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Dvividhopakramaniya adhyaya AIAPGET MCQs

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14.Dvividhopakramaniya adhyaya

1 / 72

अष्टांगहृदय अनुसार मूल उपक्रम कितने होते है
According to Astang Hridaya Mool Upkram are

2 / 72

शमन का भेद नहीं है -
Which is not a type of Shamana?

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लंघन के योग्य नहीं है ?
Langhana is not aadvisable in?

4 / 72

निम्न कर्म शोधन में शामिल नहीं है -
Which is not included in Shodhana

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शमन चिकित्सा के भेद हैं। वाग्भट
Acording to Vagbhatta Types of Shamana chikitsa is

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बृंहण द्रव्य प्राय: निम्न महाभूत प्रधान है -
Mahabhoota dominated in Bringhana dravyas is

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दीपन-पाचन से लंघन के योग्य है- निम्न रोगी-
Langhana by Deepan Paachana is done in ?

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सन्तर्पण योग्य है
Suitable for Santarpan is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार जो मद्य सेवन किया हैं उसका बृंहण करना चाहिए। कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार वात प्रकृति वाले का लंघन करना चाहिए।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, one who has taken alcohol should be done Brumhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, person of Vāta Prakruti should do Langhana.

10 / 72

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार छर्दी में मुहु: औषध दे । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार हिक्का श्वास कास में मुहु: औषध दे ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Muhuh aushadha is given in Chhardī. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Muhuh Aushadha is given in Hikkā Shwāsa Kāsa.

11 / 72

किस ऋतू में लंघन सभी के लिए योग्य है (अष्टांग हृदय)
Langhana is advisable for all in which Ritu?(Astang hridaya)

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बृंहण के द्वारा किन किन दोषों का शमन होता है ?
Bringhana pacifices which dosha/doshas ?

13 / 72

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार अपची रोग अति लंघन से होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार अति बृंहण रोग में शिलाजीत के साथ अग्निमंथ का रस पीना चाहिए ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Apachī disease is caused due to excess Langhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, in disease due to excess Brumhana, Shilājīta is given with rasa of Agnimantha.

14 / 72

बृंहण योग्य पुरुष को लंघन देने के लिए उपयुक्त कथन है ?
Which is best said for a bringhaniya person to giive Langhana

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अष्टांगहृदय अनुसार शमन के भेद है
According to astang hridaya Shaman types are

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कथन 1. "गुरु चातर्पण स्थूले विपरीतं हित कृशे " (A.H) कथन 2. जौ स्थूल व्यक्ति के लिए उत्तम होता हैं । (A.H)
Statement 1- "Guru Chāpatarpana Sthūle Viparītam Hita Krushe" ( A. H.) Statement 2- Barley is beneficial for obese person. ( A. H.)

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कथन 1. अष्टांग हृदय सूत्र 14 के अनुसार शोधन पांच प्रकार का होता हैं। कथन 2. अष्टांग हृदय सूत्र 14 के अनुसार शमन सात प्रकार का होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya Sūtra 14, Shodhana is of Five Types. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya Sūtra 14, Shamana is of Seven Types.

18 / 72

उपक्रम्यस्य हि ....' में उपक्रम्य का अर्थ क्या है
Word Upkramya in Upkramya hi....... means

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अति लंघन से उत्पन्न रोग नही है -
Excessive Langhana does not leads to?

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कृश व्यक्ति के लिए हितकारी नहीं है -
For krusha person which is not suitable ?

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मस्तु दण्डाहतारिष्टचिन्ताशोधनजागरं ........चिकित्सा है -
Mastu dandhaahatarishta chinta shodhana jaagaram......... is the line of treatment for?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार कंप, आक्षेपक,और हिक्का में सामुद्ग औषध देना चाहिए। कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार कंप, आक्षेपक,और हिक्का में अनन्न औषध देना चाहिए।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sāmudga Aushadha should be given in Kampa, Ākshepaka and Hikkā. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Ananna Aushadha should be given in Kampa, Ākshepaka and Hikkā.

23 / 72

गर्भिणी है
Garbhini is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार शिशिर ऋतु में स्वस्थ व्यक्ति को भी लंघन कराया जा सकता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार ग्रीष्म ऋतु में स्वस्थ व्यक्ति को भी लंघन कराया जा सकता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, a healthy individual can also do Langhana in Shishira Ritu. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, a healthy individual can also do Langhana in Grīshma Ritu.

