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Dravadravya vijnaniya adhyaya aiapget mcqs

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5.Dravadravya vijnaniya adhyaya

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कषायम्ल दीपनं कफवातजित' किसके किये कहा गया है
"Kashayamla dipanam kaphavatajita" is given for :

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संस्कारात्सर्वरोगजित् किसे कहा है -
"Samskārātsarvarogajita" is

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वाग्भटानुसार निम्न में से कौनसा जल त्रिदोष प्रकोपक है ?
According to Vāgabhatta which Jala is tridosha prakopaka

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार तक्र लघु और अग्नि दीपक होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार तक्र शोफ का नाश करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Takra is Laghu and Agnidīpaka. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Takra destroys Shopha.

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घृत व्यापद् की मुख्य औषध है -
Main Aushadha for ghrita vyāpada is

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निम्ब तैल होता है
Nimba taila is

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निम्न में बलपौरुषकारी जल है ?
Which of the following water is "BalaPaurushkārī"

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार तक्र स्रोतःशोधि हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार मस्तु स्रोतःशोधि हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Takra is Strotah Shodhi. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Mastu is Strotah Shodhi.

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दधि का वीर्य (अष्टांग हृदय)
Virya of dadhi as per Ashtanga Hridaya :

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गुड़ होता है
Gudā is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "सहस्त्रवीर्यं ............कर्म सहस्त्रकृत्" नवनीत के लिए कहा हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार "वयस स्थापनं परम" घृत के लिए कहा हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Sahastravīryam......... Karma Sahastrakrut" is said for Navanīta. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Vayas Sthāpanam Param" is said for Ghruta.

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु रस गुरु होता हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु रस लघु होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Ikshu Rasa is Guru. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Ikshu Rasa is Laghu.

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वाग्भट मतानुसार, पथ्य जल वाली नदी है -
Which river has Pathya Jala according to Vagbhata?

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जीवनीय, रसायन व क्षतक्षीण में हितकारी क्षीर है -
Which milk is beneficial in jīvanīya, rasāyana and kshata kshīna

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निम्न में से वृष्य जल है ?
Which of the following is Vrishya Jala

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार मंद दही नहीं खानी चाहिए । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार नवनीत अर्दित नाशक होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Manda curd should not be consumed. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Navanīta destroys Ardita.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार आवि दुग्ध अहृद्य होता हैं। कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार आवि दुग्ध हृद्य और वात व्याधिहर होता हैं।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Āvi Dugdha is Ahrudya. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Āvi Dugdha is Hrudya and Vāta Vyādhihara.

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कौनसा शुक्त लघुत्तम है
Which Śukta is easily digestable?

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विष्टम्भि, गुरु, रुक्ष, त्रिदोषकारक है
Vistambhi,Guru,Ruksha & Tridoshakaraka is :

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सर्वमद्यगुणाधिक: किसके लिए कहा गया है ?
"Sarvamadhyagunādhikah" has been said for

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कथन 1 . अष्टांग हृदय अनुसार पुराण घृत अपस्मार को नष्ट करता है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार पुराण घृत व्रण‌ का शोधन और रोपण करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Purāna Ghruta destroys Apasmāra. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Purāna Ghruta does Vrana Shodhana and Ropana.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार सीधु वातपित्तकर होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार मध्व आसव छेदी होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sīdhu is Vātapittakara. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Madhva Āsava is Chhedī.

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जीवनं तर्पणं ह्रद्यं ल्हादि बुद्धि प्रबोधनं उपरोक्त गुणधर्म है -
"Jīvanam tarpanam hridhyam lhādi buddhi prabodhanam" are qualities of

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अनभिष्यंदी लघु च' किसके लिए कहा गया है
"Anabhishyandi laghu cha" is

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किन किन ऋतुओं के अतिरिक्त शेष ऋतुओं में अल्प जलपान करना चाहिए ?
Except which seasons water should be drank in lesser quantity

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कथन 1 . उष्णोदक बस्ती का शोधन करता हैं । (A.H) कथन 2.उष्णोदक नव ज्वर में हितकारी हैं । (A.H)
Statement 1- Ushnodaka does Shodhana of Basti. Statement 2- Ushnodaka is beneficial in Nava Jwara.

