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Rasabhediya adhyaya Aiapget mcqs

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10. Rasabhediya adhyaya

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किस रस के अतियोग के कारण 'धातुक्षय अनिल व्याधि' यह लक्षण प्राप्त होता है?
"Dhātu kshaya anila vyādhi" is symptom of excessive intake of which Rasa

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..............क्षालयते मुखं । रिक्त स्थान में है-
"..........kshālayate mukham" fill in the blank

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क्लेदमेदोवसामज्जशकृन्मूत्रोपशोषण:' किसका कार्य है
“Kleda meda vasā majjā shakrida mūtropashoshanah “ is kārya of

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मधूकं मधुकं बिम्बी विदारी श्रावणीयुग्म' किस स्कंध मे आते है
"Madhukam madhukam bimbī vidārī shrāvanī yugma" comes under which Skamdha

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अष्टांगहृदय अनुसार सीसा धातु किस स्कंध में है
Sīsā dhātu comes under which Skamdha according to Ashtāmga house

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तिमिर व्याधि किस रस के अतिसेवन से होती है ?
Timira occurs due to excessive intake of which rasa

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छिनत्ति बंधान् स्त्रोतांसि विवृणोति कफापह: किस रस का कर्म है ?
“Chinnati bamdhān srotāmsi vivrinoti kaphāpahah” is karma of which rasa

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कटु द्रव्य अवृष्य व वातप्रकोपक होते है सिवाय -
Katu dravya are avrishya and vāta prakopaka except

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कटु रस के अतिसेवन से उत्पन्न रोग है - ( अष्टांग हृदय )
Disease due to excessive intake of Katu rasa is - ( Ashtanga Hrudya )

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "कुरुते सोSतियोगेन तृष्णां शुक्रबलक्षयम्। मूर्च्छामाकुंचनं कंपं कटिपृष्ठादिषु व्यथाम्" कटु रस के अति सेवन से होने वाले परिणाम हैं। कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार घृत मधुर वर्ग में आता हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Kurute So Atiyogena Trushnām Shukrabalakshayam, Mūrchchhāmākunchanam Kampam Katiprushthādishu Vyathām" is the effect caused by excess intake of Katu Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Ghruta comes under Madhura Varga.

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कथन 1."जात्येत जिह्वां कण्ठः स्रोतो विबंधकृत"तिक्त रस का गुण है । (A.H.) कथन 2."जात्येत जिह्वां कण्ठः स्रोतो विबंधकृत"कषाय रस का गुण है । (A.H)
Statement 1- "Jātyet Jihvām Kanthah Stroto Vibandhakrut" is the property of Tikta Rasa. ( A. H.) Statement 2- "Jātyet Jihvām Kanthah Stroto Vibandhakrut" is the property of Kashāyā Rasa. ( A. H.)

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कंठ्य: स्तन्यसंधानकृत' किस रस का कार्य है
"Kamthyah stanyasamdhānakrita" is kārya of which rasa

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भल्लातक का स्कंध है - ( अष्टाङ्ग हृदय )
Skamdha of Bhallātaka is

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वाग्भटानुसार "अक्षप्रसादन" किस रस का विशिष्ट कर्म है ?
According to Vāgbhata, "Akshaprasādana" is the specific function of which rasa ?

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लवण रस के द्विक संयोग है-
Dvika Sāmudga (combination) of Lavana rasa are

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स्यन्दयत्यास्य किस रस का लक्षण हैं ?
"Syandayatyāsya" is symptom of which Rasa

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उद्वेजयति जिव्हाग्रं" किस रस का लक्षण हैं ?
“Udvejayati jivhāgram” is symptom of which rasa

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पथ्या, अक्ष, शिरीष, खदिर किस स्कंध मे आते है (अष्टांगहृदय)
Pathyā, aksha, shirīsha, khadira are found in which Skamdha (Ashtāmga Hridaya)

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किस रस का कर्म "स्तन्यकण्ठविशोधन" है ?
“Stanya kantha vishodhana” is karma of which rasa

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क्लेदमेदोवसामाज्ज शकृन्मूत्रोपशोषण: किस रस का कार्य है ?
“Kleda medo vasā majja shakrinmūtropashoshanah” is kārya of which rasa

21 / 140

दोषभेषजवशादुपयोज्या: किसके सन्दर्भ में कहा गया है ?
"Dosha bheshaja vashādaupyojyāh" has been said in context of

22 / 140

विशदयति आस्यम्' किस रस का लक्षण है
"Vishadayati āsyama" is symptom of which rasa

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वाग्भट्ट मतानुसार, कृमिनाशक गुण किस रस में है ?
Which rasa is Krimināshaka according to Vāgbhata ?

