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Charak Chikitsha Chapter 28 VatVyadhi Chikitsha

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Charak Chikitsha Chapter 28 VatVyadhi Chikitsha

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स्मृतिबलक्षयम् किसका लक्षण है
"Smritibalakshaya" is the symptom

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परिकर्तिका रोग - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Parikartikā is the lakshana of the following āvarana

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आवृत वातविकार कितने समय तक उपेक्षा करने से दुरूपक्रम हो जाते हैं
Āvrita Vāta vikāra is incurable after how long

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तदुल्लेखः पाचनं दीपनं लघु यह चिकित्सा किस आवरित वात मे करते है ?
Tadullekha Dēpanam Pāchanam laghu is the treatment of

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कण्ठास्यशोषश्र्च - किस स्थान गत वायु के कोप का लक्षण है ?
"Kanthāsyashoshashcha" is lakshana of which sthāna gata kupita vāyu

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आत्मरूपम् तु यद्व्यक्तं अपायो लघुता पुनः किस व्याधि का रूप है
"Ātmarūpam tu yadavyaktam apāyo laghuta punah" is symptom of which disease

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खल्ली रोग का स्थान क्या है
Sthāna of khalli roga

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वायु जब पित्त से अनुगत हो - इस अवस्था में किस प्रकार दोषों का निर्हरण करना चाहिए ?
When Vāyu is associated with pittaa, then the doshas are treated with

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स्वेददोषाम्बुवाहिनी' किस वायु के लिए कहा गया है ?
Svedadoshāmbuvāhini" has been said for which vāyu

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बलातैल का रोगाधिकार है
Rogādhikāra of balātaila

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नाड़ीस्वेदोपनाहाश्र्चाप्यानूपपिशितैर्हिताः - किस व्याधि के सन्दर्भ मे आया है ?
"Nādisvedopanāhāshchāpyānūpapishitaurhitā" is in context of which vyādhi

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वायु के कितने भेद बताये गए है ?
Types of Vāyu are

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कफमेहस्य चागमः - किस आवृत वायु का लक्ष्णं है ?
Kaphamehasya chāgamah is the symptoms of which Āvrata Vāta

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निम्न मे से सबसे कष्ट कर आवरण कौन सा है ?
Which is the most difficult Āvarana

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अपान वायु का स्थान नहीं है -
Not a site of apāna vāyu is -

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उदावर्त रोग के समान चिकित्सा किस आवरित वात मे करते है ?
Which vāta āvarana has the line of treatment as of Udāvarta

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सिरास्नायूर्विशोष्य च - किस व्याधि के सन्दर्भ मे आया है ?
"SirāSnāyurVishoshya cha" has come in context of which vyādhi

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दीपनं ग्राहि चाशनम्"- यह किस आवृत वात की चिकित्सा मे सम्मिलित है ?
Dēpanam grāhī chāsanam

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माष और सेन्धव सिद्ध तैल का अभ्यंग निम्न में से किस अवस्था में निर्दिष्ट है ?
Māsha and Saindhava siddha taila Ābhyamga is advised in which situation

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समान वायु प्रकोप का चिकित्सा सूत्र है
Chikitsā sutra of samāna vāyu prakopa

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स्नेह युक्त विरेचन किस व्याधि की चिकित्सा में निर्दिष्ट है ?
Sneha yukta Virechana is indicated in the treatment of which disease ?

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आचार्य चरक के अनुसार, "आश्वासन" किस आवृत वात की चिकित्सा है ?
Acc. to Acharya Charaka, "Āshwāsana" is the treatment of which āvruta vāta ?

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वेदनाभि: परीतश्च स्फुटन्तीवास्य सन्ध्य: लक्षण है
"Vedanābhih paritashch sphutantīvāsya samdhyah" is the symptom of

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शुक्रमूत्रशकृन्ति च । सृजत्यार्तवगर्भौ च - निम्न में से किसके सन्दर्भ मे आया है ?
"ShukraMutraShakrinti cha. SrijatyārtavaGarbhau cha" this has come in context of

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मन्या स्तम्भं मे वायु किनके आश्रित नाड़ियों का आश्रय लेती है ?
Vāyu takes Āshraya in Nādī of which of the following in Manyāstambha