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अष्टांग हृदय के अनुसार सामुद्र जल किस मास में पीने योग्य बन जाता है?
Sāmudra jala is fit for drinking in which month according to vagabhatt ?

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पौण्ड्रक व वांशिक किसके भेद है,तथा इनमें श्रेष्ठ कौन है -
Paundraka and Vāmshika are types of? Which is best among two

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किसका दूध अहृद्य होता है (अष्टांग हृदय)
Whose Ksheera is not compatible to heart as per Ashtanga Hridaya?

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शोष व अतिसार के रोगी के लिए हितकारी क्षीर है -
Beneficial Kshīra for Shosha and Atisāra rogī

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार आक्ष तैल "केश्य" (बालो की लिए हितकारी )होता हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय ने निम्ब तैल के लिए "कृमिकुष्ठकफप्रणुत" कहा हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Āksha Taila is "Keshya" ( healthy for the hair ). Statement 2- Ashtānga Hrudya has said "Krumikushthakaphapranut" for Nimba Taila.

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गांग जल की परीक्षा हेतु गृहीत पात्र हैं ?
In which vessel Ganga water should be examined

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फाणित है -
Phānita is

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कथन 1. भोजन के अंत में पानी पीने से शरीर में स्थूलता आती हैं ।( A.H) कथन .भोजन के अंत में पानी पीने से शरीर में कृशता आती हैं ।(A.H)
Statement 1- Drinking water at the end of meal leads to obesity in body. Statement 2- Drinking water at the end of meal leads to emaciation in body.

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भुक्तान्त पानी पीने से शरीर पर प्रभाव होता है -
Drinking water after food results in

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स्थैर्यकृत् क्षीर है -
Sthairyakrita Kshīra is

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केश्य गुण युक्त तैल है -
"Keshya" gunayukta taila is

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त्वग्दोषकफपित्तकृत्"तैल है -
"Tvaga dosha kapha pitta krita" oil is

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अष्टांग हृदय में सर्वप्रथम वर्णित द्रव वर्ग है -
First drava varga explained in Ashtāmga Hridaya is

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अक्षिरोगजित् गुण वाला क्षीर है-
"Akshīrogajita" Kshīra is

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निम्न मे लघुतम है (अष्टांग हृदय)
Which of the following is easily digestable ?

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कृशस्थूल हितं....' -
"Krushasthūla hitam ........"

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निम्न में से कौन जलपान के योग्य नहीं है या अल्प जल पीने योग्य है ?
Which of the following is not indicated for drinking water or should drink less quantity of water

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क्षतक्षीण परीसर्पशस्त्राग्निग्लपितत्मनां निम्न के सन्दर्भ में कहा है -
"KshataKshina parisarpa shastrāgniglapittātmanām" has been said in context of

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यांत्रिक इक्षु रस होता है
Yantrika Ikshurasa is

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देशकालावपेक्षते है ?
"Dashakālāvapekshate" is

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किसका क्षीर व घृत श्रेष्ठ होता है -
Kshīra and ghrita is best of

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु का विपाक और रस मधुर होता हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु रस रक्त पित्त नाशक होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Vipāka and Rasa of Ikshu is Madhura. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Ikshu Rasa destroys Rakta Pitta.

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कथन 1. शीतल जल मदात्यय को नष्ट करता हैं ।(A.H) कथन 2 .शीतल जल विष को नष्ट करता हैं ।(A.H)
Statement 1- Cold water destroys Madātyaya. ( A. H.) Statement 2- Cold water destroys Visha. ( A. H.)