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जात्येत जिह्वां कण्ठः स्रोतो विवंधकृत किसका गुण है
"Jatayeth jihwam kanta srotho vibandhakruth" is the property of -

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कपोलौ दहतीव च किस रस का लक्षण हैं ?
“Kapolau dahatīva cha “ is symptom of which Rasa

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रजत किस स्कंध में वर्णित है ?
Rajata is explained in which Skamdha

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कुरुते सोSतियोगेन तृष्णां शुक्रबलक्षयम्। मूर्च्छामाकुंचनं कंपं कटिपृष्ठादिषु व्यथाम्।। उपरोक्त श्लोक में .......रस के अति सेवन के परिणामों का वर्णन किया है।
"Kurute so atiyogena trishnām shukra bala kshayam. Mūrchchām ākumchanam kampam katiprishthādishu vyathāma. These symptoms are result of excessive intake of which Rasa

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार तिमिर अम्ल रस के अधिक सेवन करने से होता हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार "मूढवातनुलोमनः" अम्ल रस का कर्म हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Timira is caused by excess intake of Amla Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Mūdhavātānulomah" is the characteristic of Amla Rasa.

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रसों की कल्पना होती है ?
Rasa kalpanā are

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रसों के त्रिक संयोग में निम्न में से सही है
What is true about trika samyoga (combinations) of rasa

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रसों के सन्दर्भ में उत्तरोत्तर उष्णता के आधिक्य का सही क्रम है -
Correct order of gradually increasing ushnatā in the context of rasa is -

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हृद्य: रस है -
"Hridhyah" rasa is

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार दो रसों से पंद्रह संयोग बनते हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार तीन रसों से बीस संयोग बनते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Fifteen combinations are made from Two Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Twenty combinations are formed from Three Rasa.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार मधु मधुर और कषाय गण में वर्णित है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार भिलावा कषाय गण में वर्णित है ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Madhu is described in Madhura and Kashāya Gana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Bhilāvā is described in Kashāya Gana.

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कण्ठस्त्रोतोविबंधकृत किस रस का लक्षण हैं ?
“Kantha sroto vibandha krita” is symptom of which rasa

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उर्ध्वगामी स्वभाव वाले द्रव्यों का माहाभूत संगठन है -
Dravyas with urdhava gāmī svabhāva are composed of which mahabhutās

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वक्त्रमनुलिम्पति किस रस का लक्षण हैं ?
"Vaktratāmanulimpati" is symptom of which Rasa

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अम्ल रस के चतुष्क संयोग कितने है ?
How many are Chatushaka samyoga (combinations) of amla rasa

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स्वयमरोचिष्णुररुचिकिस रस के लिए कहा गया है ?
“Svayama arochishnu aruchi” has been said for which Rasa

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गैरिक किस स्कंध में वर्णित है ?
Gairika is explained in which Skamdha

41 / 140

स्वर्ण किस स्कंध में वर्णित है ?
Svarna is explained in which Skamdha

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रोपण कर्म किस रस का है (अष्टांगहृदय)
Ropana karma is karma of which Rasa (Ashtāmga Hridaya)

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अष्टांग हृदय मतानुसार, रसों के सन्दर्भ में उत्तरोत्तर गुरुता के आधिक्य का सही क्रम है -
According to Ashtanga Hrudya, Correct sequence of gradually increase in gurutā in relation to rasa is -

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चतुष्क रस संयोग है
Chatushka rasa samyoga are

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तिक्त रस के द्विक संयोग है -( वाग्भट )
Dvika samyoga(combination) of tikta rasa are - ( Vagbhat )

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निम्न में विरेचक है
Which of the following is Virechaka

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कथन 1.अष्टांग हृदय अनुसार गिलोय अवृष्य होती हैं । कथन 2. .अष्टांग हृदय अनुसार गिलोय वृष्य होती हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Giloya is Avrushya. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Giloya is Vrushya.