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निर्गुण्डी तैल निर्माण में निर्गुण्डी के किस भाग का प्रयोग किया जाता है ?
Which part of Nirgundi is used for the preparation of Nirgundī Taila

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तूष्णं पीडनं चाभिनन्दति - किस वायु का लक्षण है ?
"Tūshanam pīdanam chābhinandati" is symptom of which Vāyu

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क्लम: गात्रविक्षेपसङ्गश्च किसका लक्षण है
"Klamah gātravikshepasamgashch" is the symptom of

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महा स्नेह से युक्त चिकित्सा किस आवरित वात मे करते है ?
In which vāta āvarana chikitsā is done by Mahāsneha

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Match the following options: 1.प्राणावृत समाने 2.व्यानेप्राणावृते 3.उदानावृते प्राणे 4.व्यानावृत अपाने ============= a.स्युर्जडगदगदमूकता b.कर्मोजोबलवर्णानाम नाशो मृत्योरथापि वा C.वम्याध्यमानमुदावर्त गुल्मर्ति परिकर्तिका : d.सर्वेंद्रियाणाम् शून्यत्वं ज्ञात्वा स्मृतिबलक्षयम्
Match the following 1 prānāvrata samāne...........a syurjadgadagadmūktā 2 vyāneprānāvrate...............b karmojobalvarnānām nāsho mrutyorthāpi vā 3 udānāvrate prāne.............c vamyādhyāmānamudāvarta gulmāti parikartikā 4 vyānāvrata apāne.............d sarwendriyānāmshūnyatwam gyātwā smratibalkshayam

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अर्दित रोग में प्रयुक्त चिकित्सा है
Treatment advised for ardita roga

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गृध्रसी मे अंगों के स्तम्भन का क्या क्रम है ?
Sequence of Amga Stambhana in Gridhrasī

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.....संश्रितं बलम्
"...........samshrita balam"

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दन्तानां दशनं जृम्भा लालस्रावश्च किसका लक्षण है
"Dantānām dashanam jrimbhā lālāsrāvashch" is the symptom of

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चरक अनुसार, "खल्ली" की चिकित्सा में निर्दिष्ट है ?
According to Charaka, following is indicated in the treatment of "Khallī" ?

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चरकानुसार किस वायु के आश्रित जीवन है ?
Jēwana

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आत्मरूपं तु तद् व्यक्तमपायो लघुता पुनः किस व्याधि में सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Ātmarūpam Tu yad vyaktamapāyo laghutā punah" is said in context to which disease ?

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वाक्प्रवृति: is karma of which vaayu
Vākaprawrati is the karma of which Vāyu

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दाहस्तृष्णा शूलं भ्रमस्तमः - निम्न में से किस आवरण का लक्षण है ?
"Dāhastrishnā shūlam bhramastamah" is symptom of āvarana of

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सभी आवृत वात विकार कितने समय के पश्चात दुरुपक्रम्य हो जाते हैं
All āvrita vāta vikāra become incurable after how long

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कोष्ठगत वायु की चिकित्सा है
Treatment of Koshthagata vāyu

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चरक अनुसार, "शीघ्रगतिनृणाम्" किस वायु का कर्म है ?
According to Charaka, "Shīghragatinrunām" is the function of which vāyu ?

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वेदनाभि: परीतश्च स्फुटन्तीवास्य सन्धय:' किसके लक्षण है
"Vedanābhih paritashch sphutantīvāsya sadhayah" is the symptom of

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विरेचन , रक्तमोक्षण , शीत प्रदेह प्रयोग - किस स्थान गत वायु की चिकित्सा है ?
Virechana, Raktamokshana and shīta pradeha is which sthāna gata chikitsā

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सर्वांग कुपित वात मे किस प्रकार की चिकित्सा करनी चाहिए ?
What type of treatment should be done in Sarvāmga kupita Vāta

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वात व्याधि मे अधिक दोष होने पर किस प्रकार का विरेचन देना चाहिए ?
What type of Virechana should be given in Vāta Vyādhi in situation of Adhika dosha

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वायु के परस्पर आवरण कितने है ?
Total āvarana of vāta is

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दन्ताना दंशनं लाला पृष्ठायामः शिरोग्रहः -निम्न में से किस व्याधि का लक्षण है ?
"Dantānām dashanam Lālā prishthāyāmah shirograh" is lakshana of which vyādhi

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क्षयवृद्धिसमत्वं च तथैवावरणं भिषक्। विज्ञाय पवनादीनां न प्रमुह्यति कर्मसु कहाँ का सन्दर्भ है ?
"Kshayavruddhisamatvam cha tathaivāvaranam bhishak, vignāya pavanādīnām na pramuhyati karmashu" is the reference of -

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वात यदि कफ एवं पित्त दोनों से आवृत हो तो सर्वप्रथम किसकी चिकित्सा करनी चाहिए ?
If Vāta is covered both by Kapha and Pitta, then which treatment should be done first ?

