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Charak Sutra 10 Maha Chatush pad Adhayay

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Charak Sutra 10 Maha Chatush pad Adhayay

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परीक्ष्यकारिणो हि कुशला भवन्ति ' reference is from
"Parīkshya kārano hi kushalā bhavanti" is the reference of

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चरक सहिंता मे रोगों के विस्तृत भेद किस अध्याय में कहे गए है ?
In Charaka Samhitā in which chapter detailed description of types of diseases is given

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अर्थविद्यायशोहानिमुपकोशमसंग्रहम् .............. ।। इस श्लोक का रेफरेन्स बताये ?
"Arthavidhyāyashohānimupkoshamasamgraham" the the reference of the above said shloka is

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नातिपूर्णचतुष्पादं' किस रोग का लक्षण है ?
"Nātipūrnachatushpādam" is the symptom of which roga ?

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चतुष्पादोपपतिश्च' निम्न में से किस रोग का लक्षण है
“Chatushpādospapatishch “ is the symptom of which of the following disease?

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द्विपथं नातिकालम् ' स्वरूप निम्न में से किस रोग का
“Dvipathama nātikālama “ is the svarūpa of which of the following disease?

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कभी कभी चतुष्पाद की अनुपस्थिति में भी रोगी ठीक कैसे हो जाते है?' यह प्रश्न किसने किया
“Sometimes in the absence of chatushpāda the disease gets cured” who asked this question?

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कालप्रकृतिदुष्याणां सामान्येSन्यतमस्य च' किसका लक्षण है ?
"Kālaprakritidushyānām sāmānye anyetamasya cha" is the symptom of -

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सभी इन्द्रियों के कर्मो का नाश होना किस व्याधि का लक्षण है ?
Nāsha of all indriya is symptom of which disease

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चरक अनुसार असाध्य के कितने भेद बताये गए है ?
According to the Charaka, types of Asādhya are

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अतुल्य गुण वाले दोष दूष्य से किस प्रकार के रोग होते हैं
Which type of disease is produced due to atulya Guna dosha dushya?

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न्यूनान् धातून् पूरयामः , व्यतिरिक्तेन ह्रासयामः इस श्लोक का रेफेरेंस बताये ?
"Nyūnān Dhātun Pūryāmah, Vyatiriktena Hrāsyāmah"the reference of the above said shloka is

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विद्यादेकपथम् रोगं नाति पूर्णचतुष्पदम्' निम्न में से किस रोग का है
“Vidhyāda ekapatajama roga a nāti pūrnachatushpadama” is of which of the following

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दोषश्र्चैकः समुत्पत्तौ देहः सर्वौषधक्षमः ।। यह किस रोग का स्वरूप है ?
"Doshaschaikah Samutpattau Dehah Sarvaushadakshama||"

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भेषजम् अभेषेजन अविशिष्टम् इति यह वाक्य किसने कहा है
“Bheshajama abheshejana avishishtama iti” this has been said by

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न च तुल्यगुणो दूष्यो न दोष: प्रकृतिर्भवेत किस व्याधि का लक्षण है
“Na ch tulyaguno dushyo na doshah prakritirbhaveta “ is the symptom of which type of disease?
ed

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हेतव: पूर्वरूपाणि रूपाण्ल्पानि' स्वरूप निम्न में से किस रोग का है
“Hetavah pūrvarūpāni rūpānalpāni” is the svarūpa of which of the following disease?

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गर्भिणीवृद्धबालानाम् नात्युपद्रवपिडितम्' निम्न में से किस रोग का लक्षण है
“GarbhinīVriddhaBālānāma nātyaupadravamapiditama” is the symptom of which of the following disease?

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हेतवः पूर्वरूपाणि रूपाण्यल्पानि यस्य च।......... का परिचायक है।
"Hetavah pūrvarūpāni rūpānyalpāni yasya cha ............ is related to ?

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असाध्य रोगों की चिकित्सा करने पर वैद्य को क्या प्राप्त होता है ?
With what a Vaidhya is awarded when he treats the Asādhya roga

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असाध्य की चिकित्सा करने पर क्या हानि होती है
What are the harms of treating Asādhya?

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अल्प,मध्य,उत्कृष्ट भेद किन रोगों के होते हैं
Alpa, madhya, utkrishta types are of which disease?

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औषध करना और न करना इन दोनों में कोई विभिन्नता नही है - यह शंका किस आचार्य की है ?
"Doing treatment or not there is no difference in it" this is said by

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नित्यानुशायिनम् रोगं ' स्वरूप निम्न में से किस रोग का है
“Nityāushāyinama rogam” is the svarūpa of which of the following disease?

