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Charak Chikitsha Chapter 4 Rakttapitta Chiktsha

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Charak Chikitsha Chapter 4 Rakttapitta Chiktsha

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उर्ध्व रक्तपित्त मे किस दोष का संसर्ग होता है ?
Dosha samsarga in urdhava Raktapitta

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रक्तपित्त में विहार है -
Vihar in raktapitta :

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उष्ण रुक्ष आहार विहार से कौनसा रक्तपित्त उत्पन्न होता है ?-
Which raktapitta is caused due to ushna ruksha āhāra vihāra ?

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ह्यीबेरादि पानीय मे षडंग पानीय का कौन सा द्रव्य नही है ?
Which dravya of Shadamga pānīya is not present in Hyīberādī Pānīya

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अधो गति रक्तपित्त मे शोधन के बाद ,वायु के बलवान होने पर , किसका सेवन करना चाहिए ?
What should be consumed when Vāyu is balvāna after Shodhana in Adho gati Raktapitta

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तस्योष्ण तीक्ष्णमल्म च कटूनि लवणानि च' किसके हेतु है
"Tasyoshna tīkshanamamlam cha kautni lavanāni cha" is the hetu of

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ह्यीबेरनीलोत्पलनागरैर्वा - यह निम्न में से किस अवस्था की चिकित्सा है ?
"Hyībera Nīlotapala Nāgarairvā" this is chikitsā for which avasthā

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उर्ध्व मार्ग से निकलने वाले रक्तपित्त का कारण
Reason for the discharge of Raktapitta from ūrdhava mārga

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विरेचन चिकित्सा किस रक्तपित्त मे करना चाहिए ?
Virechana chikitsā should be done in which Raktapitta

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विपरीत मार्ग चिकित्सा की जाती है
Viparītamārga chikitsā us done in

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ऊर्ध्व गति रक्तपित्त मे शोधन के बाद किसका सेवन करना चाहिए ?
What should be consumed after Shodhana in Urdhava gati Raktapitta

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फेनयुक्त और तनु रक्त किस रक्तपित्त का लक्षण है
Phenayukta and tanurakta is symptom of which Raktapitta

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अधो रक्तपित्त की सम्प्राप्ति मे प्रायः किस प्रकार का आहार निदान होता है ?
Which type of Āhāra is nidāna for pathogenesis of Adho Raktapitta

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शतावरी क्षीर का प्रयोग निम्न में से किस अवस्था में किया जाता है ?
Shatāvari Kshīra is consumed in which Avasthā

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उर्ध्वग रक्तपित्त में प्रथमत: देय है
What is given first in urdhavaga Raktapitta

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रक्तपित्त के किन दोषों से युक्त होने पर रोगी अच्छा नहीं होता ?
Raktapitta associated with which doshas is not treatable

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चरक मतानुसार, वासा घृत का रोगाधिकार है -
According to Charaka, rogādhikāra of Vāsā ghruta is -

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लंघन पश्चात् अधोगत रक्तपित मे किस का प्रयोग करना चाहिए ?
What should be done in Adhoga Raktapitta after Lamghana

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रक्तपित्त की आद्य चिकित्सा है
Ādhya chikitsā in Raktapitta

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उर्ध्व रक्तपित्त की सम्प्राप्ति मे प्रायः किस प्रकार का आहार निदान होता है ?
Which type of Āhāra is the nidāna for the pathogenesis of Urdhva Raktapitta

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रक्तपित्त शान्ति के लिए वासा घृत का सेवन किस अनुपान के साथ करना चाहिए ?
Anupāna of Vāsā ghrita for Raktapitta Shāmti

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मूत्रमार्गगत रक्तपित्त की चिकित्सा है
Treatment of mūtramārgagata Raktapitta is

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रक्तपित्त मे किस चूर्ण से मर्दित की हुई स्त्री का आलिंगन करना चाहिए ?
Which chūrna Mardita Strī should be embraced in Raktapitta

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रक्तपित्त रोगी के मन्दाग्नि होने पर एवं उसके अम्ल रस सात्म्य होने पर तर्पण को निम्न मे से किससे सिद्ध करके देना चाहिए ?
If the Raktapitta rogī is Mandāgni and Amla Rasa Sātmya then tarpana should be cooked with

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क्षीणस्य कासमानस्य यच्च तच्च .... - निम्न मे से किस सन्दर्भ मे कहा गया है ?
"Kshīnasya kāsamānasya yaccha taccha ..." Has been said in context of

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चरक अनुसार वासा घृत का प्रयोग किस विकार में करना चाहिए ?
According to Charak, use of vasa ghrut should be done in which disease ?