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भ्रम, मूर्च्छा, शूल यह पित्तावृत किस वात के लक्षण है ?
Bhrama , Mūrcchā, Shūla are symptoms of which Pittāvruta Vāta ?

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सर्वेंद्रियाणाम् शून्यत्वं किस आवृत वात का लक्षण है
Sarvendriyānām shūnyatvam is symptom of which āvrita vāta

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पाणिभ्याम् लभते सुखम्" किसका लक्षण है
"Pānibhyāma labhate sukhama" is the symptom of

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स्वेदन , अभ्यंग , मांस रस आदि से युक्त चिकित्सा किस आवरित वात मे करते है ?
In which vāta āvarana chikitsā is done with, swedana abhyanga and māmsarasa

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इन्द्रियवध किस स्थानगत वात का लक्षण है ?
Indriyavadha is the symptom of which Sthānagata Vāta ?

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हत्वैकं मारुतः पक्षं दक्षिणं वाममेव वा - किस व्याधि के सन्दर्भ मे आया है ?
"Hatvaikam mārutah paksham dakshinam vāmameva vā" this is in context of which vyādhi

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आवृत वात के रोगी को किस आहार का सेवन करते हुए " च्यवन प्राश सेवन " निर्दिष्ट है ?
Chyawanprāsh for Āvrata Vāta person is advised with which Āhāra

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कोष्ठाश्रित वात में विशेष रूप से हितकर चिकित्सा उपक्रम कौनसा है ?
Which treatment procedure is beneficial in koshthāshrita vāta

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ओजोभ्रंश किसका लक्षण है
Ojobhramsha is the symptom of

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अपानावृत्त व्यान वायु की विशिष्ट चिकित्सा मानी गई है -
Specific treatment indicated for Apānāvrutta Vyāna Vāyu is -

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किस दोष से आवृत वायु मे " लघु पञ्चमूल और बला सिद्ध दुग्ध " का प्रयोग पथ्य है ?
Laghu Panchamūla and Balā siddha dugdha is Pathya in Vāta Āvarana by which dosha

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उपेक्षित आवृत वायु का उपद्रव है
Upadrava of upekshita āvrita vāyu

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धनुस्तम्भ मे वायु किनके आश्रित नाड़ियों का आश्रय लेती है ?
in Dhanustambha, Vāyu takes Āshraya of Nādīs Āshrita on

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कट्वम्ललवणोष्णश्र्च विदाहः - निम्न में से किस आवरण का लक्षण है ?
"KatuAmlaLavanOshanshcha vidāhah" is symptom of which Āvarana

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वाकस्तम्भनम् किसका लक्षण है
"Vākastambhanam" is the symptom of

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अपायो लघुता पुनः' किसके लिए कहा गया है
"Apāyoh laghutā punah" has been said for

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वातव्याधियों में सर्वश्रेष्ठ स्नेह है
Sarvashreshtha sneha for Vāta vyādhi

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चरकानुसार 'आढ़यवात ' किस व्याधि को कहा गया है
What disease has been called "ādhyavāta" by charaka

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शिरोनासाक्षिजत्रुणां ग्रीवायाश्चापि हुण्डनम् में "हुण्डनम्" शब्द का क्या अर्थ है ?
What is the meaning of "Hundanam" in "Shironāsākshijatrunām Grīvāyāshchāpi Hundanam" ?