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आचार्य वाग्भट ने लवण स्कंध में किसका वर्णन किया है
What has Āchārya Vāgabhatta has described in lavana skamdha

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. "कंठ्य" रस है -
“Kamthya” rasa is

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त्वक्प्रसादन: किस रस का कर्म है ?
"Tvaka prasādanah" is karma of which rasa

51 / 140

दों-दों रसों के कितने संयोग है
How many are combinations of 2-2 Rasa

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किस रस के अतिसेवन से "हृद्रुज"होती है ?
Excessive intake of which rasa causes “hridaruja”

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नक्तमाल - द्विरजनी - मुस्त - मूर्वा - आटरूषक किस स्कंध मे आते है
Naktamāla-dvīrajanī-musta-murvā-ātarūshaka" comes under which Skamdha

54 / 140

अक्षिभ्रुवनिकोचन: किस रस का लक्षण हैं ?
“Akshi bhruva nikochanah” is symptom of which rasa

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "कपोलगलदाहकृत" लवण रस का लक्षण है - कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार "कपोलौ दहतीव च" लवण रस का लक्षण हैं ?
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Kapolagaladāhakrut" is the characteristic of Lavana Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Kapolau Dahatīva cha" is the characteristic of Lavana Rasa.

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..........स्तम्भसंघातबंधविध्मापनोऽग्निकृत"रिक्त स्थान में है -
“............Stambha samghāta bandha vidhmāpano agnikrita” fill in the blank

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A. अष्टांग हृदय अनुसार सभी अम्ल द्रव्य पित्त वर्धक होते हैं । R.अष्टांग हृदय अनुसार दाड़िम और आंवला अम्ल होने के बावजूद पित्त वर्धक नहीं होते हैं ।
A. According to Ashtānga Hrudya, all amla dravya increases Pitta. R. According to Ashtānga Hrudya, Dādima and Āvalā does not increases Pitta even after being Amla.

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तिक्त द्रव्य प्राय: अवृष्य व वात प्रकोपक होते है सिवाय-
Tikta dravya are avrishya and vāta prakopaka except

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महत्पंचमूल किस स्कंध में है ?
Mahatpamchmūla is in which Skamdha

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "क्लेदमेदोवसामज्जशकृन्मूत्रोपशोषण:' कषाय रस का कर्म है । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार "क्लेदमेदोवसामज्जशकृन्मूत्रोपशोषण:' तिक्त रस का कर्म है ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Kledamedovasāmajjashakrunmūtropashoshanah" is the property of Kashāyā Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Kledamedovasāmajjashakrunmūtropashoshanah" is the property of Tikta Rasa.

61 / 140

पद्म व उत्पलादि गण किस स्कंध में वर्णित है ?
Padma and Utpalādigana are explained in which Skamdha

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करोति कफपितास्त्रं मूढवातानुलोमन: किस रस का कर्म है ?
"Karoti kapha pitta asram mūdhavātanulomanah" is karma of which Rasa
ed

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार बलात्रय मधुर गण में वर्णित है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार मधुर गण में हेम और क्षौद्र वर्णित है ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Balātraya is mentioned in Madhura Gana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Hema and Kshaudra is mentioned in Madhura Gana.

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प्रिय पिपीलिकादीनां किस रस का लक्षण हैं ?
"Priya pipīlikādīnām" is symptom of which Rasa

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रसों के कुल भेद है
Types of Rasa are

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पटु रस की उत्पत्ति में किन महाभूतों की उल्वणता है -
Mahābhūta ulvanatā in the formation of Patu Rasa

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कषाय रस की उत्पत्ति में किन महाभूतों की उल्वणता है -
Mahābhūta ulvanatā in the formation of Kashāya rasa

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ऐसे मधुर द्रव्य जो मधुर रस युक्त होते हुए भी श्लेष्मल नही होते-
Madhura dravya with madhura rasa but are not shleshmala are

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रूक्षोsति त्वक् प्रसादन' किस रस का कार्य है
"Ruksho ati tvaka prasādana" is kārya of which rasa

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कुठेरादिवर्ग व हरीतक वर्ग किस स्कंध में वर्णित है ?
Kutherādi varga and harītaka varga are explained in which Skamdha

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार रसों के संयोग 57 होते हैं। कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार रसों की कल्पना 63 होती हैं।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Samyoga of Rasa are 57. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Kalpanā of Rasa are 63.

