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Charak Indriya Chapter 7 Pannarupiyam Indriyam

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Charak Indriya Chapter 7 Pannarupiyam Indriyam

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निम्न मे से क्या संस्थान के भेद है?
Which of the following are the types of Samsthāna

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किनके प्रकाश मे यदि छाया विकृत अंग वाली दिखाई देने पर रोगी को मुर्दे समान समझना चाहिए ?
In light of which of the following the shadow appearing as deformed organs is indicative of a patient as dead

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संस्थान / आकृति कितने प्रकार की होती है ?
Samsthāna/ Ākriti are of how many types

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कुमारिका शब्द किसके लिए आया है ?
Kumārikā has been used for

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निम्न मे से कौन से देह के प्रमाण है?
Which of the following is pramāna of deha ?

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निम्न में से प्रभा का भेद नही है
Of the following, not a type of prabhā is -

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रोगी के किन अंगों के अपने स्थान से विच्युत हो जाने पर उसे मृत समान समझना चाहिए ?
Dislocation of which part of the body of the patient is treat as dead

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किस मनुष्य की प्रतिच्छाया रहने पर उसे अरिष्ट कहते है ?
Which pratichchhāyā of the person is called Arishta

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मांसक्षीण, कृश, भोजन नहीं कर पाने वाला व्यक्ति कितने दिन का अरिष्ट है ?
The who is māmsa khsīna, krusha and unable to feed is the Arishta of how many days

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आचार्य चरक के अनुसार " निर्मला नीला सस्नेहा सप्रभेव च " - किस के विषय मे आया है?
Acc. to Acharya charak "Nirmalā nīlā Sasnehā saprabheva cha" came in which context ?

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दर्शनप्रिया किस छाया का लक्षण है ?
"Darshanapriyā" is the symptom of which Chāyā ?

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कौन वर्ण को आक्रमित करता है
Who attacks the varna ?

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श्लक्षण छाया कौन सी है
Which is the shlakshana chāyā ?

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रोगी के किन अंगों के विपरीत दिशा मे घूम जाने पर उसे मृत समान समझना चाहिए ?
A patient should be treated as dead when the following organs move in the opposite direction?

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शरीर का प्रमाण कितने तरह का होता है ?
Pramāna of Sharīra is of how many times

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किस पुरुष की छाया और प्रभा नही होती ?
Which purusha does not have chāyā and prabhā

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छाया प्रतिच्छाया के आश्रित विकृतियों का वर्णन किस अध्याय के अंतर्गत हुआ है ?
Vikriti of chāyā pratichchāyā are explained in which chapter

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दर्शनप्रिया ' यह लक्षण किस छाया का है?
"Darshanapriya" is the symptom of which Chāyā ?

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निम्नलिखित में से किसे गृहीत छाया माना गया है ?
Which one of the following is considered as Grahīta Chāyā?

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निचितं यस्य मांसं स्यात्तवगस्थिष्वेव दृष्यते - कितनी समय अवधि मे मारक अरिष्ट का लक्षण है?
"Nichtam Yasya māmsam syāttavagasthishveva Drushyate" it the deadly Arishta of how much time

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र्शनप्रिया किस छाया का लक्षण है
Darshanapriyā is lakshana of which chāyā

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किम गुणों से युक्त प्रभा शुभ होती है?
Prabhā (blushing) when associated with which guna is considered as good

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जिस व्यक्ति में प्रतिलोम और अनुलोम मार्ग में होने वाले रोग परस्पर मिल गए हों ,वह कितने दिनों का अरिष्ट होता है
A patient with disease of pratiloma and anuloma direction getting mutually combined becomes arishta of how many days ?

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जो मनुष्य निद्रा से जागने के बाद बार बार मूर्छित होता है तो उसकी कितने दिन में मृत्यु होती है ?
The person who repeatedly becomes unconscious after waking up from the sleep is about to die in

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निम्न में से गलत कथन है -
Which of the following statement is wrong

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प्रभा और छाया के भेद क्रमशः है -
Types of Prabhā and Chāyā respectively is -

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प्रभा का प्रकार नही है
Not a type of prabhā -

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हतप्रभा किस छाया का लक्षण है ?
"Hataprabhā" is the symptom of which chāyā ?

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शुद्ध वैदूर्य मणि के समान आभा वाली छाया है
Chāyā with the luster of shuddha vaidūrya mani is -

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विशुद्धरक्ता कौन सी छाया है ?
"Vishuddharaktā" is which chāyā ?

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श्याम और श्वेत वर्ण - किस छाया के भेद के लक्षण है?
Shyāma and shveta varna are signs of which chāyā

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नेत्र विषयक कौन सा लक्षण अरिष्ट के अंतर्गत आता है?
Which of the e comes under the Arishta with respect to Netra (eyes)

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....... छाया रुक्ष श्याव अरुण वर्णी एवं प्रभा रहित होती है |
........... chāyā is ruksha shyāva aruna varnī and prabhā rahita

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निम्न में से शुभ फल देने वाली छाया नही है
Which Chāyā is not a sign of good luck ?

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दर्शनप्रिया छाया है
Darshanapriyā Chāyā is -

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छाया शरीरगत .......के आश्रित होती है
Chāyā depends upon ............. of body

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