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मोच रस सिद्ध दुग्ध का प्रयोग करना चाहिए
Mocharasa siddha dugdha should be used in

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सक्षौद्रम् ग्रथिते रक्ते लिह्यात् पारावतं शकृत् किस व्याधि की चिकित्सा है
"Sakshaudram grathite rakte lihyāta pārāvatam shakrita" treatment of which disease

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निम्नलिखित श्लोक योग्य शब्दों से पूर्ण कीजिये। अक्षीणबल मांसस्य रक्तपितं यदश्नत:। तद्दोषदुष्टमुत्क्लिष्टं नादौ....................।।
"Akshinabala māmsasya Raktapittam yadashnatah. Tadadoshadushtamutklishtam nādau.............. fill in the blank

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लंघन पश्चात् उर्ध्वग रक्तपित मे किस का प्रयोग करना चाहिए ?
What should be used in Urdhavaga Raktapitta after Lamghana

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वासा घृत का प्रयोग किया जाता है -
Use of vasa ghrut is done in -

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रक्त पित्त का कोनसा लक्षण असाध्य माना गया है
which of the following feature mark raktapitta as asadhya

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मेचकागारधूमाभमजंनाभम् किस रक्तपित्त का लक्षण है
"Mechakāgārdhūmābhāmanjanābham" is the symptom of which Raktapitta

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चरक संहिता अनुसार रक्तपित्त की चर्चा किस प्रदेश में हुई थी
Where was Raktapitta discussed according to Charaka samhita

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आन्तिकी गति किस व्याधि से सम्बंधित है
Aantiki gati is related to which disease

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रक्तपित्त में कफानुबन्ध होने पर किसका क्षार प्रयोग प्रशस्त बताया गया है। चरक
Kshāra advised in Raktapitta with kapha anubandhā is

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महागद शब्द का प्रयोग होता है
The term Mahāgada is used for

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दो दोषों से अनुगत रक्तपित्त होता है
Raktapitta caused due to two doshas is

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जिस रक्तपित्त में यक्ष्मा का सम्बन्ध प्रतीत होता है उसमे क्या क्रिया निर्दिष्ट है
What treatment procedure is advised in Raktapitta associated with yakshmā

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धारागृहं भूमिगृहम् सुशीतम् वनं यह विहार किस व्याधि के लिए निर्दिष्ट किया गया है
"Dhārāgriham bhumigriham sushītam vanam"

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रक्तपित्त में कफानुबन्ध होने पर कौन सा क्षार प्रयुक्त है
Which ksharā is advised in Raktapitta with kapha anubandha

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कौनसा गंडिर रक्तपित्त नाशक होता है
Which gamdīra is Raktapitta nāshaka

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कफज रक्तपित्त में किस पथ्य का प्रयोग करना चाहिए ?
In kaphaja raktapitta which of the following patthya should be used ?

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रक्तपित्त को कहा गया है
Raktapitta has been said

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रक्तपित्त मे पिपासा का शमन करने के लिये निम्न मे से किसका प्रयोग करना चाहिए ?
Which of the following should be advised for Pipāsā Shamana in Raktapitta

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रक्तपित्त के साथ किस रोग का सम्बंध होने पर " संश्मनी क्रिया " करनी चाहिए ?
"Samshamanī kriyā" should be done in Raktapitta when it is associated with which disease ?

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महागदम् महावेगमग्निवच्छीघ्रकारि च' किसके सन्दर्भ में कहा गया है
"Mahāgadam mahāvegamagnivatshighrakāri cha" has been said in the context of

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सुखकाल में उत्पन्न रक्तपित्त साध्य है इस वाक्य में सुखकाल से क्या तात्पर्य है
"Raktapitta manifestation in Sukhakāla is sādhya" what does sukhkāla signifies here

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उर्ध्वग रक्तपित्त में प्रथमत: देय है
What is given first in urdhavaga Raktapitta

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रक्तपित्त की चिकित्सा में प्रारम्भ में क्या नही करना चाहिए
which modality should not be use in the initial treatment of raktapitta

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अधो मार्ग रक्तपित्त मे किस दोष का संसर्ग होता है ?
Dosha samsarga in adho mārga Raktapitta

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कौन से मार्ग का रक्तपित्त साध्य होता है ?
Raktapitta of which Mārga is Sādhya

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रक्तपित्त मे शीतल जल युक्त इन द्रव्यों का स्पर्श करना चाहिए ?
Which Shītala jala yukta dravya should be touched in Raktapitta

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किस ऋतु मे उत्पन्न रक्तपित्त साध्य होता है ?
Raktapitta originating in which season is Sādhya

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रक्तपित्त मे पिपासा का शमन करने के लिये निम्न मे से किसका प्रयोग करना चाहिए ?
Which of the following should be advised for Pipāsā Shamana in Raktapitta

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रक्तपित्त मे वात का अनुबंध होने पर किसका पथ्य है ?
Pathya for Vāta anubamdha in Raktapitta is

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रक्तपित्त रोगी को पिपासा लगने पर किस द्रव्य से सिद्ध जल का सेवनं करना चाहिए ?
Pipāsā yukta Raktapitta rogī should drink water cooked with which type of dravyās

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किरातिक्तादि चूर्ण का प्रयोग किया जाता है -
Use of kiratiktadi churna is done in -

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चरकानुसार नासागत रक्तपित्त में प्रयुक्त स्वरस है
Svarasa to be used in nāsāgata Raktapitta according to Charaka is

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गोमूत्रसन्निभम किस रक्तपित्त का लक्षण है ?
Gomutrasannibham is the symptom of which raktapitta ?