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अहृद्य क्षीर है -
Ahridhya Kshīra is

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कथन 1 . अष्टांग हृदय अनुसार वर्षा ऋतु में बरसात का जल श्रेष्ठ होता हैं । ( कथन 2. अष्टांग हृदय ने दुग्ध वर्ग में आठ प्रकार के दुग्ध बताए हैं ।
Statement 1 - According to Ashtānga Hrudya, rain water is best in Varshā Ritu. Statement 2 - Ashtānga Hrudya has mentioned Eight types of Dugdha in Dugdha Varga.

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अष्टांग हृदय के अनुसार कृश - स्थूल उभय हित है -
Beneficial for both Krisha and sthula according to Ashtanga Hridaya?

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दीपनं शिशिरस्पर्श गुण किसका है-
"Dīpanam shishira sparsha" is guna of

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार उमा और कुसंभ तैल "त्वग्दोषकफपित्तकृत्" है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार मद्य "कृशस्थूलहितं" गुण युक्त है ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Umā and Kusumbha Taila is "Tvagdoshakaphapittakrut". Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Madya has property of " Krushasthūlahitam".

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शस्तमास्थापने हृद्य है ?
"Shastamāsthāpane hridhya" is

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अष्टांगहृदय के अनुसार कृश स्थूल उभय हित है
Krishatā and sthūla ubhaya hitakara according to Ashtāmga Hridaya is

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कथन 1 .अष्टांग हृदय अनुसार माहिष दुग्ध अनिद्रा रोगी के लिए हितकारी हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार गव्य दुग्ध जीर्ण ज्वर को नष्ट करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Māhisha Dugdha is beneficial in patients of insomina. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Gavya Dugdha destroys Jīrna Jwara.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार हथिनी का दुग्ध "स्थैर्यकृद् "होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार एकशफ का दूध शाखावात को बढ़ाता हैं ।
Statement 1 - According to Ashtānga Hrudya, milk of female elephant is "Sthairyakrud". Statement 2 - According to Ashtānga Hrudya, milk of Ekashapha increases Shākhāvāta.

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.................अनिलघ्नी मेदोऽसृक्स्तन्यमूत्रकफा वहा है -
"....................anilaghnī medo asrika stanya mūtra kaphā vahā" is

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कथन 1 .अष्टांग हृदय में "वातकफानाहकृमिशोफोदरार्शसाम " ऊंटनी के दुग्ध के लिए कहा हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय में "वातकफानाहकृमिशोफोदरार्शसाम " अजा दुग्ध के लिए कहा हैं ।
Statement 1- In Ashtānga Hrudya, "Vātakaphānāhakrumi Shophodarārshasām" is said for Camels Milk. Statement 2- In Ashtānga Hrudya, "Vātakaphānāhakrumi Shophodarārshasām" is said for Goats Milk.

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तर्पण,आश्चोतन व नस्य में श्रेष्ठ क्षीर है -
Best Kshīra for tarpana, āshchyotana and nasya is

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दधि सेवन किस ऋतु में निषेध नही है ?
Curd is not contraindicated in which season

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कृशानां बृंहणायालं स्थूलानां कर्शनाय च किसके सन्दर्भ में कहा है -
"Krishānām brimhanāyālam sthulānām karshnāya cha" has been said in context of

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हृद्य व पथ्य है -
Hridhya and pathya is

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कथन 1."मेद:शुक्रबलश्लेष्म पित्तरक्ताsग्नि शोफकृत'' दुग्ध लिए कहा गया हैं । (A.H) कथन 2.मेद:शुक्रबलश्लेष्म पित्तरक्ताsग्नि शोफकृत'' दही लिए कहा गया हैं । (A.H)
Statement 1- "Medah Shukrabalashleshma Pittaraktāgni Shophakrut" is said for Dugdha. Statement 2- "Medah Shukrabalashleshma Pittaraktāgni Shophakrut" is said for Dahī.