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.शोष - किस स्थान गत वायु के कोप का लक्षण है ?
"Shosha" is which sthāna gata kupita vāyu lakshana

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दण्डमुष्टिहतम् लक्षण है
"Dandamushtihatam" is the symptom of

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ओजोभ्रंश किसका लक्षण है
Ojobhramsha is the symptom of

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भवेत् सरागः श्र्वथुर्जायन्ते मण्डलानि च - किस आवरण का लक्षण है ?
"Bhaveta sarāgah shvathurjāyante mandalāni cha" is symptom of which Āvarana

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अन्तराकण्डरागुल्फं सिरा बस्त्यग्निकर्म च " - किस व्याधि का चिकित्सा कर्म है ?
"Antarākandarāgulpham sirā bastyagnikarma cha" chikitsā karma of which vyādhi

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ग्रहो विण्मूत्रवातानां - निम्न में से किसके कोप का लक्षण है ?
"Graho vinamūtravātānām" is lakshana of kopa of

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चरकोक्त "लोके वाय्वर्कसोमानां दुर्विज्ञेया यथा गति:"किस अध्याय का सन्दर्भ है
"Loke vāyavarkasomānām durvijnaeyā yatha gatih" is in which chapter of charaka samhita

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गर्भाशय गत वात मे किन द्रव्यों से सिद्ध दुग्ध का प्रयोग करना चाहिए ?
Milk cooked with which dravyās should be used in Garbhāshaya gata Vāta

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हृदय रोग - किस स्थान गत वायु के कुपित होने का लक्षण है ?
"Hridaya roga" is lakshana of which sthāna gata kupita vāyu

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संवृतवक्रताम् - निम्न में से किस व्याधि का लक्षण है ?
"Samvrita Vaktratām" is symptom of which vyādhi

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वातव्याधिहरं श्रेष्ठं तैलाग्रयम् - किसके सन्दर्भ मे आया है ?
"Vātavyādhiharam shreshtham tailāgrayam" is in the context of

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श्रोणि , वंक्षण , पृष्ठ वेदना - किस आवरण मे होती है ?
Shroni, vamkshana and Prishtha Vedanā is symptom of which Āvarana

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स्वेदाः सोत्तरबस्तयः यह चिकित्सा किस आवरित वात मे करते है ?
Swedāh Sottarbastyāh is the treatment of

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मोहोअ्ल्पोअ्ग्निरतीसार - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Mohoalpoagniratisāra is the lakshana of which āvarana

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वात के साथ कफ व पित्त के संसृष्ट होने पर प्रथमतः किसकी चिकित्सा की जानी चाहिए ?
Occulusion of both Kapha and Pitta with Vāta, which treatment should be done primarily ?

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आमावृत वात में कौन सी चिकित्सा करनी चाहिए
What treatment should be done in āmāvrita Vāta

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अपान वायु का स्थान नहीं है -
Not a site of Apna Vāyu is -

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स्वेदन क्रिया के द्वारा कुपित पित्त अपने लक्षण शरीर मे उत्पन्न करे तो इस अवस्था किस विधि से चिकित्सा करनी चाहिए ?
Kupita pitta by svedana kriyā when produces its symptoms in whole body then what treatment procedure is used

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किस आवरण मे त्वचा और मांसपेशियों के मध्य में दाह और अधिक वेदना होती है ?
Vedanā and Dāha in mid of tvachā and māmsa peshī is found in which Āvarana

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वातव्याधि में पित्तकफ का संसर्ग होने पर किसकी चिकित्सा प्रथम करनी चाहिए
What should be treated first in Vāta vyādhi with pitta kapha samsarga

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कृच्छमुत्रपुरीषत्वमानाहं - किस कुपित वायु का लक्षण है ?
"KrichchaMūtraPurīshatvam Ānāham" is lakshana of which kupita vāyu

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त्रिक प्रदेश में वेदना - किस स्थान गत वायु के कोप का लक्षण है ?
"Vedanā in trika pradesha" is lakshana of which sthāna gata kupita vāyu

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श्रेष्ठं वातव्याधिविनाशनम् - निम्न में से किसके विषय में आया है ?
"Shreshtham vātavyādhi vināshanam" this has come in context of

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प्रमेह , वात और मेदा को नष्ट करने वाली चिकित्सा का प्रयोग निम्न मे से किस आवरण मे करते है ?
Chikitshā which is also done to treat Prameha V āta and Medā is done in which Āvarana

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जड़,गदगद,मूकता किस आवरण का लक्षण है
Kāsa, gadagada, mūkatā symptom of which āvarna

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शनैर्नामयितुं शक्यं यथेष्टं शुष्कदारुवत् - यह उदाहरण किस सन्दर्भ मे आया है ?
"Shanairnāmayitum shakyam yatheshtam shushkadāruvata" this example has come in context of

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स्वेददोषाम्बुवाहीनि किस वायु के लिए कहा गया है ?
"Swedadoshāmbuvāhīni" is said for which vāyu ?