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यदीरयेद्वहिर्दोषान पंचधा .............च तत्।रिक्त स्थान में है -
Complete the statement Yadiryedvahirdoshan panchdha............ cha tat|

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न शोधयति याध्दोषान् समन्नोदीरयत्यापि । यह लक्षण है -
Na shodhyati yat doshan samannodiryati api.....| is the lakshana of ?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार व्यान वायु की कुपित होने पर भोजन के अंत में औषधी देना चाहिए। कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार प्राण वायु की कुपित होने पर ग्रासांतर औषधी देना चाहिए।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, in vitiation of Vyāna Vāyu, medicine should be given at the end of meal. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, in vitiation of Prāna Vāyu, medicine should be given Grāsāntara.

28 / 72

द्विविध उपक्रम है -
Dwividha upkrama is

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जो अपतर्पण के योग्य है उसे (कर सकते है )
Person elligible for Aptarpan can also follow

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार लंघन के योग्य पुरूषों का बृहण नहीं करना चाहिए । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार बृहण के योग्य पुरूषों को मृदु लंघन करा सकते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, males indicated for Langhana should not be allowed Bruhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, males indicated for Bruhana can be done Mrudu Langhana.

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क्षुत्तृट्सहोदय: शुद्ध हृदयोद्गारकंठता" है -
Kshut trat sahodaya suddha hridaya udgar kanthata is?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार स्थूल व्यक्ति की चिकित्सा लघु और अपतर्पण होती हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार कृश व्यक्ति की चिकित्सा गुरु और संतर्पण होती हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, treatment of obese person is Laghu and Apatarpana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, treatment of weak person is Guru and Santarpana.

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द्विविध उपक्रमण किस आचार्य की मौलिक देन है ?
Dwividha upkraman concept was given by which aacharya?

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A. अष्टांग हृदय अनुसार संतर्पण और अपतर्पण द्विध उपक्रम हैं । R. द्विविध उपक्रम अष्टांग हृदय की मौलिक देन है ।
A. According to Ashtānga Hrudya, Santarpana and Apatarpana are Dvividha Upakrama. R. Dvividha Upakrama is fundamental gift of Ashtānga Hrudya.

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शिर:कंठाक्षिरोगिण:' है
Shira kanthaakksirogina is

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अतिलंघन से होने वाले रोग है -
Diseases due to Ati Langhana is/are

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संन्यास है (अष्टांगहृदय)
According to Astang Hridaya word Sanyasa is

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अतिमात्र बृंहण से उत्पन्न रोग है -
Excessive Brimghana leads to which roga ?

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किस ऋतु में स्वस्थ व्यक्ति को बृंहण देना चाहिए ?
In which ritu Brimghana should be given to a healthy person ?

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विमलेंद्रियत सर्गो मलानां लाघवं रुचि: लक्षण हैं -
Vimalendriyata sargo malanam laaghavam ruchi is the Lakshana of ?

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार गर्भिणी,सूतिका बृंहण करने योग्य हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार ग्रीष्म ऋतु में मनुष्य बृंहण करने योग्य हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Garbhinī, Sūtikā are indicated for Brumhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, in Grīshma Ritu, individual is indicated for Brumhana.

42 / 72

शमन के भेद होते है -
Types of Shamana are?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार बृंहण द्रव्य प्राय पार्थिव और जलीय होते हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार बृंहण द्रव्य प्राय आग्नेय और जलीय होते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Brumhana dravya are mainly Pārthiva and Jalīya. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Brumhana dravya are mainly Āgneya and Jalīya.

44 / 72

अतिबृंहण की चिकित्सा है -
Treatment of Atibrimghana is ?

45 / 72

न हि ...................... समं किंचिदन्यद्देहबृहत्वकृत'' (अष्टांग हृदय)
Na hi .......... samam kinchitanyaddehbrihatkrut

46 / 72

कार्श्यमेव वरं स्थौल्यात् ........ संदर्भ है -
Kaarshyamev varam Sthaulyaat......... is reff of ?

47 / 72

अचिन्तया हर्षण ध्रुवं संतार्पनेन च | स्वप्नप्रसंगाश्च कृशो ................. इव पुष्यति ||'
Achintaya harshana dhruvam santarpanencha | Swapan prasangascha krasho............ iva pushyati ||

48 / 72

किस ऋतु में स्वस्थ व्यक्ति को लंघन देना श्रेष्ठ है ?
Langhana for a healthy person is advisable in which ritu?