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सीधु होता है
Sidhu is

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कथन 1. भोजन के अंत में पानी पीने से शरीर में स्थूलता आती हैं । (A.H) कथन .भोजन के मध्य पानी पीने से शरीर सम रहता हैं ।(A.H)
Statement 1- Drinking water at the end of meal leads to obesity in body. (A.H.) Statement 2- Drinking water during meal leads to stability in body. ( A. H.)

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कोठकुष्ठार्शोव्रणजन्तुजित् है -
"Koshtha kushtha arsho vrana jantu jita" is

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कृशस्थूलहितं गुण युक्त है -
"Krisha sthula hitam" gunayukta is -

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कथन 1.अष्टांग हृदय ने "अनिलघ्नी मेदोसृकक्स्तन्यमूत्रकफावहा" सुरा के लिए कहा हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय ने "अनिलघ्नी मेदोसृकक्स्तन्यमूत्रकफावहा" वारूणी के लिए कहा हैं ।
Statement 1- Ashtānga Hrudya has said "Anilaghanī Medosrukstanyamūtrakaphāvahā" for Surā. Statement 2- Ashtānga Hrudya has said "Anilaghanī Medosrukstanyamūtrakaphāvahā" for Vārūnī.

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अष्टांग हृदयाकार ने द्र्वद्रव्यो के कितने वर्ग किया है
How many Varga of Dravadravya has been given by Vaghbhata ?

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हितमत्यग्न्यनिद्रेभ्यो क्षीर है -
"Hitamatyagnyanidrebhyo" Kshīra is

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वयस: स्थापनं परं किसको कहा गया है ?
"Vayasah sthāpanam param" has been said for

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इक्षु विकारों में श्रेष्ठ व अश्रेष्ठ है क्रमशः-
Best and worst in Ikshu vikāra is

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अर्श व उदर के रोगी के लिए श्रेष्ठ क्षीर है -
Best Kshīra for "Arsha and udara" rogī is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार रात में दही खाना चाहिए। कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार बसंत, ग्रीष्म और शरद में दही खाना चाहिए।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, curd should be taken during night. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, curd should be taken in Vasanta, Grīshma and Sharada.

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अष्टांग हृदय अनुसार तक्र के रस
Rasa of Takra as per Ashtanga Hridaya :

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार सीधु स्नेहजनित व्यापत् व कफजन्यरोगो को नष्ट करता है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार अरिष्ट में मद्य के सभी गुण अधिकता से रहते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sidhu destroys Snehajanit Vyāpat and Kaphaja diseases. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, all the properties of Madya are present in excess in Madya.

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मूत्रशोधन गुण है -
Mūtra shodhana is guna of

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मेद:शुक्रबलश्लेष्म पित्तरक्ताsग्नि शोफकृत' किसके लिए कहा गया है
In Ashtanga Hridaya "Medahasukrabalasleshma pittaraktāgni sophakruta" is mention for

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कृशानाम् बृहणायालम् स्थूलानाम् कर्शनाय च किसका गुणधर्म है ?
"Krushanam brumhanaayalam sthulanakarshanaayacha" is the characteristic feature of which of the following ?

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नष्टनिद्राsतिनिद्रेभ्यो हितम्' किसके लिए कहा गया है
"Nashtanidrātinidrebhyo hitam" has been mention for

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु विकार में शर्करा सबसे श्रेष्ठ हैं । कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु विकार में राब सबसे निकृष्ट हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sharkarā is the best in all Ikshu Vikāra. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Rāba is the inferior in all Ikshu Vikāra.

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कथन 1. भोजन के मध्य पानी पीने से शरीर सम रहता हैं । (A.H) कथन 2.भोजन के मध्य पानी पीने से शरीर स्थूल होता हैं ।(A.H)
Statement 1- Drinking water between meals leads to stability of body ( A. H.) Statement 2- Drinking water between meals leads to obesity in water.