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किस प्रकार के आहार सेवनं से एकत्रित मल स्रोतो को बांध कर वायु को रोक देता है ?
What types of Āhāra sevana blocks Vāyu by binding the mala srota?

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शालपर्णी के कल्क से सिद्ध किया हुआ दूध हितकर होता है
Milk when boiled with shālaparni kalka is beneficial in

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पक्वाशय मे कफ स्थित हो तो किस पंचकर्म का प्रयोग वर्णित है ?
If there is kapha in Pakvāshaya then what among panchkarma is advised

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Sthaana of Vyaana vaayu according to Charaka is
Sthāna of Vyāna Vāyu by Charaka is

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दीपनंसर्पिरिष्यते "- यह किस आवृत वात की चिकित्सा है ?
Dēpanam sarpirishyate is the treatment of which Āvrata vāta

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बल और स्मृतिभ्रंश यह किस आवृत्त वात के लक्षण है ?
Bala and Smrutibhransha are symptoms of which Āvrutta Vāta ?

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आमाशय मे कफ भरा हो तो किस पंचकर्म का प्रयोग वर्णित है ?
Which panchkarma is used if there is kapha in Āmāshaya

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छर्दिश्र्वासादयो गदाः - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Chhardi swāshādayo gadāh is the lakshana of which of the following āvarana

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रुक्षास्फुटिता सुप्ता कृशा कृष्णा च तुद्यते - यह निम्न में से किसका लक्षण है ?
"RukshāSphutitā suptā krishā krishnā cha tudhyate" this is lakshana of

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समान वायु के कुपित होने पर क्या चिकित्सा सूत्र है ?
Line of treatment when Samāna vāta is imcreased

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किस दोष से आवृत वायु मे वत्यास कर्म वर्णित है ?
Vatyāsa karma is advised in Vāta Āvarana by which dosha

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स्नायुगत दुष्ट वायु का लक्षण क्या है
Lamghana of Snāyugata dushta Vāyu is

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रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिये :- वायु :_______सर्व ।
Vāyu..........sarva. fill in the blanks

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लंघन,आयास,उष्णकामिता किसका लक्षण है
Lamghana, āyāsa, ushnakāmitā is the symptom of

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पित्तावृत वात मे किस जल का प्रयोग परिषेचन व स्नान मे करना चाहिए ?
Which jala is used for parishechana and snāna in pittāvrita Vāta

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संकोच: पर्वणां स्तम्भो भेदोअ्स्थां पर्वणामपि - यह किस सन्दर्भ मे आया है ?
"Samkochah parvanām stambho bhedoasthām parvanāmapi" this has come in context of

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गुदगत वात के प्रकोप मे किस स्थान में वेदना होती है ?
Vedanā sthāna in guda gata Vāta prakopa

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चलः स्निग्धो मृदुः शीतः शोफ - किस आवरण का लक्षण है ?
"Chalah snigdho mriduh shītah shopha" is symptom of which Āvarana

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...... नावनं मूर्धि तैलं तर्पणमेव च - किस व्याधि की चिकित्सा के सन्दर्भ मे आया है ?
"...........Āgama mūrdhi tailam tarpanameva cha" has come in context of treatment of which disease

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रजसश्चातिवर्तनम् किसका लक्षण है
"Rajasashchātivartanam" is the symptom of

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चरकानुसार खल्ली रोग की चिकित्सा के सन्दर्भ में असत्य है
What is not true in the context of khalli roga chikitsā as per charaka

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आवृत वात विकारो की कितने समय तक उपेक्षा करने से वे असाध्य हो जाते हैं
Āvrita vāta vikāra becomes incurable after how long if left untreated

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बाहु या शिर प्रदेश मे वायु के कुपित् होने पर वात नाशक तैल और घृत का प्रयोग किस समय करना चाहिए ?
Vāta Nāshaka taila and ghrita should be used at what time when vāyu prakopa happens in Bāhu and Shira pradesha