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उशीर का स्कंध है -
Skamdha of ushīra is

73 / 140

मधुर रस के अधिक सेवन से उत्पन्न रोग है -
Disease due to excessive intake of madhura rasa

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अक्षि के लिए पथ्य एकमात्र लवण है -
The only pathya Lavana for Eye is

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अर्बुद की उत्पत्ति किस रस के अत्यधिक उपयोग से होती है ?
Excessive intake of which Rasa causes Arbuda

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उष्णवीर्यो हिमस्पर्श: प्रीणन: क्लेदनो लघु:' किसके लक्षण है
"Ushnavīryo himasparshah prīnanah kledano laghuh " are the symptoms of

77 / 140

मेध्य रस है -
Medhya rasa is

78 / 140

बलात्रय किस स्कंध में वर्णित है ?
Balā traya are mentioned in which skandha

79 / 140

एकमात्र कषाय द्रव्य जो कषाय होते हुए भी शीत वीर्य व स्तंभन नही करता है -
The only Kashāya dravya which does not have Shīta virya and is not stambhana kāraka

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मधुर रस की उत्पत्ति में किन महाभूतों की उल्वणता है -
Mahābhūta ulvanatā in the formation of Madhura Rasa

81 / 140

अष्टांग हृदय केअनुसार चतुष्क रससंयोग के कितने भेद है ?
How many types of chatushaka rasa samyoga are described in Āshtanga hRidaya ?

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तिक्त रस की उत्पत्ति में किन महाभूतों की उल्वणता है -
Mahābhūta ulvanatā in the formation of Tikta rasa

83 / 140

अष्टांगहृदयानुसार, अम्लवर्ग में निम्नलिखित कौनसे धातुको सम्मिलित किया गया है ?
According to Ashtānga Hrudya, which of the following metal is included in amla varga ?

84 / 140

आजन्मसात्म्यात् किस रस के लिए कहा गया है ?
“Ājanmasātmyāta” has been said for which rasa

85 / 140

अष्टांगहृदय में कांस्य धातु किस स्कंध में है
Kāmsya dhātu comes under which Skamdha according to Ashtāmga Hridaya

86 / 140

A. अष्टांग हृदय अनुसार "अम्लोऽग्निदीप्तिकृत्स्निग्धो हृद्य पचनरोचन" अम्ल रस का गुण हैं । R. अष्टांग हृदय अनुसार अम्ल रस शीत वीर्य होता हैं ।
A - According to Ashtānga Hrudya, "Amlo Agnidīptikrutsnigdho Hrudya Pachanarochana" is the property of Amla Rasa. R - According to Ashtānga Hrudya, Amla Rasa is of Shīta Vīrya.

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कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार पांच रसों से छ संयोग बनते हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार तीन रसों से 15 संयोग बनते हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Six combination are made from five Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, 15 combination are made from three Rasa.

88 / 140

............पित्तकफाहा गरूरस्त्रविशोधन: रस के सन्दर्भ में रिक्त स्थान में है -
".........pitta kaphāhā garurastravishodhanah" fill in the blank in context of Rasa

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कथन 1. अष्टांग हृदय सभी कषाय द्रव्य शीतल और स्तंभन करते हैं सिवाय अभया के । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार सभी लवण आंखो के लिए अपथ्य होते हैं,सिवाय सैन्धव के ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, all Kashāya dravya are Shītala and Stambhana except Abhayā. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, all Lavana are not beneficial for eyes except Saindhava

90 / 140

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "धातुक्षयानिलव्याधीनतियोगात्करोति" तिक्त रस के अधिक सेवन के लिए कहा गया है । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार त्वक प्रसादन कषाय रस का कर्म हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Dhātukshayānilavyādhīnatiyogātkaroti" is said for excess intake of Tikta Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Tvak Prasādana" is the karma of Kashāyā Rasa.