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व्रणशोधन सन्धानरोपण गुण किसका है -
"Vrana shodhana sandhānaropana" is guna of

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अष्टांग हृदयकार ने द्र्वद्रव्य वर्ग में माने हैं
Which of the following is included in Dravadravya varga according to Vaghbhata?

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नातितीव्रमदा लघ्वी पथ्या' किसके लिए कहा गया है
Quotation "Nātitivramadā laghvi pathyā" is for

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अष्टांगहृदय अनुसार अरिष्ट का रस होता है
Rasa of Arishta according to Ashtanga Hridaya is

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. "कटिगुह्यकोष्ठपृष्ठाश्रयौ जयेत् " कहा गया है -
"Kati guhya koshtha prishthāshrayau jayeta" has been said for

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बस्ति शूलनुत् गुणं युक्त है -
"Basti Sthūlatā" is guna of

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार नवनीत व्रण‌ का शोधन और रोपण करता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार गाय का घृत श्रेष्ठ हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Navanīta does Shodhana and Ropana of Vrana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Ghruta is Cow is best.

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वाग्भट के अनुसार भोजन के अंत में जलपान करने से क्या होता है
According to Vagbhatta drinking water at the end of a meal results in

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वाग्भट के अनुसार मूत्र के गुणधर्म है -
Guna dharma of mūtra according to Vāgabhatta

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स्वादु हिमं केश्य गुरु पित्तानिलापहं' किसके गुण है
According to Ashtanga Hridaya "Swādu himam keshya guru pitanilāpaha" are qualities of

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.......... भेदि तीक्ष्णोष्णं पित्तकृत्स्पर्शशीतलं किसके सन्दर्भ में कहा है ?
"............bhedi tīkshanoshnam tīkshanoshnam pittakritsparshashītalam" has been said in context t

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार बसंत, ग्रीष्म और शरद में दही खाना चाहिए। कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार मंद दही नहीं खानी चाहिए।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Dadhi should be taken in Vasanta, Grīshma and Sharada. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Manda Dadhi should not be consumed.

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कथन 1. अष्टांग हृदय ने मूत्र वर्ग में आठ मूत्र का वर्णन किया हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय ने मूत्र वर्ग में दस मूत्र का वर्णन किया हैं ।
Statement 1- Ashtānga Hrudya has mentioned Eight Mūtra in Mūtra Varga. Statement 2-Ashtānga Hrudya has mentioned Ten Mūtra in Mūtra Varga.

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार पौंड्रक इक्षु सबसे श्रेष्ठ होता हैं । कथन 2. वांशिक इक्षु पौंड्रक से हीन होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Paundrika Ikshu is best of all. Statement 2- Vānshika Ikshu is inferior from Paundrika.

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नवीन गुड है -
Navīna guda is

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निम्नलिखित में से कृश और स्थूल दोनों में उपयोगी है -
Which of the following is useful in both Krisha and Sthūla ?

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इस उष्ण द्रव्य को उष्ण से संतप्त मानव को उष्णकाल में उष्ण जलादि नहीं देना चाहिए, ऐसा करने से हानि होती है यह किस सन्दर्भ में कहा गया है -
"This ushna dravya should not be given to a person suffering from heat in ushnakāla with ushna jalādi" this has been said in context of

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उष्ण त्वग्दोषकफपित्तकृत' किसके लिए कहा गया है
Quotation "Ushna twagdoshakaphapittakruta" is for

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार फाणित मूत्रशोधक होता हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार फाणित लघु होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Phānita is Mūtrashodhaka. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Phānita is Laghu.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार सर्षप तैल "कफशुक्राअनिलापहम" हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार सर्षप तैल विषम ज्वर का नाश करता हैं।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sarshapa Taila is "Kaphashukrā Anilāpaham". Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Sarshapa Taila destroys Vishama Jwara.

