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Lēkhyarōgapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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13. Lēkhyarōgapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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कण्डूहर्षोपदेहवत् किसका लक्षण है ?
" Kanduharshopadehavat " is the symptom of ?

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व्याध्यनिर्जय किसका लक्षण है ?
" Vyādhyanirjaya " is the symptom of ?

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सर्पि पानं भोजनं प्रशस्ते से तात्पर्य है -
"Sarpi pānam bhojanam prashaste" is for -

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. छेदनपूर्वक लेखन योग्य रोग हैं
Chedana followed by lekhana is indicated in roga of -

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सम्यक् लिखित नेत्र का लक्षण है -
The lakshana of Samyaka likhita Netra is

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व्यावर्त्तते यदा वर्त्म पक्ष्म चापि विमुह्यति निम्न में से किसका लक्षण है ?
" Vyāvartate yadā vartma pakshma chāpi vimuhyati " is the symptom of which of the following ?

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लेख्य रोग की सामान्य चिकित्सा में शस्त्रकर्म के कितने समय पश्चात् स्वेदन एवं अवपीडन प्रभृति करना चाहिए ?
In the Sāmānya treatment of Lekhya roga, after Shastra karma when one should repeat Swedana and Avapīdana

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लेखन पश्चात प्रतिसारण किससे करना चाहिए ?
Pratisārana should be done with which of the following after Lekhana ?

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आचार्य सुश्रुत के अनुसार किस व्याधि में लेखन कर्म से पूर्व छेदन कर्म करते है ?
In which disease chedana is done before lekhana as per Acharya Sushrut ?

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नख के समान वर्ण होना .....लिखितवर्त्म के लक्षण हैं
Nakha samāna varna is symptom of..........likita vartama

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वर्त्म में कठिन, ह्रस्व एवं ताम्र वर्ण की पिडका होने पर क्या चिकित्सा की जानी चाहिए ?
What treatment should be done if pidakā of vartma becomes kathina , hrushva and tāmra varna ?

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स्यात् सरुक् स्रावबहूलं तदतिस्रावितं विदु: किसका लक्षण है ?
"Syāt sarūk strāvabahūlam tadatistrāvitam viduh" is the symptom of ?

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व्यावर्त वर्त्म किसका लक्षण है ?
Vyāvarta vartma is the symptom of ?

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नेत्रपाकमुदीर्णं किसका लक्षण है ?
" Netrapākamudīrnam " is the symptom of ?

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असृगास्त्रावरहितं कण्डुशोफविवर्जितं लक्षण है -
Asrugāstrāvarahitam kandushophavivarjitam

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किस नेत्ररोग में लेखन पूर्व प्रच्छान कर्म करना चाहिए ?
In which netraroga , pracchāna followed by lekhana karma should be done ?

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निम्न में से किस नेत्रगत व्याधि में प्रथम छेदन करके पश्चात् लेखन कर्म निर्दिष्ट नहीं है ?
In which of the following netragata disease , primarily chedana followed by lekhana karma is not indicated ?

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दुर्लिखित वर्त्म में पुन: लेखन करने से पूर्व क्या करना चाहिए ?
What should be done in durlikhita vartma before lekhana ?

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तरूणीश्चाल्पसंरंभा: पिडका की चिकित्सा है -
Treatment of " Tarūnīshchālpasamrambhāh pidakā " is -

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अतिलिखित वर्त्म में निम्न में से किस चिकित्सा का प्रयोग करना चाहिए ?
Which of the following treatment should be used in atilikhita vartma ?

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छेदनपूर्वक लेखन योग्य रोग हैं
Chedana purvaka lekhana yogya is

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पोथकी के सन्दर्भ में सत्य कथन है -
True about Pothakī is

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किस व्याधि में प्रच्छान करके पश्चात् लेखन कर्म किया जा सकता है ?
In which disease after Prachchāna lekhana karma is done

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प्रक्षाल्य हविषा सिक्तं व्रणवत् समुपाचरेत् -
" Prakshālya havishā siktam vranavat samupācharet "-

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. रक्तपित्तव्याधिपीड़ित मृदु वर्त्म लेखनार्थ किस प्रकार के पत्र का प्रयोग करना चाहिए ?
Which type of patra should be used for lekhana of mrudu vartma with raktapitta vyādhi pīdita ?

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रागशोफपरिस्त्रावास्तिमिरं व्याध्यनिर्जय: किसका लक्षण है ?
" Rāgashophaparistrāvāstimiram vyādhyanirjayah " is the symptom of ?

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किन रोगों में एक समान लेखन कर्म करना चाहिए ?
In which diseases similar type of lekhana karma should be done ?
ed

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सुश्रुत मतानुसार, अतिलिखितवर्त्तम रोग में किस दोष नाशक चिकित्सा क्रम का पालन करना चाहिए ?
According to Sushruta, which dosha nāshaka treatment should be followed in atilikhita vartma roga ?

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सुश्रुत अनुसार किस नेत्रगत रोग में सम लेखन निर्दिष्ट है ?
According to Sushruta , sama lekhana is indicated in which netra roga ?

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पोथकी में लेखन पूर्व क्या करना चाहिए ?
What should be done in pothakī before lekhana ?

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सुश्रुत मतनुसार प्रथम प्रच्छान के पश्चात अवलेखन कर्म निम्न रोग में करना चाहिए -
According to Sushruta, first pracchāna followed by avalekhana karma should be done in following disease -

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श्याव वर्त्म में निम्न में से किस शस्त्रकर्म का प्रयोग करने का निर्देश है ?
Which Shastra karma is used for Shyāva Vartama

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उत्संगिनी में लेखन से पूर्व क्या करना चाहिए ?
What should be done in utsangini before lekhana ?

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लोमहर्ष किसका लक्षण है ?
Lomaharsha is the symptom of ?

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तिमिर किसका लक्षण है ?
Timira is the symptom of ?

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पुन: लेखन कर्म करना, किसकी चिकित्सा है -
Repeating lekhana karma is treatment of

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वर्त्मावबन्ध में निर्दिष्ट चिकित्सा उपक्रम है -
Chikitsā upakrama indicated in Vartmāvabandha is -

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सम्यक् लिखित वर्त्म का लक्षण नही हैं -
Not a symptom of Samyak likhita vartma is -

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अतिलिखित वर्त्म चिकित्सा है -
Treatment of atilikhita vartma is -

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कौनसी पिडका में लेखन पूर्व भेदन करना चाहिए ?
In which pidakā, Bhedana should be done followed by lekhana ?

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लेख्य रोग की सामान्य चिकित्सा में किस व्याधि समान उपचार निर्दिष्ट है ?
In the common treatment of lekhya roga , treatment should be done similar to which disease ?

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छेदनपूर्वक लेखन योग्य रोग हैं
Chedana followed by lekhana is indicated in disease -

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सुश्रुत उत्तरतंत्र अध्याय १३ के अनुसार, लेख्य रोग संख्या है -
According to Sushruta Uttartantra chapter 13 , number of Lekhya roga is -
ed

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सम्यक् लिखित वर्त्म का लक्षण नही हैं -
Which of the following is not a symptom of Samyak likhita vartama

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नखनिभं वर्त्म किसका लक्षण है ?
Nakhanibham vartma is the symptom of ?

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कौनसी पिडका में प्रशमन कर्म करना चाहिए -
Prashamana karma is done in which Pidikā

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लेखन चिकित्सा उपक्रम के सन्दर्भ में असत्य कथन है -
Wrong statement regarding the lekhana chikitshā karma

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