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मध्यमबल दोष से पीड़ित दृढ़ व्यक्ति को लंघन देना चाहिए -
Strong person suffering from Madhyamabal dosha, Langha should be given by ?

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रसांजनस्य महत: पंचमूलस्य गुग्गुलो:। शिलाजतु प्रयोगश्च ............. हित: ।।
Rasanjansya mahata panchmoolasya guggulo | Shilajatu prayogasch......... hita ||

51 / 72

कौनसे रोग अतिबृंहण व अतिलंघन दोनों से होते है ?
Excessive Brimghana and Langhana both leads to which diseases ?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार बृंहण केवल वायु का शमन करता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार बृंहण वायु या वायुपित्त का शमन करता हैं
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Brumahana only does quenching of Vāyu. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Brumhana does quenching of Vāyu Pitta.

53 / 72

उपक्रम्यस्य हि द्वित्वाद्' में उपक्रम्य का अर्थ
The meaning of word Upkramya in Upkramyasya hi dwitwada is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार मूत्रकृच्छॢ रोग अति बृंहण से होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार भगंदर रोग अति बृहण से होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Mūtrakruchchhra is caused by excess Brumhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Bhagandara is caused by excess Brumhana.

55 / 72

सन्तर्पण योग्य है
Suitabl;e for Santarpan is

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शोधन कितने प्रकार का होता है ?
Types of sodhana is ?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार अरुचि अति लंघन से होने वाला रोग हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार भ्रम अति लंघन से होने वाला रोग हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Aruchi is caused by excess administration of Langhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Bhrama is caused by excess administration of Langhana.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार अरुचि अति लंघन से होने वाला रोग हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार मल मूत्र का अवरोध अति लंघन से होने वाला रोग हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Aruchi is caused by excess Langhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, obstruction of Mala Mūtra is caused by excess Langhana.

59 / 72

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार स्नान से बृंहण होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार उरूस्तंभ का रोगी लंघन के योग्य होता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, bathing leads to Brumhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, patient of Urūstambha is indicated for Langhana.

60 / 72

स्थौल्य की चिकित्सा में प्रयुक्त अन्नपान व औषध होनी चाहिए -
Annapana and Aushada used in the treatment of Sthaulya

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लंघन के योग्य है -
Eligible for langhana is

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अति बृंहण से उत्पन्न रोग नही है -
Excessive Brimghana does not lead to

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार प्लीहा रोगी लंघन योग्य होता हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार शिरकंठअक्षिके रोगी लंघन योग होते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, patient of Plīhā are indicated for Langhana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya , Langhana is indicated for patient of Shira Kantha Akshi.

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शरीर का बृंहण करने में निम्न के समान अन्य कोई द्रव्य नहीं है । उपरोक्त द्रव्य है -
Best dravya for Brimghana is

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निम्न में से संशोधन के द्वारा लंघन के योग्य है -
Sanshodhana by Langhana is done in which of the following?

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार कंप, आक्षेपक,और हिक्का में सामुद्ग औषध देना चाहिए। कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार कंप, आक्षेपक,और हिक्का में अनन्न औषध देना चाहिए।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Sāmudga Aushadha should be given in Kampa, Ākshepaka and Hikkā. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Ananna Aushadha should be given in Kampa, Ākshepaka and Hikkā.

67 / 72

स्थूल व्यक्ति में हितकर चिकित्सा है -
suitable treatment in a obese person is ?

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अष्टांग हृदय अनुसार व्योषादि योग मे होता है
According to Astang Hridaya Vyoshadi yoga has

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार लंघन के दो भेद होते हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार लंघन के दो भेद शोधन और रूक्षण हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Langhana is of two types. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Two types of Langhana are Shodhana and Rūkshana.

70 / 72

स्वप्नप्रसंगाच्च कृशो ............ इव पुष्यति । रिक्त स्थान में है -
Swapanprasangatcha krusho............ iv pushyati |

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अति बृंहण की चिकित्सा में निर्दिष्ट व्योषादि मंथ में सत्तु चूर्ण का कितना गुना लेते है -
How many times amount of Sattu is taken from churna in Vyoshadi mantha indicated in the treatment of Ati Brimghana

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वाग्भट के अनुसार लंघन का प्रकार है -
According to Vagbhatta types of langhana is ?

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