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भुक्तमध्य पानी पीने से शरीर पर प्रभाव होता है -
How does drinking water in mid of a meal affects human body

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार नूतन मद्य गुरु और दोष जनक होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार जीर्ण मद्य गुरु और दोष जनक होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Nūtana Madya is Guru and Dosha Janaka. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Jīrna Madya is Guru and Dosha Janaka.

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शाखावातहरं .........जडताकरं उपरोक्त गुण युक्त क्षीर है -
"Shākhāvātaharam ..........jadatākaram" this is guna of which Kshīra

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कृमिकुष्ठकफप्रणुत्' किसके लिए कहा गया है
Quotation "Krumikushtakaphapranuta" is for

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सहस्त्रवीर्यं ............कर्म सहस्त्रकृत् कहा है-
"Sahasravīryam ................karma sahasrakrita" has been said for

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समस्थूलकृशा की अवस्था में जल पीने का क्या नियम है ?
"Samsthūlakrishā" how water should be drank in this situation

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श्रेष्ठ ईक्षु है
Which variety of Ikshu is best?

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भुक्तप्रथमा पानी पीने से शरीर पर प्रभाव होता है-
How does drinking water before starting a meal affects the human body

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कथन 1 . अष्टांग हृदय अनुसार दधि सेवन हेमंत ऋतु में निषेध नही है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार नवनीत "अर्दित कासजित्" है -
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, intake of curd is contraindicated in Hemanta. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Navanīta is "Ardita Kāsajit"

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शतपर्वक किसका भेद है
Śataparvaka is a type of ?

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लेखनं गुण युक्त मद्य का प्रकार है -
Which type of madhya is "Lekhana"

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार यांत्रिक इक्षु रस विदाही और गुरु विष्टंभी होता हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार पौंड्रक इक्षु सबसे श्रेष्ठ होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Yāntrika Ikshu Rasa is Vidāhī and Guru Vishtambhī. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Paundrika Ikshu is the best.

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अष्टाङ्गहृदय अनुसार श्रेष्ठ इक्षु है
According to Ashtanga Hridaya which is the best Ikshu?

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हृद्या गुण निम्न में पाया जाता है -
"Hridhyā" is guna of

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार सर्षप तैल जंतु नाशक हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार नूतन गुड़ कफ वृद्धि और अग्निमांद्य करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sarshapa Taila destroys worms. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, fresh Jaggery increases Kapha and causes Agnimāndya.

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क्षीर व घृत अश्रेष्ठ किस प्राणी का होता है -
Kshīra and ghrita of which of the following is ashreshtha(worse)

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रक्तपितकफ उत्क्लेदि ....वातानुलोमनम्' किसके लिए कहा गया है
"Raktapittakapha utakledi...vātānulomanam" has been mention for

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कथन 1. गुल्म ,पांडु उदर रोगी को पानी नहीं पीना चाहिए यदि प्यास नहीं रोकी जा सके तो थोड़ा पानी पीना चाहिए । (A.H) कथन 2. शरद और ग्रीष्म ऋतु को छोड़कर स्वस्थ मनुष्य को थोड़ा- थोड़ा पानी ही पीना चाहिए।(A.H)
Statement 1 - A patient of Gulma, Pāndu, Udara should not drink water, if thrist cannot be controlled should drink little water. Statement 2 - Except Sharada and Grīshma season, healthy individual should drink little quantity of water.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार कांंजी बस्ती शूलनाशक होती हैं। कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार कांंजी हृदय के लिए हितकारी होता हैं।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Kānjī Bastī is Shūlanāshaka. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Kānjī is beneficial for Hrudya.

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सोऽग्रे सलवणो, दन्तपीडित: शर्करसम: ....... किसके सन्दर्भ में है ?
"Soagre salavano, dantapīditah sharkarasamah......" is in context of
ed

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मधु है
Madhu is

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अष्टांग हृदय में अन्तिम वर्णित द्रव वर्ग है ?
Last drava varga explained in Ashtāmga Hridaya is

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कथन 1 .अष्टांग हृदय अनुसार गव्य दुग्ध जीवनीय और रसायन होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार गव्य दुग्ध जीर्ण ज्वर को नष्ट करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, milk of cow is Jīvanīya and Rasāyana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, milk of cow destroys Jīrna Jwara.

