रशस्त माना गया है ?
Use of castor oil is best in which disease according to charaka

72 / 109

आयुर्वेद के आठ अंगों में से शालाक्य तंत्र का वर्णन चरक के किस स्थान में किया गया है
Where is the reference of shālākya tantra among Shyāva found in charaka

73 / 109

वातज प्रतिश्याय में क्या उपयोगी है ?
Which is useful in Vataja Pratishyaya ?

74 / 109

चरकानुसार सुखावती वर्ति का प्रयोग निर्दिष्ट है
Sukhāvatī Varti has been indicated in which disease according to charaka

75 / 109

तिमिरं पटलं काचं मलं किस योग के सन्दर्भ में है
"Timiram patalam kācham malam" is in the context of which yoga

76 / 109

शंख मूर्धा ललाट में पाणिस्वेद का निर्देश है
Pānisveda in shamkha, mūrdhā, lalāta is advised in

77 / 109

चरक ने उदावर्त की चिकितस हेतु एरण्ड तैल की कितनी मात्रा बताई है
What quantity of Eranda taila has been advised by charaka for the treatment of Udāvarta

78 / 109

छर्दि: कफोत्क्लेशरुजोsरुचिश्च' किसके लक्षण है
"Chardih KaphotkleshaRujoAruchishcha" is the symptom of

79 / 109

कृच्छ्रतम मूत्रकृच्छ्र है
Krichratama mūtrakrichcha is

80 / 109

दृष्टिप्रदा वर्ति निर्माण करते समय घटक द्रव्यों को दूध में घोटकर कौन से पात्र में लेप करके रखना चाहिए
In the process of formation of Drishtipradā Varti, the contents mixed with milk are applied in which utensil

81 / 109

चरक अनुसार त्रिदोषज हृद्रोग में सर्वप्रथम कौन सी चिकित्सा करनी चाहिए ?
What treatment should be done in tridoshaja Hridaroga according to charaka

82 / 109

ग्रीष्म ऋतुचर्या में बताये गए विधान का पालन करने का निर्देश किस मूत्रकृच्छ्र में मिलता है ?
For which type of mūtrakrichcha grīshma ritucharyā regimen is asked to follow

83 / 109

महानील तैल का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of Mahā nīla taila

84 / 109

हृच्छून्यभावद्रवशोषभेदस्तम्भा: सम्मोहा: - कौनसे हृद्रोग का लक्षण है ?
"Hruchchhūnya bhāvadravashosha bhedastambhāh sammohāh" is the symptom of which Hrudroga ?

85 / 109

प्रक्लीद्यते धूप्यति नासा' किसके लक्षण है
"Praklīdhyate dhūpyati nāsā" are the symptoms of

86 / 109

अश्मरी का कौन-सा लक्षण चरक एवं सुश्रुत दोनों ने निर्दिष्ट किया है ?
Which symptom of Ashmarī is mentioned both by Charaka and Sushruta ?

87 / 109

यश्च न वेति गन्धम्' किसका लक्षण है
"Yashcha na vetti gandhama" is the symptom of

88 / 109

द्विरूत्तर हिंग्वादि चूर्ण का घटक द्रव्य निम्न से से नहीं है ?
Which of the following is not a content of dvirūtara hingavādi chūrna

89 / 109

न वेति यो गन्धरसांश्च किस रोग का लक्षण है
"Na veti yo gandhrasāmshch" is the symptom of which disease

90 / 109

हृद्रोग के साथ यदि वातज गुल्म उत्पन्न हो गया हो तो किसका प्रयोग करना चाहिए
What should be used if there is Hridaroga associated with vātaja gulma

91 / 109

चरकानुसार उदावर्त चिकित्सार्थे बलकोष्ठव्याधि ज्ञात करके एरण्ड तैल की मात्रा कितनी दी जानी चाहिए ?
What quantity of eranda taila is advised for the treatment of udāvarta on the basis of knowledge of balakoshtha vyādhi according to Charaka

92 / 109

द्विरूत्तर हिंग्वादी चूर्ण में कौनसा घटक द्रव्य नहीं है ?
Which of the following is not a content of Dvirutara Himgvādī Chūrna

93 / 109

चरक अनुसार,निम्नलिखित में से कौन सा रोग, 'उदावर्त ' के कारण होने वाला रोग नही है?
Which of the following is NOT the disease caused due to 'Udavarata' as per Charaka ?

94 / 109

कर्णरोगो की संख्या के सन्दर्भ में असत्य है
What us not true in the context of number of karna roga

95 / 109

चरक ने अश्मरी का स्वरूप किसके तुल्य माना है
Charaka has compared structure of Ashmari with

96 / 109

चरक के अनुसार यदि नासिका में अर्बुद और अधिमांस रोग हो तो कौन सी क्रिया का प्रयोग करना चाहिए
What procedure should as per charaka if there is arbuda and adhimāmsa roga in nasal cavity

97 / 109

मुखकर्णाक्षिरोगेषु यथोक्तं .......... विधिम्
Mukhakarnākshirogeshu yathoktama........... vidhim

98 / 109

चरकोक्त दृष्टिप्रदा वर्ति निर्माणार्थ प्रयुक्त दुग्ध है
Which milk is used in the preparation of Drishtipradā Varti by charaka

99 / 109

चरकानुसार नेत्र रोगों के प्रकार कितने होते है
Types of netraroga according to charaka

100 / 109

कफज हृद्रोग की चिकित्सा हेतू प्रयुक्त उदुम्बरादि लेह का अनुपान है।

101 / 109

हिंगुद्विरूत्तर चूर्ण में कौनसा घटक द्रव्य सम्मिलित नहीं है ?
Which dravya is not an ingredient of Hingudvirūttara Chūrna ?

102 / 109

Hingudwiruttar Churna is mentioned in ..............
Hingūdwiruttara Chūrna is described in which chapter

103 / 109

चरकानुसार नासारुंषिका में दोष है
Dosha in nāsārumshika according to Charaka

104 / 109

अश्मरी एवं शर्करा में कौनसी चिकित्सा करनी चाहिए ?
What treatment should be done in ashmari and sharkarā

105 / 109

चरकानुसार शिरोरोगो की संख्या है
Number of Shiroroga according to charaka

106 / 109

अश्मरी जन्य मूत्रकृच्छ्र में अपथ्य है
Apathya in ashmarī janya mūtra krichcha

107 / 109

हृदय शून्यता और द्रवता किस हृदय रोग का लक्षण है
Hridaya shūnyatā and dravatā is the symptom of which hridaya roga

108 / 109

कटफलादि क्वाथ का प्रयोग किस रोग में किया जाता है
Kataphalādi kvātha is used in which disease

109 / 109

चरक ने शिलाजीत का प्रयोग किस हृदय रोग में बताया है
Use of shilājīta in which Hridaroga by charaka

Your score is

The average score is 61%

0%

Exit

Please click the stars to rate the quiz

2 thoughts on “Charak Chikitsha Chapter 26 Triimarmiya Chikitsha”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *