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Sōshapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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41. Sōshapratiṣēdh Adhyāyaḥ

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दुर्गन्धवदनोच्छवासो भिन्नवर्णस्वरो नरः किस शोष का लक्षण है ?
"Durgandhavadanouchchhvaso bhinnavarnaswaro matah" is the symptom of which shosha ?

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राजयक्ष्मा की चिकित्सार्थ किस वर्ग की औषधियों से सिद्ध घृत के प्रयोग का निर्देश मिलता है ?
For the treatment of rajayakshma, aushadhi siddha ghrut of which varga is used ?

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दुर्विज्ञेयो दुर्निवार: ........ व्याधिर्महाबलः
"Durvigyeyo durnivar ........ vyadhirmahabala"

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सुश्रुत के अनुसार शोष में परिहार्य विषय है -
According to Sushruta, which is avoidable in Shosha

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भिन्न कांस्यपात्रहतस्वर किस व्याधि का लक्षण है ?
"Bhinna kansyapatrahataswara" is the symptom of which disease ?

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अनेकरोगानुगतो बहुरोगपुरोगम: किस रोग के लिए कहा गया है ?
"Anekaroganugato bahurogapurogama" is said for which disease ?

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व्यवाय शोषी की विशिष्ट चिकित्सा है -
Specific treatment of vyavay shoshi is -

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प्रसुप्तगात्रावयव: शुष्कक्लोमगलाननः किस शोष का लक्षण है ?
"Prasuptagatra avayav shushkaklomagalaanan" is the symptom of which shosha ?

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सुश्रुत अनुसार "अनेकरोग नुतो बहुरोगपुरोगम" रोग है-
According to Sushrut, " anekarog nuto bahurogapurogama" disease is -

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कितने समय तक अगर यक्ष्मा रोगी अजा क्षीर, घृत, शकृतादि का अभ्यंग,स्नान व पानादि में प्रयोग करें तो उसका यक्ष्मा ठीक हो जाता है -
For how long, if Yakshamā rogi uses Ajā Kshīra, Ghrita and Shakrutādi for abhyanga, Snāna and Pānādi can cure Yakshamā

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राजयक्ष्मा के पूर्वरुपों के सन्दर्भ में असत्य कथन है -
Which of the following is wrong with respect to the purwarūpa of Rājyakshamā

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शोष रोगी के लिए किस मांसाहार का विधान है ?
Which maansa aahar is indicated in patients of shosha ?

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राजयक्ष्मा के साध्यता सूचक लक्षण है -
Symptoms indicating sadhyata of rajayakshma is / are -

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किससे बने पदार्थ राजयक्ष्मा रोगी के लिए पथ्य है -
Padarth made from which of the following are beneficial in the patient of rajayakshma ?

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सुश्रुत अनुसार द्विपञ्चमूली घृत का प्रयोग किस व्याधि में निर्दिष्ट है ?
According to Sushrut, use of dwipanchamooli ghrut is Indicated in which disease ?

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आचार्य सुश्रुत के अनुसार शोष के कितने प्रकार माने गये है ?
According to Sushrut, how many types of shosha are being mentioned ?

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कृशो मन्दवीर्यबुद्धिबलेन्द्रिय किस शोष का लक्षण है ?
"Krusho mandaviryabuddhibalindriya" is the symptom of which shosha ?

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शोष रोग में किस स्त्रोतस की दुष्टि होती है ?
Which Strotas gets violated ( dushta ) in shosha disease ?

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यक्ष्महर घृत में किन प्राणियों के पुरिष निष्पीडित रस का प्रयोग किया जाता है ?
In Yakshagana Ghrita, which animal Purīsha nishpīdita rasa is used

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सुश्रुत के अनुसार लक्षणों का समूह जो कि यक्ष्मा के एकादश रुपों में तो परिगणित है मगर षड रुपों में नही-
According to Sushrut, group of symptoms which are included in ekadash roop of yakshma but in shada roop is -

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यक्ष्मा की चिकित्सार्थ किस प्राणी के निवास स्थान, मूत्र, शकृत क्षीर एवं घृत का सेवन करने का विशेष रूप से निर्देश मिलता है ?
During the treatment of Yakshmā, which animal place, Mūtra, shakruta, Kshīra and Ghrita sevana is advised
ed

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सुश्रुत के अनुसार ऐसा लक्षण जो कि यक्ष्मा के षडरुपों में तो परिगणित है मगर एकादश रुपों में नही -
According to Sushrut, the one symptom which is included in shada roop of yakshma but not in ekadash roop -

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सुश्रुत अनुसार किस घृत के सेवन काल में कुछ भी वर्जनीय नहीं है ?
According to Sushrut, in the intake period of which ghrut nothing is contraindicated ?

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एकादश रुपों में परिगणित "स्वरभेद" एवं "कंठोध्वंस" नामक लक्षण किन दोषों के प्राधान्य से माने गये है क्रमशः-
"Swarabheda" and "kanthodhvansa" which are included in ekadash roop are due to predominance of which dosh respectively -

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सुश्रुत ने उर:क्षत के क्या कारण माने है -
What is cause mentioned for urakshata according to Sushrut ?

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शोष के एकादश रूप में समाविष्ट रक्तष्ठीवन में कारणीभूत दोष है -
Causative dosh in raktshthivan which is included in ekadash roop of rajayakshma is -

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पाण्डुता किस शोष का लक्षण है ?
Panduta is the symptom of which shosh ?

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शोष के एकादश रूप में समाविष्ट कास में कारणीभूत दोष है -
Causative dosh in kaas which is included in ekadash roop of rajayakshma is -

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किस रोगाधिकार में कहे हुए घृत का प्रयोग राजयक्ष्मा में करना चाहिए ? ( सुश्रुत )
Ghrut mentioned in which rogadhikar should be used for rajayakshma ? ( Sushrut )

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शोष रोग में किस स्त्रोत्स की दुष्टि होती है ?
Which strotasa gets vitiated in Shosha disease ?

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सुश्रुत के अनुसार राजयक्ष्मा की चिकित्सार्थ विशेष रूप से उपयोगी द्रव्यों का समूह है -
According to Sushrut, group of dravyas specifically used for the treatment of rajayakshma are -

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शोकशोषी के लक्षण किसके समान होते है ?
Symptoms of shokashoshi are similar to ?

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शुक्लेक्षणो भवति मांसपरो रिरंसु: किस व्याधि का पूर्वरूप है ?
"Shuklaakshano bhavti maansaparo riransu" is the purvaroop of which disease ?

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राजयक्ष्मा के असाध्यता सूचक लक्षण है -
Symptoms of rajayakshma indicating asadhyata is/are -

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व्रण शोष की साध्यासाध्यता होती है -
Sadhyasadhyata of vrana shosha is -

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राजयक्ष्मा की चिकित्सार्थ उत्सादन कर्म हेतु निर्दिष्ट द्रव्य है -
For the treatment of rajayakshma, dravya used for utsadan karma is -

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अश्वगन्धादि चूर्ण का लेहनार्थ प्रयोग किस व्याधि में निर्दिष्ट है ?
Use of ashvagandha churna for lehan purpose is indicated in which disease ?

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राजयक्ष्मा के एक रोगी में कास,ज्वर व रक्तष्ठिवन लक्षण मिलते हैं, तो यक्ष्मा की साध्यासाध्यता होगी -
A patient of rajayakshma having symptoms of kaas , shwasa and raktshthivan , then sadhyasadhyata of yakshma would be -

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