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कथन 1 .अष्टांग हृदय अनुसार अजा दुग्ध अनिद्रा रोगी के लिए हितकारी हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार अजा दुग्ध अतिसार को नष्ट करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, milk of goat is beneficial in patient of insomnia. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, milk of goat destroys Atisāra.

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कुष्ठ,पाण्डु एवं शिरोरोग कारक जल है -
Kushtha, Pāndu and Shiroroga kāraka jala is

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वर्षा ऋतु में जल के संदर्भ में सत्य कथन है-
What is true in the context of water of Varshā Ritu

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दुर्नाम कारक जल है -
Durnāma kāraka jala is

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कथन 1 . नारिकेल जल वृष्य होता हैं । (A.H) कथन 2.नारिकेल जल अवृष्य होता हैं (A.H)
Statement 1- Nārikela Jala is Vrushya. ( A. H.) Statement 2- Nārikela Jala is Avrushya. ( A. H.)

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार शुद्ध गुड़ मूत्र मल को बाहर निकालता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार अशुद्ध गुड़ कृमि, मज्जा,रक्त मेद,मांस और कफ को प्रचुर मात्रा में बढ़ाता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Pure Jaggery expels Mūtra Mala. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, impure Jaggery increases Krumi, Majjā, Rakta, Meda, Māmsa and Kapha in excess quantity.

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सरं स्रोत:शोधि विष्टम्भजिल्लघु' किसके गुण है (अष्टांग हृदय)
According to Ashtanga Hridaya "Saram srotahasodhi vistambhajillaghu" are qualities of :

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कौनसा तैल "वर्ध्महर "है ?
Which oil is "Vardhmahara"

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जलपान के अयोग्य है -
Contraindications for Jalapāna

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त्रिदोष कारक जल है -
Tridosha kāraka jala is

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इक्षु विकारों में अधम है
Which is least suitable for consuming from Ikshu vikara ?

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कथन 1 . नारिकेल जल वात पित्त का नाश करता हैं । (A.H) कथन 2.नारिकेल जल वृष्य होता हैं (A.H)
Statement 1- Nārikela Jala destroys Vāta Pitta. ( A. H.) Statement 2- Nārikela Jala is Vrushya. ( A. H.)

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कथन 1 . क्वथित शीतल जल वस्ति का शोधन करता हैं । (A.H) कथन 2.उष्णोदक नव ज्वर में हितकारी हैं । (A.H)
Statement 1- Cold boiled Water does Shodhana of Basti. Statement 2- Ushnodaka is beneficial in Nava Jwara.

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कृशानां बृहनायालं स्थूलानां कर्शनाय च।' -
"Krushanām bruhanāyālam sthūlānām karshanāya cha"

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धारोष्ण ......... क्षीर के सन्दर्भ में रिक्त स्थान की पूर्ति करो -
"Dhāroshna..........." fill in the blank in the context of Kshīra

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अर्दित कासजित् है -
"Ardita kāsajita" is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार क्षीर से निकला मक्खन नेत्र रोग नाशक होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार नवनीत अर्दित नाशक होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Butter extracted from Milk destroys Netra Roga. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Navanīta destroys Ardita.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार वारुणी हृदय के लिए हितकारी होती हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार यवसुरा त्रिदोषला होती हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Vārunī is beneficial for Hrudya. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Yavasurā is Tridoshalā.