91 / 140

अष्टाङ्गहृदय ने मधु को किस स्कंध में रखा है
Madhu has been kept in which Skamdha in Ashtāmga Hridaya

92 / 140

रसों के सन्दर्भ में उत्तरोत्तर स्निग्धता के आधिक्य का सही क्रम है -
What is the correct sequence of snigdhatā(progressive) in context of rasa

93 / 140

विशदयत्यास्य किस रस का लक्षण हैं ?
"Vishadayatyāsya" is symptom of which Rasa

94 / 140

धातुक्षयानिलव्याधीनतियोगात्करोति किस रस के लिए कहा गया है ?
“Dhātu kshaya anila vyādhīna atiyogātkaroti” has been said for which Rasa

95 / 140

अम्ल रस के त्रिक संयोग कितने है ?
How many are trika samyoga(combinations) of Amla Rasa

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अम्ल द्रव्य जो पित्तवर्धक नही है -
Which amla dravya is not pitta vardhaka

97 / 140

कौनसा मधुर द्रव्य कफकारक नहीं है
Which of the following dravya is not kapha kāraka

98 / 140

कौनसा कटु द्रव्य अवृष्य नहीं है
Which katu dravya is not avrishya

99 / 140

स्त्रावायात्यक्षिनासास्यं किस रस का लक्षण हैं ?
“Srāvāyātyakshināsāsyam” is symptom of which rasa

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सोsतियुक्तोsत्रपवनं खलति पलितं वलिम्' किस रस के अतिसेवन से सम्बंधित है
"Soatiyukto atrapavanam khalita palitam valim" this is related to excessive intake of which rasa

101 / 140

वासा किस स्कंध में वर्णित है ?
Vāsā is explained in which Skamdha

102 / 140

उदर्द नाशक रस है -
Udarda nāshaka rasa is

103 / 140

स्नेहमद: क्लेदोपशोषण: किस रस का कर्म है -
“Snehamadah kledopashoshanah” is karma of which Rasa

104 / 140

मधुर रस के त्रिक संयोग कितने है ?
How many are trika samyoga(combinations) of madhura rasa

105 / 140

मधुर रस के द्विक संयोग -
Dvika samyoga of madhura rasa are

106 / 140

अष्टाङ्गहृदय अनुसार चार - चार रसों के संयोग कितने होते है
How many are the combinations of 4-4 Rasa according to Ashtāmga Hridaya

107 / 140

शोथकारक व शोथनाशक रस है क्रमशः -
Shodhanārtha and shothanāshaka rasa respectively are

108 / 140

कुष्ठनाशक व कुष्ठकारक रस है क्रमशः -
Kushthanāshaka and kushthakāraka rasa respectively are

109 / 140

पालेवात किस स्कंध में वर्णित है -
Āmavāta is explained in which Skamdha

110 / 140

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "मूढवातनुलोमनः "अम्ल रस का कर्म हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार "मूढवातनुलोमनः" लवण रस का कर्म हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Mūdhavātānulomah" is the function of Amla Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Mūdhavātānulomah" is the function of Lavana Rasa.

111 / 140

क्षार किस स्कंध में वर्णित है ?
Kshāra is explained in which Skamdha

112 / 140

पीडनो रोपण: शीत: क्लेदमेदोविशोषण: किस रस का कर्म है ?
"Pīdano ropanah Shītah kledamedovishoshanah" is karma of which Rasa

113 / 140

कटु रस के द्विक संयोग है -
Dvika samyoga (combinations) of rasa are

114 / 140

अम्ल रस की उत्पत्ति में किन महाभूतों की उल्वणता है -
Mahābhūta ulvanatā in the formation of Amla Rasa

115 / 140

सहाद्वय वर्णित है -
Sahādvaya is explained in

116 / 140

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "वक्त्रनुलिम्पति " मधुर रस का लक्षण हैं । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार "क्षालयते मुखम" अम्ल रस का लक्षण हैं ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Vaktranulimpati" is the characteristic of Madhura Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Kshālayate Mukham" is the characteristic of Amla Rasa.

