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Raktābhiṣyandapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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12. Raktābhiṣyandapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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क्षारान्जन निर्दिष्ट है -
Kshārānjana is indicated in -

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रक्तज अभिष्यन्द में आश्चोतन के लिए लाभदायक जल है -
In raktaj abhishyand, for aashchyotan, beneficial jala is -

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नेत्रपाक में हितकारक अञ्जन है -
Beneficial anjan in netrapaka is -

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रक्ताभिष्यन्द में किस घृत के पान का निर्देश है ?
Which Ghrita pāna is advised in Rakta Abhishyanda

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सिरोत्पात एवं सिराहर्ष में किस व्याधि के समान चिकित्सा करने का निर्देश मिलता हैं ?
What type of treatment should be done in Sirotpāta and Sirāharsha

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सुश्रुत मतानुसार, अर्जुन व्याधि में किस व्याधि के समान चिकित्सा विधि का प्रयोग किय़ा जाना चाहिये ?
Treatment for Arjuna Vyādhi should be done like which Vyādhi according to Sushruta ?

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द्वित्वग्गते सशूले वा ........... तर्पणं हितं सव्रणशुक्र रोग के सन्दर्भ में रिक्त स्थान की पूर्ति करे।
Fill in the blank in relation to treatment of savranashukra - "dwitvagate sashoole va ........ tarpanam hitam"

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किस अभिष्यन्द में वेदना नाश हेतु मृदु स्वेद का प्रयोग किया जाता है ?
In which abhishyand mrudu sweda is used for destroying pain ?

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रक्तमोक्षण किस व्याधि में निर्दिष्ट है ?
Raktamokshana is indicated in which disease?

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सव्रणशुक्र में किस अञ्जन का प्रयोग करना चाहिए ?
Which anjan should be used in savranashukra ?

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पाटल्यादी अञ्जन का प्रयोग किस अभिष्यन्द में निर्दिष्ट है ?
Use of Patalyadi anjan is indicated in which netraroga ?

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घर्षणं कार्य्यमथवा सैंधवेन किस नेत्रगत रोग की चिकित्सा है ?
"Gharshanam karyyamathva saindhaven" is the treatment of which netragat disorder ?

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नेत्रपाकहर अञ्जन में घृत व सैन्धव लवण को एक मास तक किस पात्र में सुरक्षित रखने का विधान है ?
In netrapaakahar anjan, ghrut and saindhav lavan should be kept in which container ( paatra ) for one month ?

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अर्जुन व्याधि में किस अंजन का प्रयोग किया जाना चाहिए ?
Which Anjana should be used in Arjuna Vyādhi

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पार्श्वतो विद्धां सुच्या विस्रावय किस नेत्र रोग की चिकित्सा है
"Pārshvato viddhām suchyā Visrāvya" is treatment for which Netra roga

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घृतस्य महती मात्रा पीता चार्ति नियच्छति किस अभिष्यन्द की चिकित्सा के सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Ghrutasya mahati matra peeta chaarti niyachchhati" is said in relation with treatment of which abhishyand ?

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सर्पि: सैन्धवताम्राणि योषित्स्तन्ययुतानि किस नेत्रगत रोग की चिकित्सा है ?
"Sarpi saindhavatamrani yoshitastanyayutani" is the symptom of which netragat roga ?

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सुश्रुतानुसार गोमांस एवं गोसर्पि से व्रणपूरण किस नेत्रगत रोग में निर्दिष्ट है ?
According to Sushrut, vranapuran with gomaansa and gosarpi is indicated in which netragat disorder?

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............ शोणितमोक्षणञ्जन हितं तथैवाप्य उपनाहनञ्च निम्न श्लोक को पूरा करे।
Complete the following shloka - ".......... shonitamokshan anjan hitam tathayvapya upanaahanch"

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सुश्रुत अनुसार चूर्णाञ्जन का प्रयोग निर्दिष्ट है -
According to Sushrut, use of Churna anjan is indicated in -

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