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अम्लपाकरसं ग्राहि गुरुष्ण' किसके गुण है (अष्टांग हृदय)
As per Ashtanga Hridaya "Amlapākarasam grahi gurushna" are qualities of :

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार जो नदिया पश्चिम समुद्र में गिरती हैं, तेज बहती हैं और जिनका पानी निर्मल हैं ,पथ्य होती हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार जो नदिया पूर्व समुद्र में गिरती हैं, तेज बहती हैं और जिनका पानी निर्मल हैं ,पथ्य होती हैं ।
Statement 1- The rivers which fall into the western sea, flow fast and whose waters are pure, are Pathya. Statement 2- The rivers which fall in the east sea, flow fast and whose waters are pure, are Pathya.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार पुराण गुड़ हृदय के लिए पथ्य हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार नूतन गुड़ कफ वृद्धि और अग्निमांद्य करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, old Jaggery is beneficial for Hrudya. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, fresh Jaggery increases Kapha and does Agnimāndya.

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छेदी गुण युक्त है -
Chedī guna is of

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बस्तीशोधन है
Which of the following is Bastishodhaka ?

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ईषदूष्ण लवण क्षीर है -
"Īshadūshna lavana" Kshīra is

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कच्चा दुग्ध होता है
Uncooked Milk is

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वाग्भट के अनुसार मक्खन कितने प्रकार का होता है
Types of Navanita according to Vaghbhata :

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मस्तु होता है
Mastu is

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बाढ़मुष्णं क्षीर है -
"Bādhamūshnam" Kshīra is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार सभी मूत्र पित्त कारक होते हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार सभी मूत्र का अनुरस लवण होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, all Mūtra are Pittakāraka. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Anurasa of all Mūtra is Lavana.

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प्राच्य, आवन्त्य एवं अपरान्त प्रादेश की नदियों के जल सेवन से उत्पन्न रोग है - ( वाग्भट )
Diseases originating due to water of prāchya, āvantya and aparānta pradesha are

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वाग्भट् अनुसार, मूत्र का रस है -
Rasa if Mūtra according to Vāgbhata is -

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दधि का विपाक
Vipaka of Dadhi is

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सेवनीय मद्य है -
Sevanīya mdhya is

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निम्न मे हृदय के लिए हितकर है (अष्टांग हृदय)
Which of the following is Hridhya as per Ashtanga Hridaya?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार इक्षु विकार में राब सबसे श्रेष्ठ हैं । कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार मधु "व्रणशोधनसंधानरोपण" करता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Rāba is best in Iskhu Vikāra. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Madhu does "Vranashodhanasandhānaropana".

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार एरंड तैल विषम ज्वर का नाश करता हैं। कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार सभी मूत्र पित्त कारक होते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Eranda Taila destroys Vishama Jwara. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, all Mūtra are Pitta Kāraka.

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वाग्भट के अनुसार अर्दित रोग में अग्र्य है -
Agraya for Ardita roga according to Vāgabhatta is

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नातितीव्रमदा लघ्वी पथ्या' किसके लिए कहा गया है
"Nātitivramadā laghvi pathyā" is

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सतिक्त उषण स्वादु' किस तैल के लिए कहा गया है
"Satikta ushana swadu" has been said for which taila?

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सामुद्र जल पीने योग्य मांस है -
In which month Sāmudra jala can be drank

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मधु का गुण व रस है -
Guna and rasa of madhu is

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार दही का विपाक अम्ल होता हैं। कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार दही शोफ को उत्पन्न करती हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Vipāka of Dadhi is Amla. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Dadhi develops Shopha.

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पुराण घृत के सन्दर्भ में सत्य कथन है -
What is true in the context of purāna ghrita

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वातश्लेष्महरं युक्त्या पीतं विषवदन्यथा किसके संदर्भ में कहा है -
"Vātashleshmaharam yuktyā pītam vishavadanyathā" has been said in context of

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स्नेहजनित व्यापत् व कफजन्यरोगो को नष्ट करता है -
The one which destroys snehajanita vyāpata and kaphajanya roga is -

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ग्रहणी दोष में सेवनीय है -
What can be consumed in Grahanī dosha

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