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Mutrāghātapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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58. Mutrāghātapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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शङ्खचूर्णप्रपाण्डुरं निम्न में से किसका स्वरूप है ?
"Shankhachūrnaprapānduram" is the characteristic of which of the following ?

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प्रवाहतो मन्दरुजमल्पल्पं पुनः पुनः निम्न में से किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Pravāhato mandarujamalpapam punah punah" is the symptom of which of the following mūtrāghāta ?

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व्यायामाध्वातपै: पित्तं बस्ति प्राप्यानिलावृतम् किस मूत्राघात का हेतु है ?
"Vyāyāmādhvātapaih pittam basti prāpyānilāvrutam" is the cause of which mūtrāghāta ?

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भस्मोदकप्रतीकाशं किस मूत्राघात का स्वरूप है ?
"Bhasmodakapratīkāsham" is the characteristic of which mūtrāghāta ?

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मूत्रसंगो भवेत्तेन बस्तिकुक्षिनिपीडितः किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Mūtrasango bhavettena bastikuksinipiditah" is the symptom of which mūtrāghāta ?

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किस मूत्राघात में मूत्र के सुख जाने पर उसका वर्ण "रोचना चूर्ण सन्निभम्" होता है ?
In which Mūtrāghāta, colour of urine becomes "Rochanā Chūrna Sannibham" when it gets dried up ?

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मूत्ररुजाहरणार्थ प्रयुक्त रासभवाजिवर्चरस को कितनी मात्रा में प्रयोग करना चाहिए ?
Use of rāsabhavājivarcharasa for mūtrarujāharanārtha should be taken in what quantity ?

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सृजेदल्पाल्पमथवा सरूजस्कं शनै: शनै: किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Srujedalpālpamathavā sarūjaskam shanaih shanaih" is the symptom of which mūtrāghāta ?

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सुश्रुत अनुसार पाटल्यादि क्षारोदक का प्रयोग किस विकार में करना चाहिए ?
According to Sushrut, pātalyādi ksārodaka is used in which disease ?

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मूत्रदोष की चिकित्सार्थ सामान्य क्रियाक्रम है -
For the treatment of mūtradosha , common sequence/process is -

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सुदारुणम् किस मूत्राघात के लिए कहा गया है ?
"Sudārunam" is said for which mūtrāghāta ?

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सुश्रुत अनुसार मूत्राघात के भेद
According to Sushrut, types of mūtrāghāta are -

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मूत्ररक्तयोनिदोषहर घृत का कितने प्रमाण में प्रतिदिन सेवन करना चाहिए ?
Mūtraraktayonidoshahara ghruta should be used in what quantity daily ?

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मूत्रदोष में प्रयुक्त मुस्तादि कल्क की मात्रा है -
Mātrā of mustādi kalka used in mūtradosha is -

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रौक्ष्याद्वेगविघाताद्वा वायुरन्तरमाश्रित: किस मूत्राघात का हेतु है ?
"Rauksyādvegavighātādvā vāyurantarmāshritah" is the cause of which mūtrāghāta ?

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अभ्यन्तरे बस्तिमुखे वृत्तोSल्प: स्थिर एव च किस मूत्राघात के सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Abhyantare bastimukhe vritti alpah sthira eva cha" is said in relation to which mūtrāghāta ?

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मूत्रस्य विहते वेगे तदुदावर्तहेतुना किस मूत्राघात का निदान है ?
"Mūtrasya vihate vege tadudāvartahetunā" is the cause of which mūtrāghāta ?

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किस मूत्राघात में मूत्र के सूख जाने पर उसका वर्ण "रोचनाचूर्णसन्निभं" हो जाता है ?
In which mūtrāghāta, after mūtra gets dried up, its character becomes "rochanāchūrnasannibham"

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तं ......... विद्याद् अध:स्त्रोतोनिरोधनम् ।
"Tam .......... vidyād adhah strotonirodhanam"

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एर्वारुकल्क का प्रयोग किस विकार में करना हितकारक है ? ( सुश्रुत )
Use of Ervārukalka is beneficial in which disease ? ( Sushrut )

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कृच्छ्रप्रसाधन: निम्न में से किस मूत्राघात के सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Kruchchraprasādhanah" is said in relation to which mūtrāghāta ?