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अस्वेदश्र्चेष्टाहानिर्निमीलनम् - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Asweda Acheshtā Hānih Nimīlanam is the lakshana of which ava

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ष्ठीवनं क्षवथूद्गारश्र्वासाहारादि कर्म च - निम्न में से किस वायु के कर्म है ?
"Shthīvanam kshavathūdgārashvāsāhārādi karma cha" is karma of which vāyu

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वात व्याधि सें पीडित दुर्बल के, विरेचन योग्य न होने पर ,किस प्रकार चिकित्सा करनी चाहिए ?
If a Durbala is suffering from vātavyādhi, and is not suitable for virechana, then the treatment is done by

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ज्ञात्वा स्मृतिबलक्षयम् - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Gyātvāsmaratibalakshayam is the symptoms of

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भोजन के बाद उदर में शूल उत्पन्न होना और भोजन के पच जाने पर शूल की शान्ति होना किसका लक्षण है
Pain in abdomen after intake of food and alleviation of pain after the digestion of food is the symptom of

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आचार्य चरक के अनुसार 'अस्वस्थ हृदयं' निम्न में से किसका लक्षण है
According to āchārya Charaka "asvastha Hridayam" is the symptom of

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अर्दित व्याधि मे निम्न में से किस प्रदेश में वेदना होती है ?
Regions of pain in Ardita

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त्वचा में कुपित वात मे किस प्रकार की चिकित्सा करनी चाहिए ?
What type of treatment should be done in Vāta kupita in Tvachā

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पर्वरूक - निम्न में से किसका लक्षण है ?
"Parvaruka" is the lakshana of which of the following

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गात्रस्फुरणभञ्जने - निम्न में से किसके प्रकोप का लक्षण है ?
"GātraSphuranaBhanjane" is lakshana of prakopa of

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अग्नि, ओज,बलनाश - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Agni Oja balanāsha is the lakshana of which āvarana

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वात की कितनी नानात्मज व्याधियां है ?
Nānātmaja vyādhi of Vāta are

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उर: कंठ is sthaana of which vāyu ?

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बलादि घृत की कितनी मात्रा का प्रयोग नस्यार्थ करनी चाहिए ?
Balādi ghrita should be used for Nasya in what Mātrā

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पर्वभेद - निम्न में से किसका लक्षण है ?
"Parvabheda" is symptom of which of the following

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चरक ने "आढ्यवात" की संज्ञा किसे दी है ?
Charaka has given "Ādhyavāta" noun to which of the following ?

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भोजन पश्चात् स्नेह का पाचन शीघ्र होजाता है और भोजन के बाद आनाह हो जाता है - यह किस आवरण का लक्षण है ?
"Bhojana pāchana soon after food is taken and Ānāha after food intake" is lakshana of which Āvarana

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हृद्यं चान्नं .... आश्रिते - किस सन्दर्भ मे आया है ?
"Hridhyam chānnam....... āshrite" has come in context of

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आंत्रकूजं शूलाटोपौ करोति च - किसके सन्दर्भ मे आया है ?
"Āmtrakujam shūlātopau karoti cha" has come in context of

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मार्दवं उपजायते - निम्न में से किसके सेवन से लाभ है ?
"Mārdavam upajāyate" is the benefit of

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धातून्संशुस्कान् पुष्णात्याशु प्रयोजितः - यह निम्न में से किसके सेवन के लाभ है ?
"Dhātunsamshushkāna pushnātyāshu prayojitah" these are benefits of

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वातव्याधि में प्रयुक्त है
What is advised in Vāta vyādhi

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सूचीभिरिव तुद्यते - किस वायु का लक्षण है ?
"Sūchībhiriva tudhyate" is symptom of which Vāyu

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मन्या स्तम्भं मे वायु किन नाड़ियों का आश्रय लेती है ?
Vāyu is located in which Nādi in Manyāstambha

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इन्द्रियवधं कुर्याद दुष्टसमीरणः - यह किस स्थान गत कुपित वायु का लक्षण है ?
"Indriyavadham kuryāda dushtasamīranah" this is lakshana of which sthāna gata kupita vāyu

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वातः व्याधि मे मृदु विरेचन किस द्रव्य द्वारा देना चाहिए ?
Mridu virechana in Vāta Vyādhi should be given by which dravya