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परीक्षय कारिणो हि कुशला भवन्ति , यथा हि योगज्ञोअ्भ्यासनित्य इस श्लोक का रेफरेन्स बताये ?
"Parīkshaya kārano hi Kushalā bhavanti, Yathā hi yogajnoabhyāsanotya" the reference of this Shloka is

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भेषज कला है
How many are the bheshaja kala?

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निम्न में से सुखसाध्य का लक्षण नही है
Which of the following is not a characteristic of sukhasādhya?

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दोषचैक: समुत्पतौ ' निम्न में से किस रोग का कहा गया है
“Doshachaikah samutapatau “ has been said for which of the following disease?

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चरक सूत्र में साध्यासाध्यता का वर्णन कहाँ आया है
Where is the description of sādhya asādhyata found in charaka samhita?

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भिषजा प्राक् परीक्षयैवं विकाराणां स्वलक्षणम् । पश्चात् कर्मसमारम्भः कार्यः साध्ययेषु धीमता ।। - इस श्लोक की रेफरेन्स बताएं ?
"Bhishjā Prāk Parīkshayaivam Vikārānām Svalakshanam| Paschāt Karma Samārambhah Kāryah Sadhyeshu Dhīmatā|| the reference of the above said shloka is

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कृश और दुर्बल रोगियों की चिकित्सा किस प्रकार करनी चाहिए ?
Which type of treatment is done for krusha and Durbala patients

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मध्यम बल वाले रोग होते हैं
“Madhya bala” diseases are?

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कौन से रोगों के पूर्वरुप व रूप मध्यम बल के होते हैं
Pūrvarūpa and rūpa of which diseases are of medium strength

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न च तुल्यगुणो दूष्यो न दोषःप्रकृति भवेत् किसके लिए कहा है
"Na cha tulyaguno dūshyo na doshah prakriti bhaveta" is said for

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कितनी कलाओं से युक्त चतुष्पाद भेषज होता है ?
Chatushpāda bhaishaja has how many Kalās

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शेषत्वादायुषो , पथ्यसेवया किस रोग का स्वरूप है ?
"Sheshtwādāyusho, Pathyasevayā" is s the pūrwarūpa of

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क्षीण रोगी की चिकित्सा किस प्रकार करनी चाहिए ?
Treatment of cachectic person should be done in which way ?

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जो रोग नित्य ही बार बार दौरे के रूप में आते हो , उन्हें किस प्रकार का रोग समझा जाना चाहिए ?
The diseases which happen time to time in the episode form, that disease is known as

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शस्त्र अग्नि क्षार द्वारा चिकित्सीय रोग कौन से होते हैं
Which of the following diseases are treatable with Shastra, Agni, Kshara?

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गतिरेका नवत्वं च रोगस्योपद्रवो न च ।। यह किस रोग का स्वरूप है ?
"Gatirekā Navatvam cha rogasyaopadrawo na cha||" is the pūrwarūpa of

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गम्भीरं बहुधातुस्थं मर्मसंधिसमाश्रितम is described for
"Gambhīram bahudhātustham marmasandhisamāshritam" is said for

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औत्सुक्यारतिसंमोहकरमिन्दियनाशनम् - यह किस रोग का स्वरुप है ?
"Autsukyāratisammohakaraminndriyanāshanam" is the pūrwarūpa of

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साध्य असाध्य के अज्ञ की मिथ्या बुद्धि किसके समान कही गई है
The one who is not aware of Sādhya Asādhya his mithyā buddhi is said to be like that of

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दोष युक्त रोगियो की चिकित्सा किस प्रकार करनी चाहिए ?
How to treat the patients with dosha

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निश्चित रूप से असाध्य रोगों के कितने भेद है ?
Types of Asādhya roga certainly is

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अल्प,मध्य और उत्कृष्ट किन रोगों के भेद है
Alpa, Madhya and utakrishta are classified under which diseses?

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द्विपथं नातिकालं किस रोग के सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Dvipatham nātikālam" is said in context to which disease ?

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कालप्रकृतिदूष्याणाम् सामान्येSन्यतमस्य च' स्वरूप निम्न में से किस रोग का है
“Kālaprakritīdushyānāma sāmānye anyatamasya ch “ is the characteristic of which disease?

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साध्य रोग के प्रकार है -
Types of Saadhya roga

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न च कालगुणैस्तुल्यो न देशो दुरूपक्रम:' स्वरूप निम्न में से किस रोग का है
“Na cha kālagunaistulyo na desho durupakramah” svarūpa is of which of the following disease?

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असाध्य रोग के प्रकार है -
Types of Asadhya roga are

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कौन से रोग मर्म सन्धियों से सम्बंधित रहते हैं
Which diseases are related to marma samdhis?

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