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निदिग्धिका स्वरस का प्रयोग निम्न में से किस रोग में करना चाहिए ?
Nidigdhikā swarasa should be used in which of the following disease ?

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पिच्छिलं संहतं श्वेतं तथा कृच्छ्रप्रवर्त्तनम् किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Pichilam sanhatam shvetam tathā krucchrapravartanam" is the symptom of which mūtrāghāta ?

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मूत्ररक्त में किस प्राणी की वसा द्वारा उत्तरबस्ति देनी चाहिए ?
Uttarbasti with vasā of which animal is given in mūtrarakta ?

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प्रत्युपस्थितमूत्रस्तु मैथुनं योSभिनन्दति किस मूत्राघात का हेतु है ?
"Pratyupasthitamūtrastu maithunam yo abhinandati" is the cause of which mūtrāghāta ?

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प्रज्ञाहितं च धन्यं च सर्वरोगापहं शिवम् किस कल्प के सन्दर्भ में कहा गया है ? ( सुश्रुत )
"Pragyāhitam ch dhanyam ch sarvarogāpaham shivam" is said in relation to which kalpa ? ( Sushrut )

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रूक्षस्य कलान्तदेहस्य बस्तिस्थौ पित्तमारुतौ निम्न ने से किस मूत्राघात का हेतु है ?
"Rūksasya kalāntadehasya bastisthau pittamārutau" is the cause of which of the following mūtrāghāta ?

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विशदं पीतकं मूत्रं सदाहं बहलं" किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Vishadam pītakam mūtram sadāham bahalam" is the symptom of which mūtrāghāta ?

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विण्मूत्रानिलसङ्गश्च तत्राध्मानञ्च जायते निम्न में से किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Vimūtrānilasangashcha tatrādhmānancha jāyate" is the symptom of which of the following mūtrāghāta ?

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ओजस्वी बलवान् मर्त्य: पिबन्नेव च हॄष्यति किस घृत की फलश्रुति है ?
"Ojasvi balavān martyah pibenneva ch hrushyati" is the property of which ghruta ?

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मूत्ररक्त में किस विधि का उपयोग करना हितकर होता है ?
Use of which vidhi is beneficial in mūtrarakta ?

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स्त्रवेच्छनैल्पमल्पं सरुजं वाSथ नीरुजम् निम्न में से किस मूत्राघात का लक्षण है ?
"Stravecchanailpamlpam sarujam vāatha nīrujam" is the symptom of which of the following mūtrāghāta ?

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सर्पिरेतत् प्रयुञ्जाना स्त्री गर्भ लभतेSचिरात् किस घृत के सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Sarpiretat prayunjānā strī garbha labhate achirāt" is said in relation to which ghruta ?

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सुश्रुत के अनुसार मूत्राघात के कितने भेद हैं ?
According to Sushrut, how many types of mūtrāghāta are there ?

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मूत्रं प्रवृत्तं सज्जेत सरक्तं वा प्रवाहत: किस मूत्राघात के संदर्भ में कहा गया है ?
"Mūtram pravrutam sajjeta saraktam vāpravāhatah" is said in relation to which my ?

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किस प्रकार के मूत्राघात में नाभि के निम्न प्रदेश में तीव्र वेदनायुक्त आध्मान उत्पन्न होता है ?
In which type of mutrāghāta their acute pain along with ādhmāna in the lower region of navel?

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सुश्रुत अनुसार नलादि क्षीर का रोगाधिकार है ?
According to Sushrut, rogādhikāra of Nalādi ksīra is ?

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मूत्रं हारिद्रमथवा सरक्तं रक्तमेव वा यह किसका लक्षण है ?
"Mūtram hāridramathavā saraktam raktameva vā" is the symptom of ?

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यदि कोई अज्ञपुरुष उपस्थित हुए मूत्रवेग को रोकता है तो बस्तिस्थित वायु बस्ति मुख को बन्द कर देता है , ऐसे व्यक्ति में किस तरह का मूत्राघात होने की सम्भावना होती है ?
If an unknown person stops the presence of mūtra vēga, then the settled vāta hinders the baṣtimukha, what kind of mūtrāghāta is there in such a person?

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