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व्यायामो लघुभोजनम् - यह किस आवृत वात की चिकित्सा मे सम्मिलित है ?
Vyāyāmo laghu bhojanam is the treatment of which Āvrata vāta

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पादजंघोरुकरमूलावमोटनी - किस व्याधि के सन्दर्भ मे आया है ?
"Pādajamghorukaramūlavamotanī" this is in context of which vyādhi

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विसूचिका is Lakshana of which sthanagata kupita vaayu
Visūchikā is the lakshana when kupita vāta moves to

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सर्वांग एकांग रोगांश्च किस स्थान गत कुपित वायु का लक्षण है
"Sarvāmga ekāmga rogāmshch" is which sthāna gata kupita vāyu lakshana

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निम्न में से उदान वायु के स्थान कौन से है ?
Which of the following is sthāna of Udāna vāyu

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कोष्ठाश्रित वात में विशेष रूप से हितकर चिकित्सा उपक्रम होगा -
Beneficial treatment in Koshthāshrita Vāta is -

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चरकानुसार त्रिकवेदना किस स्थानगत वायु का लक्षण है।
Trika vedana is which sthāna gata vāyu lakshana according to charaka

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भुक्तस्य स्तम्भ - किस वायु के प्रकोप का लक्षण है ?
"Bhuktasya stambha" is symptom of which vāyu prakopa

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वातपूर्णद्रुतिस्पर्श: शोथ : लक्षण है -
"Vātapūrnadrutisparshah shothah" is the symptom of -

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पीडनम् चाभिनन्दति किसका लक्षण है
"Pīdanam chābhinandati" is the symptom of

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वर्जत्याशु जरां स्नेहो भुक्ते चानह्यते नर: निम्न आवृतवात का लक्षण है
"Varjatyāshu jarām sneho bhukte chānahyate narah" is which āvritavāta lakshana

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प्रयत्नौजोबलवर्णादि - किस वायु के कर्म है ?
"Prayatnaujo balavarnādi" is karma of which vāyu

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खाये हुए अन्न का स्तम्भ होना किस स्थानगत कुपित वायु क लक्षण है
Stiffness of the body after taking food is symptom of which sthāna gata kupita vāyu

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अर्दित मे वायु द्वारा किसका शोषण किया जाता है ?
Vāyu shoshana in Arditq is done by

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स्वेदोअ्त्यर्थ लोमहर्षस्त्वगदोषः सुप्तगात्रता - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Swedoatyartham Lomaharshatwagdosah suptagātratā is the symptoms of which

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निम्न में से किस का वर्णन " कृष्णात्रेय" द्वारा किया गया है ?
Which of the following is explained by Krishnātreya

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विनाम और जृम्भा किसका लक्षण है
Vināma and jrimbhā is the symptom of

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अर्दित रोग में किस प्रदेश के पशु - पक्षियों के मांस का प्रयोग उपनाह में करना चाहिए ?
For the treatment of Ardita roga, Upanāha of Māmsa of animals and birds of which pradesha is used

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नास्ति ....... परं किंचिदौषधं मारुतापहम् - किसके विषय में आया है ?
"Nāsti......... param kimchidaudhadham mārutāpaham" is in context of

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घृत , तैल , आदि स्नेह से चिकित्सा प्रारम्भ किस स्थिति में करना चाहिए ?
Beginning the treatment with ghrita, taila ādi sneha should be done in which situation

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चरकानुसार कण्डरा और गुल्फ के बीच सिरावेध किस रोग की चिकित्सा है
Sirāvedha in between kandarā and gulpha is treatment of which disease according to charaka

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पक्षाघाते .....
Pakshāghāte tu.........

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बिल्वशलाटु से सिद्ध मछली का सेवन किया जाता है
Fish prepared with bilva shalātu is given in

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अर्दित रोग में वायु शरीर के किन भागों को वक्र कर देती है ?
Ārdita makes which part of human body Vakra

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कर्मौजोबलवर्णानां नाशो मृत्युरथापि वा - निम्न मे से किस आवरण का लक्षण है ?
Karmojo Balvarnānām nāsho mratyurathāpi vā is the lakshana of

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विनामः स्याज्जम्भणं परिवेष्टनम् - वायु के किस आवरण का लक्षण है ?
"Vināmah syājjambhanam pariveshtanam" is symptom of which Āvarana of Vāyu