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निम्न में से 'रक्‍तपित' के किस प्रकार को 'असाध्‍य' समझा जाता है?
Which type of Raktapitta is asādhaya

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उर्ध्वगामी रक्तपित्त में किस दोष का संसर्ग होता है
Dosha samsarga in urdhavagāmi Raktapitta

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रक्तपित्त के रोगियों के लिए प्रशस्त शाक हैं
Prashasta shāka for Raktapitta patients

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कौन से मार्ग का रक्तपित्त असाध्य होता है ?
Which mārga gata Raktapitta is Asādhya

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वटावरोहैर्वटशुड्ंकैर्वा - यह निम्न में से किस अवस्था की चिकित्सा है ?
"VatāvarohairVataShumgaKairvā" this is chikitsā of which avasthā

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शतावरी क्षीर किस रक्तपित्त में निर्दिष्ट है ?
Shatāvarī kshīra is indicated in which raktapitta ?

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रक्तपित्त मे से निकलने वाले रक्त का किस वर्ण का होना - उसके असाध्य होने का सूचक है ?
Which colour of the blood emitted in Raktapitta is indicative of its Asādhyatā

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महागदं महावेगं अग्निवत् शीघ्रकारी.... है-
Mahāgadam Mahāvegam Agnivat Shīghrakārī..........is

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वासा घृत निर्माण में " क्वाथ के लिए " वासा के किस भाग का प्रयोग किया जाता है ?
Which part of Vāsā is used for Kvātha for the preparation of Vāsā ghrita

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नारी दुग्ध का प्रयोग निर्दिष्ट है -
Nari dugdha is indicated for :

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...... यद्वा शान्तं शान्तं प्रकुप्यति - यह किस रक्तपित्त का लक्षण है ?
"........ yadā shāntam shāntam prakupyati" this is the symptom of which Raktapitta

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तस्योष्मणा द्रवो धातुर्धातोर्धातो: प्रसिच्यते' किस व्याधि के सन्दर्भ में कहा गया है
"Tasyoshmanā dravo dhāturdhatordhatoh prasichyate" has been said in context of which disease

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कषायाभं कृष्णम् किसका लक्षण है
"Kashāyābham krishnam" is the symptom of

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शोषण सानुबन्धं वा तस्य संशमनी क्रिया किसके सन्दर्भ में वर्णित है ?
"Shoshan sānubandham vā tasya samshamanī kriyā" is mentioned in context to ?

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दो दोषों से अनुगत रक्तपित्त होता है
Raktapitta with two doshas is

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पारावत शकृद का प्रयोग किस व्याधि में निर्दिष्ट है
Pārāvata shakrida prayoga is suggested in which vyādhi

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रक्तपित्त मे रक्त के ग्रथित होने पर किस का सेवनं निर्दिष्ट है ?
What is advised when Rakta is Grathita in Raktapitta

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अधोग रक्तपित्त में प्रथमत: देय है
What is given first in Saginaw Raktapitta

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उत्प्ल नाल क्षार का प्रयोग निम्न में से किस अवस्था में करना चाहिए ?
"Utpala Nāla Kshāra should be used in which of the following Avasthā

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वमन चिकित्सा किस रक्तपित्त मे करना चाहिए ?
Vamana chikitsā should be done in which Raktapitta

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तुल्यं कुणपगन्धेन रक्तं कृष्णमतीव च - किस रक्तपित्त का लक्षण है ?
"Tulyam kunapagandhena raktam krishnamatīva cha" is symptom of which Raktapitta

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कौन से मार्ग का रक्तपित्त याप्य होता है ?
Which mārga Raktapitta is Yāpya

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रक्तपित्त मे कफ अनुबन्ध होने पर क्षार का प्रयोग किस अनुपान के साथ करना चाहिए ?
Anupāna of Kshāra when consumed in Kapha anubandha Raktapitta

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अक्षीणबलमांसस्य रक्तपितं यदशनत:। तददोषदुष्टमुत्क्लिष्टं नादौ.......
"Akshinabalamāmsasya raktapittam yadashanatah. Tadadoshadushtamutklishtam nādau.........

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