117 / 140

पाँच-पाँच रसों के कितने संयोग होते है
How many are combinations of 5-5 rasa

118 / 140

व्रणावसादन: किस रस का कर्म है ?
“Vranavasādanah” is karma of which rasa

119 / 140

मूढ़वातानुलोमन किस रस का कार्य है (अष्टांगहृदय)
Mudha vātānulomana is kārya of which rasa

120 / 140

रसं प्रतिहन्ति च किस रस का लक्षण हैं ?
"Rasam pratihanti cha" is symptom of which Rasa

121 / 140

कपोलगलदाहकृत रस है -
"Kapola gala dāha krita" Rasa is

122 / 140

हृच्छूल में कषाय रस वाले द्रव्यों का एकांतिक प्रयोग करने से -
In "Hrida shūla" ekāmtika prayoga of dravya with Kashāya rasa causes

123 / 140

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार "स्वयमरोचिष्णुररुचि"तिक्त रस के लिए कहा गया है कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार "क्लेदमेदोवसामाज्ज शकृन्मूत्रोपशोषण:"तिक्त रस का कर्म है ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, "Svayamarochishnuraruchi" is said for Tikta Rasa. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, "Kledamedovasāmajjashakrunmūtropashoshanah" is the function of Tikta Rasa.

124 / 140

अंजन किस स्कंध में वर्णित है ?
Amjana is explained in which Skamdha

125 / 140

अष्टाङ्गहृदय ने कांस्य को किस स्कंध में रखा है
Kāmsya is part of which Skamdha according to Ashtāmga Hridaya

126 / 140

निम्न में अधिक शीत वीर्य है
Which of the following is more shīta Vīrya

127 / 140

अम्ल रस के अति सेवन से उत्पन्न रोग है -
Disease due to excessive intake of Amla Rasa is

128 / 140

कांस्य किस स्कंध मे है (अष्टांग हृदय)
Kāmsya is in which skamdha(Ashtāmga Hridaya)

129 / 140

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार सभी लवण आंखो के लिए अपथ्य होते हैं । कथन 2.अष्टांग हृदय अनुसार सभी लवण आंखो के लिए अपथ्य होते हैं,सिवाय सैन्धव के ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, all Lavana are unfavourable for eyes. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, all Lavana are unfavourable for eyes, except Saindhava.

130 / 140

किस रस के अतिसेवन से "पौरुषभ्रंश"होता है -
"Paurusha bhramsha" is due to excessive intake of which Rasa

131 / 140

A. अष्टांग हृदय अनुसार "आजन्मसात्म्यात्कुरूते धातूनां प्रबलं बलम" मधुर रस का गुण हैं । R. अष्टांग हृदय अनुसार मधुर रस पित्त अनिल विष का नाश करता हैं।
A. According to Ashtānga Hrudya, "Ājanmasātmyātkurūte Dhātūnām Prabalam Balam" is the property of Madhura Rasa. R. According to Ashtānga Hrudya, Madhura Rasa destroys Pitta Anila Visha.

132 / 140

रसों के सन्दर्भ में उत्तरोत्तर लघुता के आधिक्य का सही क्रम है -
The correct ascending sequence of Laghutā with respect to Rasa
ed

133 / 140

कथन 1. अष्टांग हृदय अनुसार पंचकोल कटु गण में वर्णित है । कथन 2. अष्टांग हृदय अनुसार भिलावा कटु गण में वर्णित है ।
Statement 1- According to Ashtānga Hrudya, Panchakola is described in Katu Gana. Statement 2- According to Ashtānga Hrudya, Bhilāvā is described in Katu Gana.

134 / 140

कटु रस की उत्पत्ति में किन महाभूतों की उल्वणता है -
Mahābhūta ulvanatā in the formation of katu rasa

135 / 140

व्रणावसादन: स्नेहमेद: क्लेदोपशोषण:' किस रस का कार्य है
"Vranavasādanah snehamedah kledopashoshanah" is kārya of which Rasa

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सन्धानकृत् किस रस का कर्म है ?
"Sandhānakrita" is karma of which Rasa

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निम्न मे विरेचक नहीं है
Which of the following is not virechaka

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हिंगु, कृमिजीत, पंचकोल किस स्कंध के द्रव्य है
Himgu, krimijīta, pamchakola are Dravyam of which Skandha

139 / 140

वंशलोचन किस स्कंध में वर्णित है ?
Vamshalochana is explained in which Skamdha

140 / 140

अष्टाङ्गहृदय अनुसार आमस्तंभन किस रस का कर्म है
Āma stambhana is karma of which Rasa according to Ashtāmga Hridaya

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1 thought on “Rasabhediya adhyaya Aiapget mcqs”

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