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निम्न में से आध्मान , उदावर्त एवं परिकर्तिका किसका लक्षण है ?
Ādhamāna, udāvarta and Parikartikā are symptoms of which of the following

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पितकफानुबंधी वातव्याधि में सर्वप्रथम किसकी चिकित्सा करनी चाहिए
What should be treated first in pittakaphānubandhī vātavyādhi

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अन्तरग्नेश्र्च पार्श्र्वस्यः - निम्न में से किसके सन्दर्भ मे आया है ?
"Antaragneshcha pārshvasyah" this has come in context of which of the following

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चरकानुसार अन्नावृत वात में सर्वप्रथम कराना चाहिए
According to Charaka, what should be done in annāvrita Vāta

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वायु जब कफ से अनुगत हो - इस अवस्था में किस प्रकार दोषों का निर्हरण करना चाहिए ?
When Vāyu is associated with kapha, then the doshas are treated with

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कठिनाश्च विवर्णाश्च पिड़का: किसका लक्षण है
"Kathināshch vivarnāshch pidkā" is the symptom of

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अस्वप्न: सन्तता रुक किस स्थानगत वायु का लक्षण है
"Asvapnah santatā ruka" symptom of which sthāna gata vāyu

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बलम्गग्निबलं पुष्टिं प्राणांश्र्चाप्यभिवर्धयेत् - निम्न में से किसके सेवनं से प्राप्त लाभ है ?
"Balamagnim balampushtim prānāmshchāpyabhivardhyeta" this is the benefit of

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गात्रस्फुरण किस स्थानगत वात का विशिष्ट लक्षण है ?
"Gātrasphurana" is the specific symptom of which sthānagata vāta ?

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अव्यक्त लक्षण is Purvarupa of which vyadhi
Avyakta lakshana is the pūrwarūpa of

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तन्द्रागौरवारोचकान्विता - किस गृध्रसी का लक्षण है ?
"TandrāGauravĀrochakĀnvitā" is symptom of which Gridhrasī

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अपान वायु का स्थान नहीं है
Which of the file is not sthāna of apāna vāyu

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मोहोSल्पोSग्निरतीसार किसका लक्षण है
"Mohoalpoagniratīsāra" is the symptom of

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गात्रे चारूषि - किस स्थान गत वायु के दुष्टि का लक्षण है ?
"Gātre chārumshi" is symptom of which sthāna gata vāyu

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बाह्य और आभ्यन्तर स्नेह प्रयोग से किस स्थान गत वायु को जीतना चाहिए ?
Which Vāyu should be treated with Bāhya and Ābhyāntara sneha

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शरीरं मन्दरुक्शोफं शुष्यति स्पन्दते - निम्न मे से किस स्थानगत कुपित वायु का लक्षण है ?
"Sharīram manda ruka shopham shushyati spandate" is lakshana of which sthāna gata kupita vāyu

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स्वेददोषाम्बुवाहीनि स्त्रोतांसि - निम्न में से किसके सन्दर्भ मे आया है ?
"Svedadoshāmbuvāhini srotāmsi" this has come in context of

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कोष्ठगत वात की चिकित्सा है
Treatment of koshthagata Vāta

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निग्रहो मूत्रवर्चसोः - निम्न में से किसके विषय में आया है ?
"Nihraho mūtravarchaso" this has come in context of

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वातपूर्णदृतिस्पर्श: शोथ: ..... लक्षण है?
Vātapūrnadritisparshah shothah.... is the symptom of

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आश्वासन - यह किस आवृत वात की चिकित्सा मे सम्मिलित है ?
Āshwāshana is the treatment of

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किस आवरण मे रोगी को कटु , अम्ल , लवण रस का उपशय होता है ?
Upashaya of katu, amla and lavana rasa is found in which Āvarana

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यापन बस्ति के साथ स्नेह के चतुष्प्रयोग का प्रयोग किस आवृत वायु की चिकित्सा है ?
Use of chatuh sneha with yāpanā vasti is indicated in

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हृन्नाभिपार्श्र्वोदररुकतृष्णोद्गार - किस स्थानगत वायु के कोप के लक्षण हैं ?
"HrinNābhiPārshavOdararukaTrishnOdagāra" is lakshana of which sthāna gata kupita vāyu